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Worksheetsप्रथमांश अभ्यास
Total questions: 30
Worksheet time: 12mins
निम्न चिह्नों के मूल नाम बताईये।
् / : / ऽ / ँ
1) अवग्रह / विसर्ग / हलन्त / अनुनासिक
2) विसर्ग / हलन्त / अवग्रह / अनुनासिक
3) हलन्त / विसर्ग / अनुनासिक / अवग्रह
4) हलन्त / विसर्ग / अवग्रह / अनुनासिक
किस विकल्प में अंतःस्थ व्यञ्जन हैं?
1) द्, ध्, न्, त्
2) य्, र्, ल्, व्
3) ट्, ठ्, ड्, ढ्
4) श्, ष्, स्, ह्
उचित ‘ᳪ / ᳬ’ चिह्न के विकल्प का चुनाव कर, रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
दे᳘वाना॑…..रा᳘तिर᳘भिनो᳘
निधि᳘पति॑…..हवामहेव्वसोमम
अर्ॺ्ॺमणँव्वरु॑ण᳘…..सोम॑म᳘श्विना᳘
साम᳘ॺजू॑…..षि᳘ॺस्म्मि᳘न्न्प्रति॑ष्ट्ठिता
1) ᳬ / ᳪ / ᳪ / ᳬ
2) ᳪ / ᳬ / ᳬ / ᳪ
3) ᳬ / ᳪ / ᳬ / ᳪ
4) ᳪ / ᳬ / ᳪ / ᳬ
‘‘विश्ववन्द्यं’’ में ‘वन्द्यं’ का वर्ण विच्छेद कीजिए।
1) व् + अ + न् + द् + अ + य् + अ + म्
2) व् + अ + न् + अ + द् + य् + अ + म्
3) व् + अ + न् + द् + य् + अ + म्
4) व् + अ + न् + द् + अ + य् + म
अवग्रह ‘ऽ’ की उपस्थिति में पूर्वस्वर का विस्तार नहीं किया जाएगा।
1) स्वस्तिनऽइन्द्रोव्वृद्धश्श्रवाः᳥
2) शतमिन्नुशरदोऽअन्तिदेवा
3) मनुष्ष्यान्नेनीयतेऽभीशुभिर्व्वा
4) सहप्प्रमाऽऋषयः᳥
निम्न विकल्पों में किसमें ऋकार वाटिका युक्त अक्षर का उच्चारण ‘ए की अल्प ध्वनि’ सहित किया जाएगा।
1) मनुदृश्यधीराऽअन्न्वाले
2) पृषदश्वामरुत:
3) वेदसामसद्वृधेरक्षिता
4) सहछन्दसऽआवृतः
निम्नलिखित कथनों में से असत्य कथन को चुनें।
1) तॄ = त्रिमात्रिक
2) व्यञ्जन को मूल रूप में हलन्त (् ) के रूप में दर्शाया जाता है।
3) अनुस्वार को अं / म् / न् / ण् / ङ् / ञ् के रूप में उच्चारित किया जाता है।
4) ओ = द्विमात्रिक
निम्नलिखित विकल्पों में से उच्चारण स्थान के आधार पर उचित विकल्प का चुनाव करें।
क्ष / व् / औ / ए
1) दन्त-ओष्ठ / कण्ठ-ओष्ठ / कण्ठ-तालु / कण्ठ-मूर्धा
2) कण्ठ-ओष्ठ / कण्ठ-तालु / कण्ठ-मूर्धा / दन्त-ओष्ठ
3) कण्ठ-तालु / कण्ठ-मूर्धा / दन्त-ओष्ठ / कण्ठ-ओष्ठ
4) कण्ठ-मूर्धा / दन्त-ओष्ठ / कण्ठ-ओष्ठ / कण्ठ-तालु
रुद्री ग्रन्थ में ...... को विशेष व्यञ्जन के रूप में प्रतिपादित किया गया है।
1) य
2) ᳪ
3) ॺ
4) ᳬ
निम्नलिखित में से असत्य कथन का विकल्प चुनिए।
1) ह्रस्व स्वर = 04
2) सँयुक्त व्यञ्जन = 03
3) वर्ण = 64
4) अन्तःस्थ व्यञ्जन = 04
.......... का उच्चारण प्लुत स्वर की भांति होगा।
1) ओ३
2) ओ२
3) ओऽ
4) ओऽऽ
‘ऌ’ .............. है।
1) दीर्घ स्वर
2) ह्रस्व स्वर
3) अन्तःस्थ व्यञ्जन
4) अयोगवाह
विसर्ग से पूर्व यदि ‘ऐ’ स्वर युक्त अक्षर हो तो, विसर्ग का उच्चारण .................... सहित होगा।
1) ई की अल्प ध्वनि
2) उ की अल्प ध्वनि
3) इ की अल्प ध्वनि
4) ऊ की अल्प ध्वनि
पदान्त में प्रयुक्त अनुस्वार का उच्चारण किस रूप में किया जाता है?
1) म् + अ की अल्प ध्वनि
2) म
3) म + अ स्वर का विस्तार
4) म्
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्दों के अन्य प्रचलित नाम के आधार पर उचित विकल्प का चुनाव करें।
व्यञ्जन / स्वर / अनुनासिक / प्लुत स्वर
1) अच् / हल् / त्रिमात्रिक / मुखनासिक्य
2) मुखनासिक्य / त्रिमात्रिक / अच् / हल्
3) अच् / मुखनासिक्य / हल् / त्रिमात्रिक
4) हल् / अच् / मुखनासिक्य / त्रिमात्रिक
‘‘प्रतिष्ट्ठितारथना’’ - ‘ष्ट्ठि’ में प्रयुक्त वर्णों की स्थिति स्पष्ट कीजिए।
1) ‘ष्’ व ‘ट्’ स्वर-रहित हैं व ‘ठ्’ स्वर-युक्त है
2) ‘ष्’ स्वर-रहित है, 'ट् व ठ्' दोनों स्वर-युक्त हैं
3) ‘ष्’ व ‘ठ्’ स्वर-रहित हैं व ‘ट्’ स्वर-युक्त है
4) ‘ट्’ व ‘ठ्’ स्वर-रहित हैं व ‘ष्’ स्वर-युक्त है
“द्यौ:” के वर्ण विच्छेद के उपयुक्त विकल्प का चुनाव कीजिए।
1) द् + य् + औ + उ की अल्प ध्वनि + ह् + औ
2) द् + य् + औ + ह् + औ + उ की अल्प ध्वनि
3) द् + य् + औ + ह् + औ
4) द् + य् + औ + उ + ह् + औ + उ की अल्प ध्वनि
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प अयोगवाह नहीं है?
1) अनुस्वार
2) विसर्ग
3) यम
4) अवग्रह
‘‘ॺाश्च्चषट्पदाः’’ में मूर्धन्य ‘ष’ को ‘ख’ क्यों उच्चारित किया गया है?
1) ‘ष्’ के पश्चात् ‘ट्-वर्ग’ का व्यञ्जन होने की परिस्थिति में
2) ‘ष्’ स्वर युक्त होने की परिस्थिति में
3) ‘ष्’ के पश्चात् ‘ट्-वर्ग’ का व्यञ्जन + ‘ष्’ स्वर युक्त (दोनों ही परिस्थितियाँ होने के कारण)
4) प्रश्न ही उचित नहीं है, मूर्धन्य ष-कार के रूप में उच्चारण होगा
‘‘तुष्ष्पदास्त्रिपदाॺाश्च्च’’ में अक्षर ‘स्त्रि’ किन वर्णों के संयोग से बना है?
1) स् + र् + इ
2) स् + त् + र् + ई
3) स् + त् + र् + इ
4) स् + त + र् + इ
निम्नलिखित पादों में किस विकल्प में ‘सँयुक्त व्यञ्जन’ नहीं है?
1) विश्वाद्यं विश्ववन्द्यं
2) ॺदपूर्व्वँॺ्ॺक्षमन्तः
3) पुत्रासोॺत्रपितरोभवन्तिमानो
4) ॺेनॺज्ञस्तायते
‘‘नुष्ट्टुप्पङ्क्त्या’’ के उच्चारण समयावधि के आधार पर उचित विकल्प का चुनाव करें।
1) 1 + ½ + ½ + 1 + ½ + 1 + ½ + ½ + 1 + 2
2) 1 + ½ + ½ + 1 + ½ + 1 + ½ + ½ + ½ + 2
3) 1 + ½ + ½ + 1 + ½ + 1 + 1 + ½ + ½ + 2
4) 1 + ½ + 1 + ½ + ½ + 1 + ½ + ½ + 1 + 2
‘‘अदितितिर्द्द्यौ’’ में ‘तिर्द्द्यौ’ में ‘रेफ’ के उच्चारण की स्थिति बताइए।
1) ‘ति’ से पूर्व (र् + त् + इ + द् + द् + य् + औ)
2) ‘यौ’ के पश्चात् (त् + इ + द् + द् + य् + औ + र्)
3) ‘द्’ के पश्चात् (त् + इ + द् + र् + द् + य् + औ)
4) ‘ति’ के पश्चात् (त् + इ + र् + द् + द् + य् + औ)
‘‘तममृतेनसर्व्वम् ୲୲’’ में ‘म्’ का उच्चारण किस प्रकार किया जाएगा?
1) म् + ‘अ’ का स्वर
2) म + ‘अ’ का स्वर
3) म् + ‘अ’ की अल्प ध्वनि
4) म + ‘अ’ की अल्प ध्वनि
‘‘दूरङ्गमञ्ज्योतिषाञ्ज्योति’’ में ‘ङ् व ञ्’ के उच्चारण स्थान के आधार पर उपयुक्त विकल्प का चुनाव करें।
1) कण्ठ नासिका व तालु नासिका
2) कण्ठ नासिका व मूर्धा नासिका
3) कण्ठ व मूर्धा
4) तालु नासिका व मूर्धा
‘‘रक्षितारोदिवेदिवे’’ में ‘क्षि’ का वर्ण विच्छेद कीजिए।
1) क् + श् + इ
2) क् + ष् + इ
3) क + श् + इ
4) क् + ष् + ई
“ज्ञानाञ्जनशलाकया” में ‘ञ्’ के उच्चारण की समयावधि बताईये।
1) द्विमात्रिक
2) एकमात्रिक
3) त्रिमात्रिक
4) अर्द्धमात्रिक
“श्री गुरुस्तोत्रम्” में ‘ॐ’ का उच्चारण किस आधार पर होता है?
1) दीर्घ स्वर, द्विमात्रिक
2) ह्रस्व स्वर, एकमात्रिक
3) प्लुत स्वर, त्रिमात्रिक
4) रङ्ग, चारमात्रिक
महाप्राण के आधार पर उपयुक्त विकल्प का चुनाव करें।
1) श्, ष्, स्, ह्, व्
2) ख्, घ्, छ्, झ्, थ्
3) य्, र्, ल्, व्, ग्
4) ङ्, ञ्, ण्, न्, म्
अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन …………୲୲
1) चरचरम्
2) चराचरम
3) चराचरम्
4) चराचरमा
