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Worksheets65.श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_15.15-15.20
Total questions: 35
Worksheet time: 1hrs 10mins
कृप्या यहाँ पर अपना नाम लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपना पता लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपनी आयु लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपना फोन नो. लिखे ?
15.16 में जीव के कितने प्रकार बताए है?
2
4
6
8
श्री भगवान ने कौन से अवतार में ब्रह्मसूत्र का संकलन किया है?
परशुराम जी के
व्यासदेव जी के
वशिष्ठ जी के
मनु जी के
15.16 में जीव को श्री भगवान का ----------------अंश कहा गया है?
सूक्ष्म
स्थूल
सनातन पृथकीकृत
सदचितआनंदमय
क्षर और अक्षर क्या है ?
जीव की योनियाँ
जीव के प्रकार
जीव की स्तिथि
जीव के चक्र
जीवभूत कौन कहलाते है ?
जिनका संसर्ग भौतिक जगत से हो
जिनका संसर्ग अध्यात्मिक जगत से हो
जिनका संसर्ग पृथ्वी से हो
इनमे से कोई नहीं
15.15 श्लोक संख्या में "क्षर: सर्वाणि भूतानि" पद प्रयुक्त हुआ है जिसका अर्थ निम्न में से है ?
जीव अच्युत है
जीव अच्युत व् च्युत है
जीव च्युत है
ऐसा कोई अर्थ नहीं है
भौतिक जगत में जीव कितने परिवर्तनों से गुजरता है ?
4
5
6
7
क्षर और अक्षर के उपर एक परम पुरुष होते है ?
नहीं ,ऐसा कुछ भी नहीं है सिर्फ दो प्रकार के जीव होते है
हां, साक्षात् अविनाशी श्री भगवान जो परमात्मा है
ये प्रशन ही गलत है
इनमे से कोई नहीं
श्लोक संख्या 15.17 का भाव कौन से उपनिषद में दिया गया है ?
कठोपनिषद
मुंडोक उपनिषद
शेव्ताश्व्तर उपनिषद
1 और 3
श्री भगवान बद्ध और मुक्त जीव को उनके कर्मानुसार भोग की सुविधा देते है ?
नहीं, ऐसा कुछ नहीं होता है
हाँ, यह कथन सही है
शायद कभी- कभी
ये प्रशन समझ नहीं आ रहा है
पूर्ण शांति का लाभ कौन प्राप्त कर सकता है ?
जिसे ज्ञान हो की भगवान परमात्मा रूप में सबके ह्रदय में स्थित है
जिसे ज्ञान हो की भगवान जैसी कोई चीज़ नहीं है
जिसे ज्ञान हो की परमात्मा मुक्त जीव है
जिसे ज्ञान हो भगवान सभी जीवो के नियंता है
वेदांत सूत्र पर कौन सा भाष्य लिखा गया है ?
श्रीमद् भागवतम
भगवत् गीता
शरिरक भाष्य
बोधायवृत्ति
निम्नलिखित में से कौन से श्लोक में वेदों के प्रयोजन, वेदों के ज्ञान और वेदों के लक्ष्य को स्पष्टतः परिभाषित किया गया है ?
15.14
15.15
15.16
15.17
भगवान कृष्ण ने अपने कौन से अवतार में वेदांत का संकलन किया है ?
वेदव्यास
वाल्मीकि
भृगु
अगस्त्य मुनि
श्लोक संख्या 15.16 के अनुसार दो प्रकार के जीव आध्यात्मिक तथा भौतिक जगत में रहते हैं, तब यह किस वस्तु पर निर्भर करता है की कौनसा जीव कौन से लोक में रहेगा ?
यह भगवान की इच्छा पर निर्भर करता है
यह जीव की इच्छा पर निर्भर करता है
उपरोक्त दोनों
उपरोक्त दोनों में से कोई नहीं
च्युत (क्षर ) जीवों को भौतिक जगत में क्यूँ रखा जाता है ?
क्यूँकि च्युत जीव भौतिक प्रकृति के साधनों का उपयोग निजी इंद्रियतृप्ति करना चाहते हैं
क्यूँकि च्युत जीव अपनी सीमित स्वतंत्रता का दुरुपयोग करते हैं
क्यूँकि च्युत जीव कृष्ण की सेवा नहीं करना चाहते
उपरोक्त सभी
अच्युत (अक्षर) जीव आध्यात्मिक जगत में करते क्या हैं ?
अच्युत जीव आध्यात्मिक जगत में दिव्य ज्योति में लीन हो जाते हैं
अच्युत जीव आध्यात्मिक जगत में शांति प्राप्त करके आराम करते हैं
अच्युत जीव आध्यात्मिक जगत में अपने विशिष्ट भाव में भगवान कृष्ण सेवा करके दिव्य आनंद का भोग करते हैं
उपरोक्त सभी
भौतिक जगत में तो जीवों विभिन्न प्रकार के परिवर्तन होते हैं किंतु आध्यात्मिक जगत के जीवों में इस प्रकार के परिवर्तन क्यूँ नहीं होते ?
क्योंकि आध्यात्मिक जगत में जीव शरीर से विहीन होकर ब्रह्म में लीन हो जाता है
क्यूँकि आध्यात्मिक जगत जीवों का शरीर आत्म तत्व अर्थात् आध्यात्मिक तत्व का बना होता है जिस में आत्मा के समान परिवर्तन नहीं होता
क्यूँकि आध्यात्मिक जगत में जीव सदैव अमृत पीकर सर्वदा युवा बने रहते हैं
उपरोक्त में से कोई नहीं
श्लोक संख्या 15.17 में भगवान कृष्ण कहते हैं कि च्युत तथा अच्युत जीवों के अलावा एक परम पुरुष परमात्मा हैं ।इन परमात्मा का श्री कृष्ण का कोई सम्बंध है या नहीं ?
परमात्मा का कृष्ण से कोई सम्बंध नहीं है
श्री कृष्ण तथा परमात्मा दोनों निराकार ब्रह्म से प्रकट होते हैं
परमात्मा श्री कृष्ण के अंश अवतार हैं
कृष्ण अवतार लेने हेतु परमात्मा से प्रकट होते हैं
भगवान कृष्ण को पुरुषोत्तम क्यूँ कहा जाता है ?
क्योंकि श्री कृष्ण पुरुष हैं
क्योंकि श्री कृष्ण पुरुष तथा स्त्री से परे परब्रह्म हैं
क्योंकि श्री कृष्ण उत्तम पुरुष हैं
क्योंकि न कोई जीव कृष्ण से बढ़कर है और न ही कोई उनके बराबर है
सत्यवती और पराशर के पौत्र का नाम क्या है ?
यज्ञवल्क
व्यास
शांडिल्य
शुकदेव
श्लोक संख्या 15.19 के अनुसार भगवान कृष्ण की पूर्ण भक्ति में रत होने के लिए पूर्व अपेक्षित वस्तु क्या है ?
पाप से मुक्ति
संशय रहित होकर कृष्ण को भगवान के रूप में जानना
अनंत कोटि पूण्य का होना
उपरोक्त सभी
श्लोक संख्या 15.19 के अनुसार पूर्ण ज्ञाता कौन है ?
जो भगवान कृष्ण को परम पुरुष के रूप में जानता है वही पूर्ण ज्ञाता है
जो अपने हृदय में परमात्मा का अनुभव करे वही पूर्ण ज्ञाता है
जो च्युत और अच्युत जीवों को जाने वही पूर्ण ज्ञाता है
उपरोक्त सभी
अनघ शब्द का अर्थ क्या हुआ ?
पाप पूर्ण
पाप रहित
पाप पुण्य से परे
उपरोक्त में से कोई नहीं
श्लोक संख्या 15.20 के तात्पर्य के अनुसार भक्ति में प्रगति हेतु सबसे महत्वपूर्ण बात जिस पर विजय प्राप्त करनी होती है वह क्या है ?
हृदय की दुर्बलता
प्रकृति पर प्रभुत्व जताने की इच्छा
भौतिक पदार्थ के स्वामित्व के प्रति आसक्ति
उपरोक्त सभी
पुरुषोत्तम योग अध्याय के अनुसार वैदिक शास्त्रों का सर्वाधिक गुप्त अंश क्या है ?
भगवान कृष्ण परम पुरुषोत्तम भगवान हैं
सारी जीवात्माएँ भगवान कृष्ण की नित्य अंश हैं
भगवान कृष्ण के नित्य धाम को प्राप्त करके जीव वापिस अनित्य दुःखमय छाया संसार में वापिस नहीं आता
उपरोक्त सभी
भक्ति योगी भगवान कृष्ण के साथ एकत्व किस प्रकार प्राप्त करते हैं ?
जीव ब्रह्म में लीन होकर ब्रह्म से एक हो जाते हैं
भक्त भगवान में प्रवेश कर जाते हैं
भक्त केवल भगवान की संतुष्टि के लिए कार्य करता है और इस प्रकार भगवान की सेवा के अतिरिक्त भक्त का कोई निजी स्वार्थ नहीं रहता
2 और 3
निम्नलिखित में से कौन सा नाम अर्जुन एक और नाम है ?
अनघ
अजातशत्रु
वृकोदर
वसुदेवत्मज
निम्नलिखित में से कौन से श्लोक में भगवान कृष्ण कहते हैं कि जो भगवान कृष्ण की अनन्य भक्ति में लग हुआ है उसने वेदों के अन्य सब मार्गों का पहले ही पूर्ण रूप से पालन किया हुआ है ?
15.15
15.16
15.18
15.19
निम्नलिखित में से कौन से शास्त्र में वर्णन मिलता है की एक परम पुरुष भगवान सभी मुक्त तथा बद्ध जीवों का पालन करते हैं ?
कठोउपनिषद
स्वेताशर उपनिषद
भगवत गीता
उपरोक्त सभी
कौन से शास्त्र में वर्णन मिलता है की परमेश्वर अग्नि के रूप में आमाशय के भीतर स्थित हैं और भोजन को पचते हैं ?
केन उपनिषद
बृहदरण्यक उपनिषद
गीतोपनिषद
2 और 3
