Worksheets49.भगवद गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_11.01–11.15
Total questions: 38
Worksheet time: 26mins
महाविष्णु का करण स्वरूप कौन है?
भगवान शिव
ब्रह्मा
कृष्णा
इनमे से कोई नही |
भौतिक ब्रह्मांड भगवान के किस विस्तार से उद्भव है ?
महाविष्णु
क्षीरोदकशायी विष्णु
गर्भोदकशायी विष्णु
तीनों से
अर्जुन कृष्ण का विराट रूप क्यों देखना चाहता था
कृष्ण की अलौकिकता स्थापित करने के लिए
कृष्ण का मित्र होने के कारण
अर्जुन देखना चाहता था कृष्णा ने जो बोला वो सच है या झूठ
अर्जुन नहीं देखना चाहता था
अर्जुन ने कृष्णा को कमलनयन कहकर क्यों संबोधित किया ?
कृष्णा को कमल के फूल पसंद थे |
कृष्णा का मित्र होने के कारण प्रेम में कह दिया |
कृष्ण के नेत्र कमल के फूल की पंखुड़ियों जैसे दिखते हैं |
इसके लिए कारण की क्या आवश्यकता है वैसा ही कहा दिया |
सर्वत्र स्वयं उपस्थित नहीं रहते हुए भी भगवान सर्वव्यापी कैसे हैं?
अपनी शक्तियो के माध्यम से |
अपने विस्तारो के माध्यम से |
दोनो सही है |
हमें नहीं लगता भगवान सर्वव्यापी है |
यह दृश्यजगत कैसे सम्भव हो सका और चल रहा है?
माया देवी ने इच्छा की और दृश्य जगत संभव हो गया |
ब्रह्म जी ने इच्छा की और संभव हो सका |
प्रकृति से मिले रसायनो से
भगवान ने अपने अंश स्वरूप में ब्रह्माण्ड के भीतर प्रवेश किया है, फलतः यह दृश्यजगत सम्भव हो सका है और चल रहा है
जो खुद को भगवान का कृष्ण कहते हैं कलयुग में उनसे श्लोक 11.3 में क्या करने को कहना है ?
विराट रूप दिखाने को |
बांसुरी बजाने को |
रास लीला दिखाने को |
गीता सुनाने को |
हम भगवान का अनुभव क्यों नहीं कर पाते हैं?
हमारी इंद्रिया सिमित है
वर्तमान में हमारी इंद्रियां भौतिक हैं
दोनो ही सही है
ये सवाल गलत है
बिना ________ किए कृष्ण को समझ पाना संभव नहीं है ?
दान |
ध्यान |
ज्ञान अर्जित |
भक्ति
श्लोक संख्या 11.4 में भगवान को योगेश्वर कहकर क्यों संबोधित किया गया ?
क्योंकि भगवान अखिल ब्रह्माण्ड के स्वामी हैं |
क्योंकि भगवान योगी के परम लक्ष्य है |
क्योंकि भगवान परमेश्वर है |
क्योंकि भगवान् के पास अचिन्त्य शक्ति है|
भगवान का विराट रूप वैकुंठ जगत में नित्य रहता है ?
हां नित्य रहता है |
नित्य नहीं रहता |
हम नहीं कह सकते क्योंकि इसका वर्णन कहीं नहीं है |
ये भौतिक जगत में नित्य विद्यामान रहता है |
क्या भक्त भगवान के विराट रूप को देखने का इच्छुक रहता है ?
हां, भक्त चिंतन करता करता है विराट रूप का |
नहीं, भक्त तो भगवान का द्विज भुजाओं वाले श्यामसुंदर स्वरूप के दर्शन चाहता है |
सभी रूप एक जैसे है भक्त को फ़र्क नहीं पड़ता |
मैं गीता के अनुसार इस पर टिपणी नहीं कर सकता |
श्लोक संख्या 11.5 में कितने प्रकार के वसु का वर्णन मिलता है?
5
6
7
8
11.5 श्लोक संख्या में कितने प्रकार के रुद्र बताए गए है ?
11
12
13
14
अर्जुन विश्व रूप के माध्यम से कैसे देख पा रहा था की कौन सी वस्तु कंहा पर स्थित है ?
इस में कुछ नया नहीं है आप और मैं सब देख सकते हैं |
अर्जुन महान योद्धा था उसके लिए संभव था |
अर्जुन कृष्ण का मित्र था इसिलिए |
भगवान की कृपा से प्रदान की गई दिव्य दृष्टि के माध्यम से |
जो भक्त कृष्ण के साथ दिव्य सम्बन्ध से बँधे हैं, वे उनके ऐश्र्वर्यों के ईश्र्वरविहीन प्रदर्शनों से नहीं, अपितु उनके _____________ से आकृष्ट होते हैं?
विराट रूप से |
उनकी शक्तियो से |
शारिरिक क्रांति से |
प्रेममय स्वरूपों से |
कृष्णा के साथ बाल लीला करने वाले बालक भागवतम के अनुसार कौन थे ?
हमारी और आप की तरह सामान्य जीव आत्मा थी |
कुछ पुण्य कमाए हुए जीव थे |
भगवान के शुद्ध भक्त थे |
ऐसा वर्णन तो नहीं है कहीं भी |
श्लोक संख्या 11.9 में संजय किस राजा को युद्ध भूमि में घटी बात बता रहा है ?
धृतराष्ट्र |
द्रोणाचार्य |
कृपाचार्य |
वशिष्ठ मुनि |
श्लोक संख्या 11.10 में अर्जुन ने कितने मुख, नेत्र ,आश्चर्यमय दृश्य देखे?
5 |
64 |
101 |
असंख्य |
भगवान का विश्व रूप सारे ब्रह्माण्ड में फैला था, किन्तु अर्जुन उन्हें एक स्थान पर बैठे-बैठे देख रहा था, ये किस कारण था?
कृष्ण की अचिन्त्य शक्ति के कारण
युद्ध भूमि की पवित्रता के कारण
अर्जुन की शक्ति के कारण
ऐसा तो गीता में वर्णन नही है
भगवान के विश्वरूप के तेज की तुलना किस से की गई है?
हजारो चंद्रमा के प्रकाश से |
हजारो सूर्य के प्रकाश से |
हजारो सितारो के प्रकाश से |
गीता में ऐवर्णन नही है |
किस के अनुग्रह से युद्ध भूमि में संजय सारी घटनाओं को देख सकता था ?
व्यासदेव जी के
नारद मुनि जी के
माधवेंद्र पुरी जी के
रामानुजाचार्य जी के
वैदिक शास्त्रो में कितने ब्रह्माण्ड और लोको का वर्णन है ?
एक
एक सौ
एक हजार
अनेका अनेक
क्या शास्त्रों के अनुसार समस्त ब्रह्माण्ड और उन में स्थित लोक हमारी पृथ्वी की तरह मिट्टी के बने है
जी हाँ यह शास्त्रों का मत है
शास्त्र में इसका वर्णन नहीं है
इसमें शास्त्रों को देखने की जरूरत नहीं है, हमारा विज्ञान भी इसी सिद्धांत पर खोज कर रहा है।
शास्त्रों के अनुसार कई लोक हैं जो कुछ मिट्टी, सोने, अन्य रत्नो इत्यादि के बने है |
क्या युद्ध भूमि में सभी ने भगवान का विराट रूप देखा?
जी हां, सभी ने देखा |
भगवान की कृपा से अर्जुन और संजय ने अवश्य ही देखा |
अर्जुन की सेना ने ही देखा |
इस पर कहना संभव नहीं है क्योंकि हम वहा नहीं थे |
शास्त्रों में कितने प्रकार के संबंधो का उल्लेख है जो कृष्णा में निहित है ?
6
8
10
12
श्लोक संख्या 11.15 के अनुसार ब्रह्माण्ड के प्रथम प्राणी कौन है ?
शिव
चार कुमार
ब्रह्मा
नारद
गर्भोदक्षयी विष्णु ब्रह्माण्ड के _________ में शयन करते हैं ?
स्वर्ग
ब्रह्मलोक
चंद्रलोक
अधोतल
भगवान विष्णु की शेष शय्या को _____ भी कहते हैं ?
रेवकी
सेवकी
वासुकि
पासुकी
कमल लोक किस विशेष देवता का निवास स्थान है ?
इंद्र |
वरुण देव |
वायु देव |
ब्रह्मा |
प्रत्येक जीव परमेश्वर का आध्यात्मिक ________ मात्र है
परमाणु
कण
स्फुलिंग
रेशम
भगवान कितने प्रकार के ऐश्वर्या में परिपूर्ण है ?
5
6
7
8
कलयुग में लोकप्रिय है की कृष्ण विष्णु के अवतार है अपितु शास्त्र के अनुसार कृष्ण ___________ है?
अवतारों के उद्गम
सामान्य पुरुष
निराकार
शिव के अवतार
भगवान किस स्वरूप के मध्यम से प्रत्येक जीव के हृदय में परमात्मा रूप में स्थित है ?
क्षीरोदकशायी विष्णु |
गर्भोदक्षयी विष्णु |
नारायण |
अनिरुद्ध |
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