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52.भगवद गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_11.48–11.56

Total questions: 42

Worksheet time: 29mins

Name
Class
Date
1.

भगवत् गीता के कौन से श्लोक में कृष्ण कहते हैं की उनके भक्त सदैव उनकी अंतरंग शक्ति के प्रभाव में रहते हैं ?

a)

11.47

b)

11.51

c)

9.13

d)

8.15

2.

भगवान कृष्ण ने अर्जुन को बताया की अर्जुन से पूर्व इस विराट रूप के दर्शन किसी ने नहीं किए थे और इस विराट रूप के दर्शन अर्जुन को केवल भक्त होने के कारण कृष्ण दे रहे थे ? किंतु केवल अर्जुन को ही भगवान कृष्ण ने ये विराट रूप के दर्शन दिए ?

a)

क्योंकि अर्जुन कृष्ण से कभी ईर्ष्या नहीं करता था

b)

क्योंकि अर्जुन भगवान कृष्ण के विराट रूप के दर्शन करना चाहता था

c)

क्योंकि अर्जुन भगवान कृष्ण का सखा था

d)

उपरोक्त सभी

3.

दिव्य दृष्टि के बिना भगवान कृष्ण का दर्शन करना सम्भव नहीं है ? ये दिव्य दृष्टि किसे प्राप्त होती है ?

a)

जिस पर भगवान वेदव्यास ने कृपा की हो

b)

जिसने ध्यान लगा कर समाधि की अवस्था प्राप्त कर ली हो

c)

जिसे कृष्ण प्रेम प्राप्त हो

d)

जिसे गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त हो

4.

भगवान कृष्ण ने अर्जुन को भक्त होने के कारण विराट रूप के दर्शन दिए ।किंतु बहुत से निराकारवादी भी विराट रूप के दर्शन करने का दावा करते हैं ।निराकार वादियों को कौन से रूप के दर्शन होते हैं?

a)

भगवान कृष्ण निरकारवादियों को भी कृपा करके अपने विराट रूप के दर्शन देते हैं

b)

निराकार वादि मनोकल्पित विराट रूप के दर्शन करते हैं

c)

निराकार वादी उस रूप के दर्शन करते हैं जिस रूप के दर्शन दुर्योधन को कुरुसभा में हुए थे

d)

निराकार वादियों को निराकार विराट रूप के दर्शन होते हैं ।

5.

एक भक्त भगवान के विराट रूपों को देखने में इच्छुक क्यों नहीं रहता ?

a)

क्योंकि विराट रूप में भक्त भगवान के साथ प्रेमभक्ति का आदान प्रदान नहीं हो सकता |

b)

क्योंकि इस रूप से सभी भक्त डर जाते हैं |

c)

क्योंकि इस रूप को केवल दिव्यदृष्टि होने पर देखा जा सकता है ।

d)

उपरोक्त सभी |

6.

भगवान कृष्ण के विराट रूप को देखने के बाद अर्जुन ने कौन से रूप को देखने की इच्छा की ?

a)

द्विभुज रूप कृष्ण की

b)

चतुर्भुज विष्णु मूर्ति रूप की

c)

शद्भुज रूप की

d)

आठ भुजाओं वाले रूप की

7.

निम्नलिखित में से कौन से श्लोक में अर्जुन श्री कृष्ण से चतुर्भुज विष्णु रूप को देखने की इच्छा कर रहे हैं ?

a)

11.45

b)

11.46

c)

11.48

d)

11.49

8.

श्लोक संख्या 11.50 में संजय भगवान कृष्ण के कौन से रूप को “सौम्य वपु” कह कर पुकारते हैं ?

a)

विराट रूप को

b)

द्विभुज कृष्ण रूप को

c)

विष्णुमूर्ति चतुर भुज रूप को

d)

निराकार रूप को

9.

अर्जुन ने भगवान कृष्ण के चतुर्भुज रूप को देखने की इच्छा क्यों की ?

a)

क्योंकि अर्जुन भगवान विष्णु का उपासक था

b)

क्योंकि अर्जुन को विश्वास नहीं था कि भगवान विष्णु भी भगवान कृष्ण के ही अंशावतार हैं

c)

क्योंकि अर्जुन को यह रूप देखने की तीव्र लालसा थी

d)

क्योंकि अर्जुन यह सिद्ध कर देना चाहता था की श्री कृष्ण पूर्ण पुरूषोतम भगवान हैं

10.

अर्जुन भगवान कृष्ण के द्विभूज रूप को देख कर क्या सम्बोधन देता है ?

a)

सौम्य रूप |

b)

मानुशम रूप |

c)

उपरोक्त दोनो |

d)

उपरोक्त कोई भी नहीं |

11.

भगवान कृष्ण के द्विभुज रूप के दर्शन के लिए स्वयं कृष्ण श्लोक संख्या 11.52 में क्या सम्बोधन देते हैं ?

a)

दूरदर्शम

b)

सू-दूरदर्शम

c)

सू-सुखम दर्शनम

d)

सुखम दर्शनम

12.

भगवान कृष्ण के द्विभुज रूप ,विष्णु रूप और विराट रूप में कौन सा रूप अधिक गोपनीय और महत्वपूर्ण है और क्यों है ?

a)

द्विभुज रूप , क्योंकि यह केवल शुद्ध भक्ति के द्वारा दर्शनीय है और सर्वाधिक सुंदर है |

b)

विराट रूप, क्योंकि अर्जुन से पहले किसी ने भी इसका दर्शन नहीं किया था |

c)

विष्णु रूप , क्योंकि इस रूप का दर्शन केवल वैकुंठ प्राप्त होने पर ही होता है |

d)

निराकार रूप , क्योंकि बहुत लम्बे समय तक इसका ध्यान लगाने पर ही इसका दर्शन होता है |

13.

निम्नलिखित में से कौन से श्लोक में कृष्ण बताते हैं की उनके इस मूल द्विभुज रूप के दर्शन की लालसा देवता भी करते हैं ?

a)

11.50

b)

11.51

c)

11.52

d)

11.53

14.

भगवान कृष्ण की निम्नलिखित कौन सी लीला से सिद्ध होता है की कृष्ण देवताओं के लिए भी गोपनीय है ?

a)

ब्रह्मा विमोहन लीला

b)

गोवर्धन लीला

c)

पारिजात वृक्ष लीला

d)

उपरोक्त सभी

15.

भागवत में कौन सी लीला में प्रमाण मिलता है की देवता भगवान श्री कृष्ण के दर्शन के लिए आते थे ?

a)

देवताओं द्वारा भगवान कृष्ण की जन्म से पूर्व स्तुति |

b)

रासलीला |

c)

द्वारिका लीला |

d)

उपरोक्त सभी |

16.

वेदों के अनुसार देवता किसे माना गया है?

a)

जो संसार को त्याग कर शक्ति प्राप्त करते है |

b)

जो तपस्या कर शक्ति पाते है |

c)

जिन्हे ब्रह्मा जी का आशीर्वाद प्राप्त है |

d)

वैदिक शास्त्रों का कथन है कि जो भगवान् विष्णु के भक्त हैं, वे देवता हैं |

17.

भगवान अपना विस्तार निर्विशेष ब्रह्म के रूप में भी करते हैं। क्या इस रूप को सर्वोच्च मानने वाले योगी भगवान के दर्शन करने की दिव्य दृष्टि प्राप्त कर पाते हैं?

a)

जी हां, योगी तो दिव्य ही है चाहे किसी भी स्वरूप को सर्वोच्च समझे |

b)

जो कृष्ण के निर्विशेष अंश को परमेश्र्वर मानते हैं, उन्हें यह दिव्य दृष्टि नहीं प्राप्त हो सकती |

c)

आप, मैं, सब भगवान है, सब दिव्य है, इसमें कोई वर्ग नहीं है

d)

हम इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते

18.

क्या शुद्ध भक्त कृष्ण के विश्व रूप को देखना चाहते हैं ?

a)

शुद्ध भक्त वर्गीकृत नहीं करता है। वह विष्णुरूप या भगवान के किसी अन्य रूप को देखकर प्रसन्न होता है |

b)

हमें यकीन नहीं है क्योंकि गीता इस पर कोई प्रकाश नहीं डालती है और हम अपने जीवन में किसी भी शुद्ध भक्त से नहीं मिले हैं |

c)

एक भक्त विश्वरूप से प्यार करता है और उसका ध्यान करता है और किसी अन्य रूप को देखना पसंद नहीं करता है |

d)

एक भक्त विश्वरूप को देखने के लिए उत्साहित नहीं होता और द्विभुजी श्यामसुंदर स्वरूप को देखना और उन्ही की सेवा करना चाहता है |

19.

निम्न में से कौन वैदिक साहित्य का अंग है ?

a)

4 वेद ( ऋगवेद, यजुर्वेद ,सामवेद तथा अथर्ववेद ) |

b)

उपनिषद् तथा वेदान्त सूत्र |

c)

अठारह पुराण |

d)

ये सभी सही हैं और वैदिक साहित्य का हिस्सा हैं |

20.

गीता के अनुसार दान करने के लिए सही और योग्य व्यक्ति कौन है ?

a)

एक भक्त जो दुनिया भर में कृष्ण के संदेश का प्रचार करने में लगा हुआ है |

b)

कोई भी व्यक्ति जो संत प्रकृति का है, चाहे वह किसी भी गतिविधि में लगा हुआ हो, दान करने के लिए सही पात्र है

c)

कोई भी व्यक्ति जो परोपकारी कार्य में लगा हुआ है वह दान प्राप्त करने के लिए सही पात्र है

d)

यह हमारा कर्तव्य और जिम्मेदारी है कि हम सरकारी संगठनों को ही दान करें क्योंकि वे यह तय करने की सही स्थिति में हैं कि सही उद्देश्य के लिए धन का उपयोग कैसे किया जाए

21.

जब कृष्ण वासुदेव तथा देवकी के पुत्र के रूप में प्रकट हुए तो पहले वे _______________रूप में ही प्रकट हुए ?

a)

विराटरूप

b)

द्विभुजी श्यामसुंदर

c)

चतुर्भुज नारायण

d)

निराकारी

22.

जिस व्यक्ति कि आँखों में प्रेमरूपी अंजन लगा है, वही कृष्ण के सौम्यरूप का दर्शन कर सकता है | ये किस वैदिक साहित्य में कहा गया है ?

a)

ईशोपनिषद

b)

भागवत पुराण

c)

रामायण

d)

ब्रह्मसंहिता

23.

सौम्यवपुः शब्द का उपयोग श्लोक संख्या 11.50 में क्यों किया गया ?

a)

भगवान के अति सुंदर रूप की व्याख्या के लिए |

b)

सौभाग्यवश सेवा के अवसर प्रप्त करने के लिए |

c)

कृष्णा कुरुक्षेत्र युद्ध के कारण है ये बताने के लिए |

d)

उपरोक्त सभी |

24.

"मानुषा रूपम " शब्द विशेष रूप से क्या सुचित करता है?

a)

भगवान् मूलतः दो भुजाओं वाले हैं |

b)

मानव रूप सभी जीवों में सर्वोच्च है |

c)

मनुष्य रूप अति सुंदर है |

d)

मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता |

25.

जो लोग कृष्ण को सामान्य व्यक्ति मानकर उनका उपहास करते हैं, गीता उन पर क्या टिप्पणी करती है?

a)

गीता कुछ हद तक कहती है कि वे सही हैं लेकिन उन्हें इस विषय पर और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है |

b)

यह उनकी निजी राय है। गीता के पास इस पर टिप्पणी करने के लिए कुछ नहीं है |

c)

गीता के अनुसार वे मूर्ख हैं, उनको यहाँ पर भगवान् की दिव्य प्रकृति से अनभिज्ञ बताया गया है |

d)

हम इस पर टिप्पणी करने के योग्य नहीं हैं

26.

प्रभुपाद के अनुसार निर्विशेषवादी की गीता के संबंध में भक्तों को क्या निर्देश हैं ?

a)

प्रभुपाद ने उनके साहित्य को अच्छी तरह से पढ़ने और समझने के लिए कहा है |

b)

प्रभुपाद ने शिक्षाओं में अंतर को पढ़ने और इंगित करने के लिए कहा है |

c)

प्रभुपाद ने सख्ती से ऐसे साहित्य से दूर रहने के लिए कहा है क्योंकि इससे आप भक्ति से चित भी हो सकते है |

d)

प्रभुपाद ने इस विषय में कुछ नहीं कहा है |

27.

क्या भक्ति-तत्त्व' के बिना कोई तपस्या, वेदाध्ययन तथा दार्शनिक चिंतन आदि से भगवत प्राप्ति कर सकता है ?

a)

हाँ क्यों नहीं, यह संभव है |

b)

नहीं, केवल भक्ति ही इसका माध्यम है |

c)

भगवान तो मन में है, ये प्रयास करने की आवश्यकता नहीं |

d)

ये आवश्यक नहीं हैं। हमें केवल परोपकारी कार्यों के लिए जाना चाहिए |

28.

‘’अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रीतम्’’. इसका उदाहरण श्लोक 11.52 में प्रयोग किया गया है। क्या आप सुझाव दे सकते हैं कि यह किस अध्याय से उद्धृत किया गया है ?

a)

9

b)

10

c)

11

d)

15

29.

जो परमसत्य को निर्विशेष मानते हैं, अतः वे सोचते हैं कि भगवान् ने अपना निराकार रूप से ही साकार रूप धारण किया. परमेश्र्वर के विषय में ऐसा अनुमान _____________है

a)

अध्यात्मिक

b)

प्रमाणिक

c)

भौतिकतावादी

d)

प्रेरणादायक

30.

जो लोग अप्रमाणिक स्रोतों से कृष्ण के बारे में सुनते हैं, वे कृष्ण के बारे में क्या सोचते हैं?

a)

परम सत्य निराकार है

b)

कृष्ण का साकार रूप काल्पनिक है

c)

कृष्ण एक महान दार्शनिक के अलावा कुछ भी नहीं थे

d)

उपरोक्त सभी सत्य है

31.

सभी जीव इस भौतिक संसार में कृष्ण को क्यों नहीं देख सकते हैं?

a)

यह उनकी निजी राय है, हम क्या कह सकते हैं |

b)

क्योंकि कृष्ण की प्राथमिकता उच्च ग्रह प्रणाली पर रहने वाले जीव हैं।

c)

कृष्ण अपनी योगमाया शक्ति से आच्छादित हैं |

d)

विकल्प B और C दोनों सही हैं |

32.

गीता उपवास को बढ़ावा क्यों देती है, भले ही यह किसी भौतिक लाभ के लिए किया जाए तो भी ?

a)

गीता एक संपूर्ण साहित्य है इसलिए हमें स्वस्थ रहने के महत्व के बारे में सिखाती है |

b)

व्रत का अपना महत्व है। तपस्या से भौतिक लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

c)

यह एक झूठी टिप्पणी है। गीता केवल उन दिनों उपवास करने की सलाह देती है जो कृष्णभावनामृत में दृढ़ होने मैं सहायक होता है

d)

वैदिक साहित्य में उपवास का अपना महत्व है और गीता वैदिक साहित्य का हिस्सा होने के कारण इसे बढ़ावा देती है

33.

भगवान् चैतन्य की प्रशंसा परम दानवीर के रूप में किस भक्त द्वारा की गई है?

a)

अद्वैत आचार्य

b)

रामानंद राय

c)

श्रीनिवास आचार्य

d)

रूप गोस्वामी

34.

नौसिखियों के लिए भगवान् की भक्ति करते हुए मंदिर-पूजा अनिवार्य है, इसका उल्लेख किस उपनिषद में किया गया है ?

a)

कठोपनिषद्

b)

मुण्डकोपनिषद्

c)

ईशोपनिषद

d)

श्वेताश्वतरोपनिषद

35.

वैदिक साहित्य के अनुसार भगवान का स्वरूप कैसा है?

a)

सच्चिदानन्द

b)

विराट स्वरूप

c)

अकल्पनीय

d)

वैदिक साहित्य भगवान के रूप पर टिप्पणी नहीं करता है

36.

कृप्या यहाँ पर अपना नाम लिखे |

4 lines
37.

कृप्या यहाँ पर अपना पता लिखे |

4 lines
38.

कृप्या यहाँ पर अपना फोन नो. लिखे |

4 lines
39.

कृप्या यहाँ पर अपनी उम्र लिखे |

4 lines
40.

भगवान कृष्ण कहते हैं की उन्हें केवल शुद्ध भक्ति से जाना जा सकता है और ज्ञान , तपस्या ,दान और पूजा से उन्हें नहीं जाना जा सकता ।तो क्या इसका अर्थ हुआ की ज्ञान ,तपस्या आदि भगवान कृष्ण को समझने में एक साधक के लिए निरर्थक हैं ?

a)

हाँ , क्योंकि केवल भक्ति से ही कृष्ण को समझा जा सकता है

b)

नहीं, भक्ति के बिना भी इनके द्वारा कृष्ण को समझा जा सकता है

c)

हाँ , क्योंकि भगवान कृष्ण ज्ञानी , तपस्वी ,दानी और पुजारी को पसंद नहीं करते

d)

नहीं, क्योंकि इनका उपयोग भक्ति भाव के साथ कृष्ण की सेवा में करने से साधक को लाभ होता है

41.

निम्नलिखित में से कौन से श्लोक में कृष्ण शुद्ध भक्ति को ज्ञान और कर्म से अनाव्रत होने का उपदेश करते हैं ?

a)

11.42

b)

11.43

c)

11.44

d)

11.45

42.

कर्मयोगियों और कृष्ण के लिए कर्म करने में क्या अंतर है ?

a)

कोई अंतर नहीं है , दोनो एक ही हैं

b)

कर्म योग साधक को कृष्ण से जोड़ता है , किंतु कृष्ण के लिए कर्म साधक कृष्ण की संतुष्टि के लिए करता है

c)

कर्म योग में साधक को कर्म के फल में आसक्ति होती है , किंतु कृष्ण के लिए कर्म तो पूर्णतया आध्यात्मिक गतिविधि है जिसमें इंद्रिय तृप्ति की कोई सम्भावना नहीं है

d)

2 और 3