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Worksheetsवीतराग विज्ञान पाठमाला भाग 3 (पार्ट २)
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
ज्ञानी किसे कहते है।
जिसे यथार्थ सम्यग्दर्शन प्रकट हुआ हो
जिसे मिथ्या दर्शन प्रकट हुआ हो
जिसे मोह ,राग द्वेष प्रकट हुआ हो
इनमें से कोई नहीं
ज्ञानी श्रावक के कितने व्रत होते है।
12
10
5
8
हिंसादि पांच पापों के एक देश त्याग को क्या कहते है।
अणुव्रत
महाव्रत
निश्चय व्रत
इनमें से कोई नहीं
शिक्षाव्रत कितने होते है।
4
3
5
7
पुरूषार्थ सिद्धयुपाय ग्रंथ के रचयिता कौन थे।
आचार्य समन्तभद्र
आचार्य उमास्वामी
अमृतचन्द्राचार्य
हिंसा के भेद कितने होते है।
5
3
4
8
व्रती श्रावक के कौनसी हिंसा का सर्वथा त्याग होता है।
आरम्भी हिंसा
संकल्पी हिंसा
विरोधी हिंसा
इनमें से कोई नहीं
इनमें से गुणव्रत नहीं है।
दिग्व्रत
सामायिक
देशव्रत
अनर्थदण्डव्रत
आचार्य अमृतचन्द्र ने समयसार ग्रंथ पर जो टीका लिखी ।उसका नाम बताओ।
आत्मख्याति
समय व्याख्या
तत्वार्थसार
तत्वप्रदीपिका
सम्यग्दर्शन , सम्यग्ज्ञान और सम्यकचारित्र की एकता ही ___ है।
मोक्ष मार्ग
संसार मार्ग
मोह मार्ग
इनमें से कोई नहीं
सम्यग्दर्शन के बिना समस्त ज्ञान किसके समान है।
सम्यग्ज्ञान
भेद ज्ञान
अज्ञान
इनमें से कोई नहीं
प्रवचनसार ग्रंथ के रचयिता कौन थे।
आचार्य समन्तभद्र
आचार्य उमास्वामी
आचार्य कुन्दकुन्ददेव
आचार्य अमृतचन्द्र
रत्नत्रय धर्म किसका कारण है।
बंध का कारण
स्वर्ग का कारण
निर्वाण का कारण
इनमें से कोई नहीं
आचार्यकल्प पंडित टोडरमलजी ने कौनसा ग्रन्थ लिखा था।
नियमसार
रत्नकरण्ड श्रावकाचार
मोक्ष मार्ग प्रकाशक
तत्वार्थ सूत्र
मोक्ष मार्ग का कथन कितने प्रकार से है।
5
2
0
4
शुद्धात्मा का अनुभव कौनसा मोक्ष मार्ग है।
निश्चय मोक्ष मार्ग
निश्चय- व्यवहार मोक्षमार्ग
व्यवहार मोक्षमार्ग
इनमें से कोई नहीं
क्रोध के अभाव से कौनसा धर्म प्रगट होता है।
उत्तम क्षमा धर्म
उत्तम आर्जव धर्म
उत्तम शौच धर्म
इनमें से कोई नहीं
जो क्षमादिरूप शुभभाव है वह कौनसा धर्म है और किसका कारण है।
व्यवहार धर्म , पाप बंध
निश्चय धर्म , पुण्य बंध
व्यवहार धर्म , पुण्य बंध
इनमें से कोई नहीं
राम हणू सुग्रीव सुडील, गवगवाख्य नील महानील।
कोड़ि निन्याणव मुक्ति पयान, तुंगीगिरि वंदों धरि ध्यान।।
यह पंक्तियां कहा से ली गई है।
छहढाला
निर्वाणकाण्ड भाषा
पार्श्वनाथ स्तोत्र
आलोचना पाठ
संसारी जीवनां भावमरणो टालवा करुणा करी,
सरिता बहाती सुधा तणी प्रभु वीर ! तें संजीवनी ।
यह पंक्तियां कौनसी स्तुति में से ली गई है।
पार्श्वनाथ स्तुति
नियमसार स्तुति
समयसार स्तुति
आदिनाथ स्तुति
