Font size
Worksheets71.श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_17.08 -17.14
Total questions: 40
Worksheet time: 40mins
कृप्या यहाँ पर अपना नाम लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपनी आयु लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपना फोन नो लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपना पता लिखे ?
वह कौन सा शरीर है जो अगले शरीर का बीज वहन करता है ?
सूक्ष्म शरीर
स्थूल शरीर
बहुमूल्य शरीर
इनमे से कोई नहीं
जीव का अगला जन्म किस पर निर्धारित करता है ?
कर्मो पर
चेतना पर
देवी देवता पर
कृष्ण पर
चेतना किसके अनुसार बदलती रहती है ?
भौतिक गुणों के संगती पर
कर्मो के आधार पर
कृष्ण को सोचने पर
इनमे से कोई नहीं
श्लोक संख्या 17.6 के अनुसार कठोर तपस्या और व्रत जिनका शास्त्रों में उल्लेख नहीं है किस प्रकार की तपस्या है ?
तमोगुणी
आसुरी
फलहीन
उपरोक्त सभी
दम्भ और अहंकार से अभिभूत होकर की गई शास्त्र विरुद्ध कठोर तपस्या और व्रत, जो काम तथा आसक्ति द्वारा प्रेरित होते है वह निम्नलिखित में से किसे कष्ट पहुँचाते हैं ?
व्रत और तपस्या करने वाले को
हृदय में स्थित परमात्मा को
सामान्य लोगों को
उपरोक्त सभी
निम्नलिखित में से कौन सा गुण सात्विक भोजन में नहीं होता है ?
बल प्रदान करने वाला
स्निग्ध
गरम
रसमय
17 वे अध्याय में भगवान कृष्ण तीन गुणो के आधार पर निम्नलिखित में से किसका वर्णन नहीं करते ?
भोजन
यज्ञ
दान
व्यक्ति
जूठा भोजन उसी अवस्था में ग्रहण किया जा सकता है , जब वह उस भोजन का अंश हो जो भगवान को अर्पित किया जा चुका हो या किसी ………….. द्वारा ग्रहण क्या जा चुका हो ?
साधु पुरुष
देवता
रिश्तेदार
उपरोक्त सभी
किसी यज्ञ को सात्विक होने के लिए उस में कौन कौन से गुण होना आवश्यक है ?
शास्त्र के निर्देशानुसार
कर्तव्य समझ कर किया जाना चाहिए
यज्ञ करने वाला सतोगुण में स्थित होना चाहिए
1 और 2
1,2 और 3
सामान्य तौर पर भगवान की पूजा और यज्ञ भौतिक इच्छा से किए जाते हैं, इस तरह की पूजा अथवा यज्ञ किस प्रकार के हैं ?
सात्विक
राजसी
तामसी
उपरोक्त में से कोई नहीं
जो यज्ञ किसी भौतिक लाभ के लिए या ………. किया जाता है, उसे तुम राजसी जानो?
कर्तव्य समझ कर
प्रसाद वितरण के बिना
दक्षिणा दिए बिना
गर्व वश
किसी मंदिर में अर्चा विग्रह की स्थापना अगर सिर्फ़ धन अर्जित करने के लिए की जाए तो यह किस प्रकार का यज्ञ है ?
सात्विक
राजसिक
तामसिक
यह अर्जित धन के इस्तेमाल पर निर्भर करता है
निम्नलिखित में से कौन कौन से गुण तामसी यज्ञ में पाए जाते हैं ?
शास्त्रों की अवहेलना
श्रद्धा का अभाव
अपने निजी गर्व की संतुष्टि के लिए किया गया यज्ञ
1 और 2
1, 2 और 3
तमो गुण में श्रद्धा वास्तव में ……….है ?
भयानक
अंधी
अश्रद्धा
नारकीय
भगवान कृष्ण शारीरिक तपस्या में निम्नलिखित में से किस किस की पूजा अथवा सेवा करना बताते हैं ?
परमेश्वर
देवता
माता पिता
1,3
1,2,3
निम्नलिखित में से कौन सा कार्य शारीरिक तपस्या में भगवान कृष्ण द्वारा नहीं बताया गया है ?
पवित्रता
सरलता
अहिंसा
स्वाध्याय
वाणी की तपस्या में निम्नलिखित में से कौन सा कार्य भगवान कृष्ण द्वारा नहीं कहा गया है ?
सच बोलना
प्रिय बोलना
कम बोलना
वैदिक साहित्य का नियमित पारायण करना
मन को संयमित बनाने का अर्थ है उसे ………. से अलग करना ?
काम
क्रोध
इंद्रियतृप्ति
उपरोक्त सभी
भगवान को नमस्कार करना, फूल प्रसाद चढाना हर मनुष्य _______ है?
का कर्तव्य
का कर्तव्य नही
का कर्तव्य नहीं केवल भ्रमणो का कर्तव्य
का अनैतिक अधिकार
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प तामसी यज्ञ का हिस्सा नहीं है?
शास्त्र के निर्देशों की पालन करना
वैदिक मन्त्रों का उच्चारण किये बिना
पुरोहितों को दक्षिणा दिए बिना
श्रद्धा के बिना सम्पन्न करना
किसी इच्छा के बिना भगवान की सेवा करने, भगवान के दर्शन करने मंदिर जाने से जीवा किस गुना की तरफ बढ़ेगा?
सतोगुण
रजोगुण
तमोगुण
शुद्ध सतोगुणी
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प तामसी यज्ञ का हिस्सा नहीं है?
श्रद्धा के बिना सम्पन्न करना
शास्त्र के निर्देशों की पालन करना
वैदिक मन्त्रों का उच्चारण किये बिना
पुरोहितों को दक्षिणा दिए बिना
पुरोहितों को दक्षिणा दिए बिना किया गया यज्ञ ________ होता है?
शुद्ध सतोगुणी
सतोगुणी
इनमे से कोई नहीं
तमोगुणी
यदि हम अधिक धन प्राप्त करने के लिए यज्ञ करते हैं पूरी श्रद्धा के साथ पर धन को मनोरंजन, भौतिक सुख के लिए प्रयोग करते हैं तो ऐसा यज्ञ किस श्रेणी में आता है. ?
तमोगुणी
सतोगुनि
शुद्ध सतोगुणी
रजोगुणी
ईश्र्वर या देवों, योग्य ब्राह्मणों, गुरु तथा माता-पिता जैसे गुरुजनों या वैदिक ज्ञान में पारंगत व्यक्ति को प्रणाम करना. ये किस तरह की तपस्या है ?
शारीरिक तपस्या
मानसिक तपस्या
तमोगुणी तपस्या
रजोगुणी तपस्या
अगर कोई शादी किए बिना यौन गतिविधियों में लिप्त है तो वे __________?
शास्त्र की अवहेलना करता है
शस्त्रो का पालन करता है
कुछ गलत नहीं कर रहा है
सतोगुणी है
वाणी की तपस्या क्या है?
मौन रहना
उतना ही बोलना जीता आपका कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त हो
लोक कल्याण की आवश्यकता होने पर ही बोलना
सच्चे, भाने वाले,हितकर तथा अन्यों को क्षुब्ध न करने वाले वाक्य बोलना और वैदिक साहित्य का नियमित पारायण करना - यही वाणी की तपस्या है
आध्यात्मिक क्षेत्रों में बोलने की विधि क्या है?
केवल देवी देवता के नाम का प्रचार करना
जो भी कहा जाय वह शास्त्र-सम्मत हो
निराकार ब्रह्म हेतु हो
जो मनुष्य के आर्थिक लाभ हेतु हो
आंतरिक शुद्धिकरण करने के लिए क्या करना चाहिए?
हरे कृष्ण महामंत्र का जप करना
निराकार पर ध्यान करना
शांत बैठो और अपने आप से बात करो
सुबह उठ कर देवी दुर्गा का पाठ करे
वेदो में विभिन्न प्रकार की तपस्या तथा शाररिक, वाणी की, मन की इत्यादि क्यों बताई गई है?
ताकि व्यक्ति धीरे-धीरे सतोगुण तक आ सके
ताकि व्यक्ति जीवन में स्वस्थ रह सके
ताकि अगले जीवन में अधिक भोग समग्री पा सके
हम इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते
मन की तपस्याएँ क्या हैं?
संतोष
आत्म-संयम
सरलता
उपर्युक्त सभी
मन को संयमित बनाने का अर्थ क्या है?
इन्द्रियतृप्ति से विलग करना
सदैव परोपकार के विषय में सोचना
मन को वैदिक साहित्य और भगवान के भजन मे लगाना
उपर्युक्त सभी
मन की तपस्या में परोपकार की अहम भूमिका है आप परोपकार से क्या समझते हैं ?
जरूरतमंदों की मदद करें
सभी को कृष्ण भावनामृत की ओर ले जाना
गरीब लोगों की आर्थिक मदद करें
अन्न दान करे
गीता में यज्ञ कितन प्रकार के बताया गया है ?
राजसी, तामसी, सतोगुणी
शुद्ध सतोगुणी
सतोगुणी
तामसी
यदि हम भौतिक लाभ, धन, बेहतर स्थिति के लिए यज्ञ कर रहे हैं तो इसे किस श्रेणी के तहत माना जाता है
तमोगुणी
रजोगुण
सतोगुनि
शुद्ध सतोगुणी
क्या उच्च ग्रह प्रणाली को प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में यज्ञ का उल्लेख है?
जी हां वेदो में हर प्रकार के यज्ञ का उल्लेख है
नहीं ऐसा कुछ तो नहीं है
नरक स्वर्ग सब यही इसी पृथ्वी को माना जाता है
हम इस विषय पर टिप्पणी नहीं कर सकते
