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69.श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_16.22 -17.04

Total questions: 38

Worksheet time: 1hrs 16mins

Name
Class
Date
1.

कृप्या यहाँ पर अपना नाम लिखे ?

4 lines
2.

कृप्या यहाँ पर अपना पता लिखे ?

4 lines
3.

कृप्या यहाँ पर अपना फोन नो. लिखे ?

4 lines
4.

कृप्या यहाँ पर अपनी आयु लिखे ?

4 lines
5.

मनुष्य के लिए काम, क्रोध और लोभ से बचना क्यों आवश्यक है?

a)

क्यों की ये तीनों ही नरक के द्वार है

b)

क्योंकि मनुष्य जब तक इनसे मुक्त नहीं होगा तब तक वह वैदिक साहित्य में आदिष्ट  विधि विधान का पालन नहीं कर सकता

c)

क्योंकि इनसे बचने पर ही मनुष्य आत्म साक्षात्कार के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है

d)

उपरोक्त सभी

6.

आत्म साक्षात्कार के लिए शास्त्रों में विभिन्न मार्गों का वर्णन किया गया है।निम्नलिखित में से कौन से मार्ग में व्यक्ति ने काम, क्रोध और लोभ में रह कर भी पूर्णता प्राप्त कर सकता है।?

a)

भक्ति मार्ग

b)

            योग मार्ग         

c)

ज्ञान मार्ग

d)

उपरोक्त में से कोई नहीं

7.

श्लोक संख्या 18. देश के अनुसार जो व्यक्ति शास्त्रों के आदेशों की अवहेलना करता है और मनमाने ढंग से कार्य करता है वैसे व्यक्ति को सुख की प्राप्ति नहीं होती। ऐसा कैसे संभव है क्योंकि व्यक्ति संसार के विभिन्न प्रकार के सुखों के लिए ही तो मनमाने ढंग से कार्य करता है?

a)

क्योंकि भौतिक सुखों को प्राप्त करने पर भी जीवात्मा सूखी नहीं हो पाती

b)

क्योंकि शास्त्रों के अनुसार कार्य करने से जीवात्मा को किसी भी प्रकार के सुख की प्राप्ति नहीं होती

c)

उपरोक्त दोनों

d)

उपरोक्त दोनों में से कोई नहीं

8.

अगर कोई व्यक्ति शास्त्रों के सहारे यदि विधान तथा नैतिक सिद्धांतों का पालन करे किन्तु अंदर परमेश्वर को न समझ पाए तो ऐसे व्यक्ति के ज्ञान का क्या फल है ?

a)

ऐसा व्यक्ति ज्ञान मार्ग से परमेश्वर को समझ सकता है

b)

ऐसे व्यक्ति का ज्ञान व्यर्थ है

c)

ऐसा व्यक्ति भक्ति मार्ग का साधक है

d)

उपरोक्त सभी

9.

उस व्यक्ति के प्रयास की गति कैसी होती है जो ईश्वर में विश्वास तो रखे किन्तु ईश्वर की सेवा न करे ?

a)

ईश्वर में विश्वास करने के कारण ऐसा व्यक्ति उच्च लोगों को जाता है

b)

ऐसे व्यक्ति के प्रयास भी अंततोगत्वा निष्फल हो जाते हैं

c)

ईश्वर में विश्वास करने के कारण ऐसा व्यक्ति भक्ति मार्ग में आगे बढ़ता है

d)

एक और तीन

10.

इस बौद्धिक जगत में ये लोग सामान्यतया कुछ हद तक शास्त्रों के थानों विधि विधानों के विषय में जानते हैं किन्तु फिर भी लोग शास्त्रों द्वारा मना किये गये पाप कार्यों में संलिप्त होते हैं और निर्दिष्ट कर्तव्यों का पालन नहीं करते हैं। ऐसे ही इस प्रकार से क्यों कार्य करते हैं ?

a)

लोभ में वशीभूत होने के कारण

b)

श्रद्धा में कमी होने के कारण

c)

काम के वशीभूत होने के कारण

d)

उपरोक्त सभी

11.

श्लोक संख्या 16.23 के अनुसार शास्त्रों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति को न तो सिद्धि ,न तो सुख और न ही  परम गति प्राप्त होती है।इस श्लोक से पूर्व भी निम्नलिखित में से कौन से श्लोक में भगवान कृष्ण इसी प्रकार का उपदेश किया है?

a)

7.34

b)

8.23    

c)

9.12

d)

10.11

12.

निम्नलिखित में से कौन से श्लोक में यह वर्णन मिलता है कि शास्त्रों के सारे विधि विधानों का पालन अंततोगत्वा भगवान कृष्ण को जानने के लिए किया जाता है?

a)

16.24

b)

15.15  

c)

12.12  

d)

9.09

13.

निम्नलिखित में से कौन से दोष मनुष्यों में पाए जाते हैं जिस कारण है कि मनुष्य को शास्त्रों के अनुसार कार्य करना चाहिए और अपने मनमाने विधि विधानों का निर्माण नहीं करना चाहिए ?

a)

अपूर्ण इन्द्रिय

b)

कपटता

c)

गलती  करना और मोहग्रस्त हो जाना

d)

उपरोक्त सभी

14.

वेदों की रचना निम्नलिखित में से किसने की है?

a)

ब्रह्मा जी

b)

भगवान विष्णु

c)

वेदव्यास

d)

ऋषियों

15.

रजोगुण और तमोगुण किस प्रकार से व्यक्ति के जीवन को हानि पहुँच जाते हैं?

a)

रजोगुण और तमोगुण में व्यक्ति जी शास्त्रों में वर्णित मार्ग का पालन नहीं कर पाते

b)

रजोगुण और तमोगुण में व्यक्ति कुछ कुछ पाप कार्यों में संलिप्त रहते हैं और जन्म मरण के चक्कर में जीव सदैव फँसा रहता है

c)

रजोगुण और तमोगुण में व्यक्ति  काम ,क्रोध और लोभ  से मुक्त नहीं हो पाते और व्यक्ति को नरक लेकर जाते हैं

d)

 उपरोक्त सभी

16.

जीवात्मा भगवान कृष्ण का अंश है इसीलिए भगवान कृष्ण के समान ही शुद्ध है , फिर क्यूँ जीवात्मा तीन गुणों से बँधा हुआ है?

a)

जीवात्मा द्वारा भौतिक संसार में भोग करने की इच्छा के कारण

b)

जीवात्मा द्वारा भगवान कृष्ण की सेवा करने के कारण

c)

उपरोक्त दोनों

d)

उपरोक्त में से कोई नहीं

17.

अगर कोई ऐसे मार्ग अथवा पूजा का निष्ठापूर्वक पालन करता है जो शास्त्रों द्वारा नहीं बताया गया है तो इस प्रकार की  निष्ठावान  सेवा का क्या फल होगा?

a)

ऐसे सेवा आध्यात्मिक दृष्टि से निष्फल ही होगी

b)

ऐसी सेवा का कर्म सिद्धांत के अनुसार फल मिलेगा

c)

उपरोक्त दोनों

d)

उपरोक्त में से कोई नहीं

18.

कोई व्यक्ति किसी प्रकार की है श्रद्धा से युक्त होगा यह किस बात पर निर्भर करता है?

a)

कुल परम्परा के आधार पर

b)

जीव  द्वारा अर्जित तीन गुणो के आधार पर

c)

भाग्य पर

d)

उपरोक्त सभी

19.

सतोगुण व्यक्ति किसकी पूजा करते हैं ?

a)

भगवान कृष्ण की

b)

देवताओं की

c)

राक्षसों की

d)

भूतों की

20.

जो शास्त्रों के नियमों का पालन नहीं करता, वह_______ है और जो निष्ठापूर्वक इन नियमों का पालन करता है वह______ है.?

a)

असुर , देव

b)

देव, असुर

c)

शास्त्रो के अनुसार ये कलयुग है इसिलिए दोनो ही असुर है

d)

श्रद्धावान, भक्त

21.

किसी विशेष प्रकार की पूजा में निष्ठावान् व्यक्ति क्रमशः ज्ञान की अवस्था को प्राप्त होता है और शान्ति तथा सम्पन्नता की सर्वोच्च सिद्धावस्था तक पहुँचता है. ये गीता के किस अध्याय में कहा गया है?

a)

4

b)

5

c)

6

d)

8

22.

कृष्णा के अनुसार किस के आधार पर किसी की श्रद्धा विभाजित की जाती है?

a)

जन्म के आधार पर

b)

कुल के आधार पर

c)

गुणों के अनुसार

d)

देश के आधार पर

23.

विभिन्न गुणों के साथ जीव की संगति ­­­­­____ चलती रही है?

a)

शाश्र्वत

b)

केवल अपने वर्तमान जीवन से

c)

पिछले जीवन से

d)

गीता में इसका सपष्टीकरण नहीं है

24.

किसकी संगती से हमारी मनोवृत्ति बदल/ शुद्ध सकती है?

a)

एक सचे भौतिक मित्र की

b)

गुरु की संगती से

c)

निराकार का ध्यान करने से

d)

हमारे लाभ के लिए काम करने वाले परिवार के सदस्यों के साथ जुड़कर

25.

भक्ति में बने रहने और आगे बढ़ने के लिए हम पहले _______ तक उठना पड़ेगा?

a)

रजोगुण

b)

तमोगुण

c)

सतोगुण

d)

रजो/तमोगुण

26.

हम गुरु के साथ कैसे जुड़ सकते हैं जब वे हर समय हमारे साथ मौजूद नहीं हैं?

a)

एकांत में बैठकर गुरु का ध्यान करना

b)

गुरु की तस्वीर पर ध्यान देने से

c)

गुरु द्वारा सिखाए गए सिद्धांतों और शिक्षाओं का पालन करके

d)

गुरु को हर सुबह नमस्कार करने से

27.

प्रत्येक जीव परमेश्र्वर का अंश है, अतएव वह मूलतः इन समस्त गुणों से परे होता है. इसका सपष्टिकरण किस अध्याय में हुआ है ?

a)

15

b)

16

c)

14

d)

18

28.

बद्ध जीवन में भौतिक प्रकृति के संसर्ग में जीवा क्यों आता है?

a)

यह एक दोहराव प्रक्रिया है। हर जीव को हर 1000 साल बाद वैकुंठ से उतरना पड़ता है

b)

भौतिक संसार में रहना जीवा का असली स्वभाव है

c)

भगवान् के साथ अपने सम्बन्ध को भूल जाता है

d)

देवताओ की इच्छा अनुसार जीव भौतिक संसार में उतरता है

29.

जीव की कृत्रिम श्रद्धा तथा अस्तित्व ______ होते हैं?

a)

शाश्वत

b)

आध्यात्मिक

c)

भौतिक

d)

सात्त्विक

30.

भगवान् के साथ अपना सम्बन्ध फिर से प्राप्त करने के लिए जीव को क्या करना पड़ेगा?

a)

शांत होना पड़ेगा

b)

स्थिर बुद्धि

c)

कृष्ण भावनाभावित होना पड़ेगा

d)

देवता की पूजा शास्त्र अनुसार करनी पड़ेगी

31.

_______ में रहकर मनुष्य भगवान् के वास्तविक स्वभाव को समझ सकता है?

a)

शुद्ध सत्त्व

b)

सतोगुण

c)

तमोगुण

d)

रजोगुण

32.

तमोगुणी व्यक्ति किसे पूजते हैं?

a)

देवताओं को

b)

यक्षों व राक्षसों को

c)

भूत-प्रेतों को

d)

साक्षात कृष्णा को

33.

सतोगुणी व्यक्ति किसे पूजते हैं?

a)

देवताओं को

b)

यक्षों व राक्षसों को

c)

भूत-प्रेतों को

d)

साक्षात कृष्णा को

34.

शास्त्रों के आदेशानुसार केवल _____ ही पूजनीय हैं ?

a)

शिव

b)

कृष्णा

c)

देवी दुर्गा

d)

सभी देवता पूजनीय है

35.

सत्त्वं विशुद्धमं वसुदेव-शब्दितम्- जब व्यक्ति सतोगुणी होता है, तो वह वासुदेव की पूजा करता हैं. ये किस शास्त्र में कहा गया है?

a)

चैतन्य चरितामृत

b)

श्रीमद्भागवत

c)

ईशोपनिषद

d)

भक्ति रसामृत सिंधु

36.

विष्णु _______ के विस्तार हैं?

a)

शिव

b)

कृष्णा

c)

ब्रह्माजी

d)

देवी दुर्गा

37.

मोक्ष के लिए ________अनुकूल हैं?

a)

दिव्य गुण

b)

आसुरी गुण

c)

मोक्ष के लिए दोनो गुणों से ऊपर होना होता है

d)

प्रकृति के निचले गुण

38.

इस युग में गुणों के प्रभाव से  उठने के लिए संस्तुत सर्वश्रेष्ठ यज्ञ __________है?

a)

संकीर्तन यज्ञ

b)

अग्निहोत्र यज्ञ

c)

देव यज्ञ

d)

भूत यज्ञ