Worksheets63. श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_15.01-15.07
Total questions: 38
Worksheet time: 1hrs 16mins
भगवत् गीता के अनुसार वेदों का प्रयोजन कृष्ण को जानना है ।अगर ऐसा है तो वेदों में इतने सारे विभिन्न मार्गों का वर्णन क्यों किया गया है ?
क्योंकि इन सभी मार्गों के पालन से व्यक्ति निराकार ब्रह्म की अनुभूति तक पहुँचता है जो की कृष्ण का भी मूल है
क्योंकि इन सभी मार्गों के पालन से व्यक्ति प्रगति करता है
क्योंकि इन सब मार्गों से व्यक्ति का कृष्ण में प्रेम बढ़ता है
2 और 3
कौन से व्यक्ति के लिए भौतिक संसार रूपी अश्रवथ वृक्ष से कभी मुक्ति प्राप्त नहीं कर सकता ?
जो सकाम कर्मी है
जो निराकार ब्रह्म का उपासक है
जो भगवान कृष्ण का भक्त है
1 और 2
वैदिक स्तोत्र को अश्रवथ वृक्ष का कौन सा भाग माना गया है ?
मूल/जड़
तना
टहनियाँ
पत्ते
भौतिक संसार रूपी अश्रवथ वृक्ष की जड़े किस ओर जाती हैं ?
नीचे की ओर
ऊपर की ओर
ऊपर नीचे दोनो और
चारों ओर
भौतिक संसार रूपी अश्रवथ वृक्ष की विभिन्न टहनियाँ किस वस्तु की रूपक हैं ?
जीव का मोह
विभिन्न देवी देवता
प्रकृति के तीन गुण
विभिन्न लोक
इस आध्यात्मिक जगत का प्रतिबिम्ब हमारी ………. में स्थित है ?
इच्छाओं
बुद्धि
दुनिया (जगत)
सरोवर
…………. दर्शन के अनुसार इसी वृक्ष के मूल के अनुसार 24 तत्वों का प्राकट्य हुआ है ?
भागवत
सांख्य
न्याय
वैशेषिक
भौतिक संसार रूपी वृक्ष किस से अपना पोषण प्राप्त करता है ?
ब्रह्म लोक से(जड़ से )
मोह से
प्रकृति के तीन गुणो से
भगवान कृष्ण से
मनुष्य को भगवान कृष्ण की शरण ग्रहण करने के लिए क्या करना चाहिए ?
आत्म मंथन
श्रवण कीर्तन आदि विधि का पालन
संसार से विरक्ति
2 और 3
कौन व्यक्ति इस भौतिक संसार को पूर्ण रूप से जान सकता है ?
भगवान का शरणागत भक्त
अष्टांग योगी
ज्ञानी
उपरोक्त कोई नहीं
श्लोक संख्या 15.4 के अनुसार भगवान के धाम को प्राप्त करने के लिए कौन कौन से गुण आवश्यक हैं ?
सुख दुःख के द्वन्द से मुक्ति
पूजा, लाभ, प्रतिष्ठा से मुक्ति
विपरीत लिंग के संग से मुक्ति
1 ,2 और 3
भगवान कृष्ण के उपदेश के अनुसार आध्यात्मिक जगत में प्रकाश के लिए सूर्य या चंद्र आदि की आवश्यकता नहीं है, किंतु भौम वृंदावन में तो श्री कृष्ण की बहुत सी लीलाएँ तो रात्रि में चंद्र प्रकाश में सम्पन्न हुई । इसका कारण क्या है ?
क्योंकि भौम वृंदावन में सूर्य या चंद्र प्रकाश की आवश्यकता होती है
क्योंकि भौम वृंदावन में आध्यात्मिक सूर्य और चंद्र प्रकट हुए
क्योंकि भौम वृंदावन आध्यात्मिक जगत नहीं है
उपरोक्त में से कोई नहीं
आध्यात्मिक जगत में जाकर व्यक्ति करता क्या है ?
भगवान कृष्ण का पार्षद बन जाता है
भगवान के नाम का कीर्तन करता है
कृष्ण के साथ विभिन्न रसों में प्रेम विनिमय करता है
उपरोक्त सभी
भगवान तो सारे जगत के स्वामी हैं फिर उनका धाम किस प्रकार से अलग हुआ ?
भगवान का धाम सभी ऐश्वर्यों से पूर्ण है
भगवान के धाम में जीव साक्षात अपने आराध्य की संगति करता है
भगवान के धाम जाकर कोई वापिस नहीं आता
उपरोक्त सभी
निम्नलिखित में से कौन से शास्त्र में श्लोक संख्या 15.6 के सम्मान ही भगवत धाम का वर्णन मिलता है ?
मुंडक उपनिषद
कठोउपनिषद
श्रीमद् भागवतम
पद्म पुराण
कृप्या यहाँ पर अपना नाम लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपना पता लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपना फोन नो.लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपनी आयु लिखे ?
वेदों का मूल क्या प्रयोजन है?
कर्म कांड में पूर्णता
निराकार भ्रम का पूर्ण ज्ञान
कृष्ण को समझना
देवी देवताओं की मूल स्थिति को जनाना
भौतिक जगत् के बन्धन की तुलना _________ से की गई है?
तुलसी के पौधे से
आम के पत्ते से
अश्र्वत्थ के वृक्ष
फलों के खेत से
ब्रह्माण्ड के सर्वोच्चलोक में ____ स्थित हैं ?
इंद्र
ब्रह्मा जी
कृष्णा
वरुण देव
मृत्युरूपी भवबंधन से निकलने की सर्वोत्कृष्ट विधि क्या है?
भगवद्भक्ति
निराकार भ्रम का ध्यान:
परोपकारी कार्य
योग अभ्यास
इस जगत् रूपी वृक्ष की शाखा किसे बताया गया है?
प्रकृति के 3 गुना को
विभिन्न लोक को
जीवात्मा को
जीवात्मा की विभीन इच्छा को
सांख्य दर्शन सारे संसार को कितने तत्त्वों में विभाजित करते हैं ?
चौबीस तत्त्वों
पचीस तत्त्वों
बाईस तत्त्वों
पन्द्रह तत्त्वों
गीता के अनुसार अपरा प्रकृति से किसे संबोधित किया गया है?
भौतिक प्रकृति
जीव
भगवान
उपर्युक्त सभी
क्या वेदो के करम कांड को जाने वाला व्यक्ति वेदो के वास्तविक लक्ष्य को जानता है?
हां, यही वेदों का वास्तविक उद्देश्य है
नहीं, वास्तविक उद्देश्य कृष्ण को जानना है
वेद बहुत विशाल हैं, इसका वास्तविक उद्देश्य कोई नहीं जान सकता
नहीं, वेद का वास्तविक उद्देश्य सर्वोच्च में विलीन होना है
जगत् रूपी वृक्ष की शाखा को पोषित _________ करते हैं?
जीवो की विभीन इच्छा
प्रकृति के तीन गुण
आदिभौतिक, आदिदैविक और आध्यात्मिक कलेश करते हैं
जन्म , मृत्यु जरा और व्याधि करते हैं
मनुष्यों की उच्च लोको में जाने के बाद वापस इस धरातल पर आने की संभावना होती है?
नहीं वेद इसकी पुष्टि नहीं करते
हां, पुण्य संपूर्ण होने पर इस धरातल पर लौटना होता है
नहीं, ऊपरी ग्रह प्रणाली में अपना समय पूरा करने के बाद जीव मुक्त हो जाता है
A और C दोनो सही है
जीव स्वभाव से _____ है?
आनन्दमय
शक्तिशाली
बुद्धिमान
करुणाशील
मनुष्यलोक _________माना जाता है?
कर्मक्षेत्र
भोगक्षेत्र
कष्टक्षेत्र
निर्णयक्षेत्र
ब्रह्मा जी को किन के द्वारा उत्पन्न किया गया?
करनोदक्षयी विष्णु
गर्भोदकशायी विष्णुः
महा विष्णु:
क्षीरोदकशायी विष्णु
भगवान कृपहुँचने के लिए हमे किस विधि में अपने मन को प्रारंभ में लगाना चाहिए ?
श्रवण,कीर्तन
लीला स्मरण
अर्चनम
दासयम
भौतिक प्रकृति का वास्तविक स्वामी कौन है?
कृष्णा
जीव
भौतिक प्रकृति स्वतंत्र है
प्रकृति से परे निराकार भ्रम असली स्वामी है
श्लोक संख्या 15.06 में जिस आध्यात्मिक लोक का वर्णन हुआ है उसे _______कहते हैं
गोलोक वृन्दावन
भ्रामलोक
कृष्णलोक
A और C दोनो सही है
भौतिक ब्रह्माण्ड में कोन सा लोक हैं जो स्वयं प्रकाशित है?
सूर्य
चंद्रमा
भ्रामलोक
इंद्र लोक:
ब्रह्मज्योति जिससे आध्यात्मिक आकाश स्वयं प्रकाशित हैं वस्तुतः यह तेज ________से निकलता है?
कृष्णलोक
ब्रह्मज्योति स्वतंत्र है
श्रीमती राधारानी
यह उन जीवों से आ रहा है जो ब्रह्मज्योति में विलीन हो गए और अपनी पहचान खो दी है
दिव्य जगत में सूर्य प्रकाश, चन्द्र प्रकाश या तारागण की कोई आवश्यकता नहीं है, (न तत्र सूर्यो भाति न चन्द्र तारकम्) क्योंकि समस्त आध्यात्मिक आकाश भगवान् की आन्तरिक शक्ति से प्रकाशमान है. यह कथन किस ग्रंथ से लिया गया है?
कठोपनिषद्
श्रीमद भागवतम
चैतन्य चरितामृत
ईशोपनिषद
