Worksheetsउत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा मॉक टेस्ट 8
Total questions: 100
Worksheet time: 50mins
पीड़ित , से अभिप्रेत है
ऐसा व्यक्ति जिसे कार्य या लोप से क्षति कारीत हुई है
गणित के अंतर्गत संरक्षक या विधिक वारिस भी ह
उपरोक्त दोनों
कोई नही
" लोक अभियोजक " से तात्पर्य है
लोक अभियोजक के निर्देशों के अधीन कार्य करने वाला व्यक्ति
धारा 24 के अधीन नियुक्त व्यक्ति अभिप्रेत है
उपरोक्त दोनों
A सही नहीं है
कुर्की की गई कैसे त्रुटि या गलती के कारण या प्रारूप के अभाव के कारण कुर्की अवैध ना समझी जाएगी किस धारा से संबंधित है
83
466
465
463
दंड प्रक्रिया संहिता में " बंधपत्र एवं जमानत पत्र के रद्द करण " प्रावधान को कब जोड़ा गया
दंड प्रक्रिया संहिता संशोधन अधिनियम 1980 द्वारा
दंड प्रक्रिया संहिता संशोधन अधिनियम 2005 द्वारा
दंड प्रक्रिया संहिता संशोधन अधिनियम 1990 द्वारा
दंड प्रक्रिया संहिता संशोधन अधिनियम 1978 द्वारा
" लोक न्याय का यदि प्रबर्धन करना है , तो यंत्रवत निरोध को कम करना होगा " किस वाद में कहा गया है
मोतीराम बनाम मध्यप्रदेश राज्य 1979
गुड़ी कांति नरसिहुलु बनाम लोक अभियोजक आंध्र प्रदेश 1978 SC
राजस्थान राज्य बनाम बाल चांद ,1977 SC
इनमे से कोई नहीं
किन अपराधों से दंडनिय अपराध में जमानत देने से पूर्व लोक अभियोजक को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा
मृत्युदंड के अपराध में
आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध में
7 वर्ष अथवा उससे अधिक के कारावास से दण्डनीय अपराध
उपरोक्त तीनों
जब उच्च न्यायालय या सेशन कोर्ट अग्रिम जमानत मंजूर करता है तो आवेदन की अंतिम सुनवाई के लिए तत्काल 7 दिन की न्यूनतम सूचना देगा
लोक अभियोजक को
पुलिस अधीक्षक को
सहायक लोक अभियोजक को
A एवम B दोनो को
प्रत्याशित जमानत व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक युक्त है यह ना तो अपराधों को कार्य करने का पासपोर्ट है और ना ही समस्त प्रकार के संभावित या असंभावित अपराध लगाए जाने के विरुद्ध ढाल है किस बवाद में कहा गया ह
परविंदर सिंह एवं अन्य बनाम संघ राज्य क्षेत्र चंडीगढ़ एवं अन्य 2009 एस सी
छज्जू राम बनाम हरियाणा राज्य 1978 एस सी
गुरबख्श सिंह बनाम पंजाब राज्य 1980 एस सी
कोई नहीं
दंड प्रक्रिया संहिता के अध्याय 36 लागू नहीं होता है
यदि अपराध केवल जुर्माने से दंडनीय हैं
यदि अपराध 1 वर्ष से अनधिक कारावास से दंडनीय है
सीमा शुल्क अधिनियम 1962
उपरोक्त में से कोई नहीं
उच्च न्यायालय किसी मामले के महत्व और उसके व्यापक प्रभाव को ध्यान में रखकर या तो सरकार के उपक्रम पर अथवा अपनी स्वयं की रूचि पर किसी मामले के विचारण का निर्णय ले सकता है ऐसे विचार में कौन सी प्रक्रिया बनाएगा
सेशन न्यायालय के विचारण की प्रक्रिया
उच्च न्यायालय के विचारण की प्रक्रिया
उच्च न्यायालय स्वय द्वारा बनाई प्रक्रिया का प्रयोग करेगा
कोई नहीं
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 37 के अंतर्गत सभी व्यक्ति मजिस्ट्रेट या पुलिस की सहायता के लिए बाध्य है
जिसे वह मजिस्ट्रेट या पुलिस आधिकारी गिरफ्तार करने के लिए प्राधिकृत है उसे पकड़ने या भागने से रोकने में
परी शांति भंग के निवारण या रोकने में
रेलवे को क्षति पहुंचाने के प्रयास को रोकने में
उपरोक्त सभी मामले में
संपत्ति से बे कब्जा किए गए व्यक्ति को कब्जा लौटाने का अभियुक्त को आदेश दोष सिद्धि के पश्चात कब तक दिया जा सकेगा
दोष सिद्धि के 1 मास के अंदर तक ही
दोष सिद्धि के पश्चात 2 माह के भीतर
दोष सिद्धि के 6 माह पूर्व है
कोई नहीं
जब किसी व्यक्ति द्वारा निष्ष्पादित बंधन पत्र के संमपहारण का आदेश दिया जाता है तो ऐसे आदेश की अपील किसको नहीं होगी
किसी मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए आदेश की अपील सीजीएम को होगी
मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए आदेश की अपील सेशन न्यायालय को होगी
सेशन न्यायालय के आदेश की अपील उच्च न्यायालय को होगी
सहायक सेशन न्यायाधीश के आदेश की अपील सेशन न्यायालय में होगी
जब किसी मजिस्ट्रेट द्वारा 360 के अधीन आदेश या दंड आदेश दिया गया है किस की अपील होगी
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को
सेशन न्यायालय को
सहायक सेशन न्यायाधीश को
द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट को
जब अपील न्यायालय अतिरिक्त साक्षय लेता है तब---
अभियुक्त या उसके प्लीडर को उपस्थित होने का अधिकार नहीं है
अभियुक्त या उसके प्लीडर को उपस्थित होने का अधिकार है
केबल अभियुक्त को उपस्थित होने का अधिकार है
केबल प्लीडर को उपस्थित होने का अधिकार है
मुचलको पर देय धनराशि को वसूल करने का आदेश देने की शक्ति है
उच्च न्यायालय को
सेशन न्यायालय को
A और B दोनो को
C .j . m . को
उच्चतम न्यायालय अपराधिक मामलों का अंतरण किस के आवेदन पर करेगा
भारत के महान्यायवादी के
हित बद्ध पक्षकार के
दोनों के आवेदन पर
किसी के आवेदन पर नहीं
दंड प्रक्रिया संहिता के निम्नलिखित किन धाराओं में अपील से संबंधित प्रावधान है
धारा 86 , धारा 341 , धारा 448 , धारा 87
धारा 86 धारा 449 धारा 370 धारा 376
धारा 449 धारा 490 धारा 454
धारा 86 , धारा 341 , धारा 351 , धारा 449
पीड़ित किन परिस्थितियों में अपील कर सकता है
अभियुक्त को दोष मुक्त करने वाले आदेश के विरुद्ध
कम अपराध के लिए दोष सिद्ध के आदेश के विरुद्ध
अपर्याप्त प्रति कर अधिकृत करने वाले आदेश के विरुद्ध
उपरोक्त तीनों
किसी अपराध के जिसका समन करने के लिए कोई व्यक्ति इस धारा के अधीन सक्षम है कौन न्यायालय शमन करने की आनूज्ञा दे सकता है
पुनरीक्षण न्यायालय
विचारण न्यायालय
अपील न्यायालय
उपरोक्त तीनों
ऐसा अभियुक्त जो पागल नहीं है और उसे कार्यवाही समझाई नहीं जा सकती और ऐसी कार्यवाही का परिणाम दोष सिद्धि है कार्यवाही करने वाला न्यायालय उच्च न्यायालय से भिन्न है तो आगे की कार्यवाही होगी
ऐसा न्यायालय उसे दोष सिद्ध करेगा
ऐसा न्यायालय उसे दोष सिद्ध नहीं करेगा
ऐसा न्यायालय कार्यवाही के मामले की परिस्थितियों की रिपोर्ट के साथ उच्च न्यायालय को भेज देगा
उपरोक्त में से कोई नहीं
कोई व्यक्ति जिसके विरुद्ध दंड न्यायालय में सीआरपीसी के धारा 98 धारा 107 या धारा 108 धारा 109 या धारा 110 के अधीन कार्यवाही ही संस्थित की जाती है और ऐसा व्यक्ति अपने साक्षी के रूप में प्रस्तुत करता है इनमें से किन धाराओं के अधीन कार्यवाही में ऐसे व्यक्ति द्वारा साक्षय ना देना पक्षकारों या न्यायालय के द्वारा टीका टिप्पणी का विषय नहीं बनाया जाएगा
धारा 98 , धारा 110
धारा 107 धारा 108 धारा 109
धारा 108 धारा 109 धारा 110
धारा 98 धारा 107 धारा 108
यदि अभियुक्त दंड प्रक्रिया संहिता के धारा 313 के तहत प्रश्नों का उत्तर देने से इनकार करता है या मिथ्या उत्तर देता है तो वह
मिथिया साक्ष्य देने के लिए दंडित होगा
भारतीय दंड संहिता की धारा 179 के अधीन दंडित होगा
उपरोक्त दोनों
उपरोक्त में से कोई नहीं
नमूना हस्ताक्षर या हस्त लेख देने के लिए किसी व्यक्ति को आदेश कौन मजिस्ट्रेट दे सकता है
द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट
प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट
जिला मजिस्ट्रेट
कार्यपालक मजिस्ट्रेट
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 311 ए किस संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया
संशोधन अधिनियम 1980
संशोधन अधिनियम 1990
संशोधन अधिनियम 2005
संशोधन अधिनियम 2006
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 309 के अधीन जब जांच या विचारण भारतीय दंड संहिता की धारा 376 से 376d से संबंधित है वहां जांच या विचारण यथासंभव पूरा किया जाएगा
पक्षकारों की परीक्षा के प्रारंभ की तिथि से 2 माह के भीतर
साक्षयों की परीक्षा के परिणाम की तिथि से 2 माह के भीतर
साक्षयों की परीक्षा से प्रारंभ की तिथि से 2 माह के भीतर
उपरोक्त में से कोई नहीं
जब अभियुक्त पर क्षमादान की शर्तों का पालन न करने के कारण उच्च न्यायालय की अनुमति से मिथ्या साक्षय के लिए विचारण किया जाता है तो दंड प्रक्रिया संहिता की कौन सी धारा लागू नहीं होगी
धारा 195
धारा 340
ए एवं बी दोनों
उपरोक्त में से कोई नहीं होगी
किस न्यायालय के समक्ष विचारण में अभियुक्त को राज्य के व्यय पर जिसके पास प्लीडर नियुक्त करने के पर्याप्त साधन नहीं है न्यायालय को समाधान होने पर न्यायालय प्लीडर नियुक्त करेगा
सेशन न्यायालय
मजिस्ट्रेट का न्यायालय
सीजीएम का न्यायालय
उपरोक्त में से कोई नहीं
किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने दांडीक कार्यवाही में भी सिविल प्रक्रिया संहिता का महत्वपूर्ण सिद्धांत पूर्व न्याय लागू किया?
प्रीतम सिंह बनाम पंजाब राज्य 1956 सुप्रीम कोर्ट
राजस्थान राज्य बनाम ताराचंद जैन 1973
रविंदर सिंह बनाम हरियाणा राज्य 1975
मुथुस्वामी बनाम केरल राज्य 1982
दोष सिद्धि पर परिशान्ति कायम रखने का आदेश दे सकता है
द्वितीय वर्ग मजिस्ट्रेट
अपील न्यायालय
पुनरीक्षण न्यायालय
बी और सी दोनों
Allegans contraria non est audiendus सुत्र भारतीय साक्ष्य अधिनियम के किस धारा से संबंधित है
123
124
115
122
पिकर्ड बनाम सियर्स के वाद में न्यायाधीश कौन था ??
लार्ड डेनमेन
लार्ड विल्बरफोर्स
लार्ड टिंडल
लार्ड फ्लोरेंस
कौन व्यक्ति सक्षम साक्षी नहीं होता
उन्मत्त
जड़ व्यक्ति
A एवम B दोनो
पागल व्यक्ति जब प्रश्नों का सही उत्तर देता है
जब कोई साक्षी ऐसे प्रश्न का उत्तर देता है जिसका उत्तर उसे अपराध में फंसा देगा जो सिविल या दांडिक कार्यवाही में विवाद ग्रस्त विषय से संबंधित है तो ऐसे प्रश्न का उत्तर देने से वह --
क्षम्य होगा
क्षम्य न होगा
उपरोक्त दोनों
उपरोक्त में से कोई नहीं
यदि साक्षी ने विवशता में कोई उत्तर दिया है , तो ऐसे उत्तर से प्राप्त तथ्य से उसकी गिरफ्तारी या अभियोजन का आधार नहीं सकता किन्तु यदि साक्षी मिथ्या उत्तर देता है तो
IPC के धारा 179 के तहत दंडित होगा
IPC के धारा 193 के तहत दंडित होगा
कोई कार्यवाही नही होगी
वह क्षम्य होगा
सह अपराधी के परिसाक्ष्य के आधार पर किसी व्यक्ति का दोष सिद्धि करना
अवैध नहीं है
अवैध है
सुसंगत है
अग्राहय है
साक्षियों के प्रकरण के बारे में सिविल प्रक्रिया संहिता तथा दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधान के अभाव में विनियमित होगा
न्यायालय के विवेक द्वारा
उच्च न्यायालय के विवेक द्वार
उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमों के द्वारा
उपरोक्त में से कोई नहीं
जब कोई व्यक्ति किसी खो गई दस्तावेज की अंतर्वस्तु को साबित करने की स्थापना करता है तो उसे सबसे पहले यह साबित करना होगा कि
मूल खो गया है
मूल आसानी से हटाया नहीं जा सकता
उपरोक्त दोनों
कोई नहीं
किसी दस्तावेज की अंतर्वस्तु के बारे में मौखिक स्वीकृतिया तब सुसंगत होगी जब
पेश की गई दस्तावेज की असलियत प्रश्न गत हो
पेश की गई दस्तावेज की असलियत प्रश्न गलत नहीं हो
उपरोक्त सभी में
इनमें से कोई नहीं
सर्वोत्तम साक्ष्य के नियम पर आधारित है
धारा 22
91
उपरोक्त दोनों
कोई नही
A, चुराए हुए माल को यह जानते हुए प्राप्त करने का अभियुक्त है वह यह साबित करने की प्रस्थापना करता है कि उसने उसके मूल्य से कम कीमत पर बेचने से इनकार किया था यद्यपि वह स्वीकृतियां है तथापि A, इनको साबित कर सकेगा क्योंकि वे
विवाधक तथ्य से प्रभावित उसके आचरण के स्पष्टटीकारक है
विवाधक तथ्यों से असंगत है
असुसंगत है
उपरोक्त में से कोई नही
A, और B के बीच प्रश्न यह है कि अमुक विलेख कूटरचित है या नहीं , । A, कहता है कि विलेख कूटरचित है। B , कहता है कि विलेख कूटरचित नहीं है निम्न में कौन सुसंगत है
A का कथन A के द्वारा साबित करना
B, का कथन B , के द्वारा साबित करना
A के कथन B, साबित कर सकता है , B के कथन को A साबित कर सकता है
इनमे से कोई नही
A, पर आरोप है कि उसने B, की हत्या साशय B पर गोली चलाकर की । यह तथ्य दर्शित किया जाता है कि उसने अन्य अवसरों पर भी B, पर गोली चलाई थीं ऐसा तथ्य ---
सुसंगत है
असंगत है
अग्राह्य है
अमान्य है
अभियुक्त का बुरा शील सुसंगत होता है
जब बुरा शील स्वयं विवाधक हो
जब बुरा शील स्वयं सुसंगत हो
जब बुरा शील असंगत हो
कोई नही
" अन्यस्त उपस्थिति का अभिवाक" साबित करने का भार अभियुक्त पर होता है किस धारा में प्रावधानित है
102
105
101
103
शिनाक्त परेड कब होता है
जांच के प्रक्रम पर
Investigation के प्रक्रम पर
विचारण के प्रक्रम पर
कोई नही
एक लड़की जिसके साथ व्लातसंग किया गया बिना परिवाद किए किए उसने कहा कि मेरे साथ बलात्संग किया गया । धारा 8 के अधीन कथन ----
सुसंगत नहीं है
सुसंगत है
ग्राहय है
अमान्य है
किस वाद में भारतीय तथा अंग्रेजी विधि में मृत्युकालीक कथन में अंतर बताया गया है
किशन लाल Vs राजस्थान राज्य 1999 SC
मुन्नी राजा Vs मध्य प्रदेश 1976 SC
रामनाथ माधोप्रसाद Vs मध्य प्रदेश 1953 SC
पकाला नारायण स्वामी बनाम ईमपरर 1939
" Res Inter alias judicata mullum inter alias prejudicium Facit " किस धारा से संबंधित है
41
42
43
44
A ,B से घोड़ा खरीदने की लिखित संविदा करता है । B, मौखिक गारंटी देता है कि घोड़ा अच्छा है । A, यह लिखकर देता है कि B, से घोड़ा रुपए 5,000 प्रतिफल देकर खरीदा । ऐसी मौखिक गारंटी को साबित किया जा सकता है
मौखिक साक्ष्य द्वारा
दस्तावेजी साक्ष्य द्वारा
उपरोक्त दोनों
उपरोक्त में से कोई नही
प्रोबेट से अभिप्रेत है
वसीयत
वसीयत को ऐसी प्रतिलिपि से है जो सक्षम न्यायालय की मुद्रा से प्रमाणित है
अधिकार पत्र है
उपरोक्त में से कोई नही
प्रोबेट एक दूतियक साक्ष्य है यह किस धारा में ग्राहय है
65
91
93
52
" Affirmanti non Neganti in cumbit probatio " लैटिन सूत्र किस धारा से संबंधित है
101
92
102
91
सबूत का भार एवं साबित करने का भार में अंतर किस वाद में बताया गया है
ए राध वम्मा बनाम ए चनकंपा 1964 SC
दहया भाई बनाम गुजरात राज्य 1964 SC
बुलमिंगन बनाम डीपी 1935
कोई नही
Actori in cumbit onus probandi यह लैटिन सूक्ति संबंधित है
वादी को अपने मामले को स्थापित करने के लिए
अभियोजन को अभियुक्त को संदेह से परे साबित करने से है
उपरोक्त सभी
केवल B
कोई कार्य तब तक अनैतिक नही है ,जब तक उसकी दोषी मन से न किया गया हो ,कथन है
कोक महोदय का
सेंट आगस्तायन का
Black burn
कैनेडी महोदय का
क्वीन बनाम। टॉलसन में न्यायाधीश थे
कोक
कैनेडी महोदय
लार्ड अलंबारो महोदय
काकबर्न महोदय
भारतीय दंड संहिता की कौन सी धारा प्रतिनिधि दायित्व के सिद्धांत को प्रतिपादित करती है
154
155
A और B दोनों
157
" Nullum poena sine lege " शुक्ती संबंधित है
किसी व्यक्ति को उस कार्य के लिए दंडित किया जा सकता है जो अपराध घोषित हो
लोकमत सर्वोच्च है
विधि का लक्ष्य नैतिकता प्राप्त करना है
उपरोक्त में से कोई नहीं
" कार्य जिससे दूसरे का जीवन या वैयतीक क्षेम संकटापंन हो " किस धारा से संबंधित है
335
336
337
338
मृत शरीर के गुप्त व्ययन द्वारा जन्म छिपाना किस धारा से संबंधित है
318
319
317
316
A , B पर भरी हुई बंदूक रखकर कहता है कि वह C, पर बंदूक से गोली चलाकर उसकी मृत्यु कारीत करे , अन्यथा उसकी मृत्यु बंदूक से गोली चलाकर कर देगा . B, मृत्यु के भय से C, ki मृत्यु बंदूक चलाकार कारीत कर देता है , B, दोषी ---
किसी अपराध का नही
हत्या का
अपराधिक मानव वध
कोई नही
एक चोर चोरी करने के बाद सामान लेकर भाग रहा था । गांव वालों ने उसका पीछा किया वह गांव वालों पर पत्थर फेंकने लगा , वह दोषी है ---
चोरी का
लूट का
उपहती का
उद्यापन द्वारा लूट का
D, की हत्या करके के लिए B, को A, उकसाता है B, ऐसी उकसाहट ने अनुसरण में D, को घायल करता है ,B, दोषी है
घोर उपहति करने का
B किसी अपराध का दोषी नही है
उपहती का
कोई नही
A, को police अवैध ढंग से गिरफ्तार कर के रात्रि में लें जा रही थी कुछ लोगों ने A, को पुलिस से छुड़ाने की कोशिश की । पुलिस ने अपने पीछे चलने वालों पर 3 गोलियां चलाई ,जिसके ज़बाब में अपने बचाव में उन लोगों ने भी गोलियां चलाई जिससे एक कांस्टेबल की मृत्यु हो गई । उन लोगों ने अपराध किया
हत्या का
अपराधिक मानव वध
कोई अपराध नही
इनमे से कोई नही
A , अपनी पत्नी को लेने के लिए ससुर के घर गया । जब पत्नी चलने k liye तैयार नहीं हुए तो उसने पत्नी को घसीटते हुए बाहर लाया । इस पर A, के साले ने A, पर चाकू से हमला करके घायल कर दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई , साले ने अपराध किया :--
हत्या का
हत्या का दुस्प्रेरण का
अपराधिक मानव वध
कोई नही
J, को मरवाने के इरादे से A, को B , "J " के खाने में जहर मिलाने का दुस्प्रेरित करता है । B, की उपस्थिति में A, भोजन में जहर मिला देता है । A, 6 वर्ष का शिशु है B, की उपस्थिति में J, द्वारा भोजन करने का मृत्यु हो जाती है , B, दोषी है ----
हत्या है
हत्या दुष्प्रेरण का
अपराधिक मानव वध का
कोई नही
A, अपने अपने सगे पुत्र को खो चुका था एक को अपने पड़ोसी के 4 वर्ष के बालक B, से स्नेह हो गया था अपने पड़ोसी के घर में घुसकर बच्चे को इस आशय से उठा ले गया कि वह उसके साथ कुछ देर रहेगा और उसके बाद उसे घर सुरक्षित वापस कर देगा माता पिता ने बच्चे के गायब होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज करा दी A, ने अपराध किया
व्यापहरण
अपहरण
गृह अतिचार
कोई अपराध नही
A, एक सिक्का संग्राहक ने साथी सिक्का संग्राहक की, जेब से बेईमानी पूर्वक मुट्ठी भर सिक्का निकाल लिया परंतु जब उसका परीक्षण किया गया तो पता चला कि उसके अपने ही सिक्के थे जो पहली चोरी हो गए थे A, ने अपराध किया
A, ने कोई अपराध नही किया
चोरी
चोरी का प्रयत्न
कोई नही
A , B, X, Y , और Z, ने M को पीटना शुरू कर दिया , M, क्षति के प्रभाव में जमीन पर गिर गया । भागते हुए ,Z, ने M का पर्स निकल लिया ,। Z, द्वारा कौन सा अपराध किया गया ।
स्वैच्छया उपहती एवं चोरी का अपराध किया
केवल चोरी का अपराध
स्वैच्छया उपहती
लूट
" संपत्ति के समपहरण " का दंड किस धारा में प्रावधान किया गया है
126
127
A और B दोनों
125
A, ने B, से 1000 रुपए का चेक प्राप्त किया ,तथा एक शून्य बढ़ाकर चेक को भुलने के लिए बैंक में प्रस्तुत किया बैंक अधिकारी को उस चक के लेख पर संदेह होता है A, चेक वापस लेता है तथा उसे नस्ट कर देता है । A, ने अपराध किया
कूट रचना
छल
छल का प्रयत्न
A एवम B दोनों
A , ने एक मकान मालिक ने किराएदार B, से किराए के बार-बार मांग करने पर भी किराया ना देने के कारण एक दिन मकान में ताला बंद कर दिया A, ने अपराध किया
सदोष अवरोध का
सदोष परिरोध का
अपराधिक अतिचार का
लूट का
जब 5 या 5 से अधिक व्यक्ति शांतिपूर्ण तरीके से बिना किसी अपराधिक आशय के खड़े रहते हैं और अचानक झगड़ने लगते हैं तो वह किस अपराध के दोषी हैं
दंगा
बलवा
हिंसा
किसी अपराध के नहीं
व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर पूर्ण अवरोध होने पर कौन सा अपराध होगा
सदोष अवरोध
सदोष परिरोध
अपराधिक अतिचार
कोई नही
A, Y के पुस्तकालय में जाता है B, के सम्मति के बिना पढ़ने के लिए एक किताब पढ़ने के बाद वापस करने के आशय से ले जाता है A, ने अपराध किया
चोरी
अपराधिक अतिचार
गृह अतिचार
दुविर्णियोग
A, और B एक घोड़े के संयुक्त स्वामी है ,A, B, ko नुकसान करने के आशय से घोड़े को गोली मार देता है ,A, दोषी है
Risti का
दुर्विर्णियोग
उपरोक्त में से कोई नही
छल
A, को एक सड़क पर के चिट्ठी पड़ी मिलती है जिसमे एक बैंक नोट है चिट्ठी में दिए हुए निर्देश से यह पता लगता है है कि वह नोट किसका है , वह उस नोट को विनियोग कर लेता है , वह दोषी है :--
दुर्विर्णियोग का
छल का
चोरी का
कूटरचना का
अपराधिक दुर्विनियोग का अपराध तब पूर्ण होता है जब==
जब संपत्ति अपने उपयोग के लिए परिवर्तित कर ली जाती है
जब संपत्ति के स्वामी को जानते हुए भी संपत्ति को अपने पास रखे रहता है
जब स्वामी द्वारा मांग पर भी संपत्ति नहीं देता है
उपरोक्त में से कोई नही
अपराधिक न्यास भंग का अपराध =
चालू रहने वाला अपराध है
चालू रहने वाला अपराध नही है
अभिव्यक्त या विवक्षित वैध संविदा का अतिक्रमण होता है
उपरोक्त में से कोई नही
अपराधिक अतिचार का अपराध निर्भर करता है
अभियुक्त के आशय पर
कार्य की प्रकृति पर
संपति जगम होने पर
बिना कब्जे की संपति पर
अपराधिक अतिचार का गंभीर स्वरूप है
गृह अतिचार
गृह भेदन
चोरी
कोई नही
गृह भेदन का अपराध है
जमानतीय
अशमनीय
शमनीय
अशमनीय एवम अजमानतीय
गृह अतिचार में आवाश्यक नही है
केवल आवासीय मकान होना आवश्यक है
बल प्रयोग
उपरोक्त दोनों
उपरोक्त में से कोई नही
किसी व्यक्ति को किसी स्थान से जाने के लिए बल द्वारा विवश करता है तो कौन सा अपराध करता है
अपहरण
व्यपहारण
अपराधिक बल
उपरोक्त में से कोई नही
ढोर , शब्द के अंतर्गत आते हैं
सिंग वाले ढोर
हाथी , ऊंट ,बकरियां
खच्चर , भेड़े , सुअर
सभी
त्योहारों के अवसर पर मार्गों में संगीत के ध्वनि कितनी तेज हो इससे विनियमन करने हेतु जिला पुलिस अधीक्षक की शक्ति का उपबंध पुलिस अधिनियम में किस धारा के अंतर्गत किया गया है
धारा 15 ए का खंड
धारा 27 A का खंड
धारा 30 का खंड
धारा 32 का खंड
पुलिस अधिनियम 1861 का कौन सा क्रमांक है
2
5
6
7
अतिरिक्त पुलिस बल व्यय का भार किस पर होता है
राज्य सरकार
स्थानीय सरकार पर
आवेदन करने वालो व्यक्ति पर
कोई नही
किस धारा के अंतर्गत पुलिस थाने का भार साधक अधिकारी को एक जनरल डायरी रखने के लिए प्राधिकृत किया गया है
42
44
43
46
धारा 42 के अंतर्गत कार्यवाही के लिए परिसीमा है
1 माह पूर्व
2 माह पूर्व
3 माह पूर्व
15 दिन पूर्व
पुलिस एक्ट धारा 34 A किससे संबंधित है
32
34
32 तथा 34 से
सभी
उत्तर प्रदेश राज्य ने वर्ष 1984 में पुलिस अधिनियम में संशोधन करते हुए कौन सी धारा जोड़ी गई है
32A तथा 32 B
धारा 33 A
30 A
31 A
पुलिस अधिनियम 1861 की धारा 33 एक व्यावृत्ति खंड है यह धारा किसकी शक्तियों को व्यावृत्ति प्रदान करती है
राज्य शासन
जनपद मजिस्ट्रेट
पुलिस महा निदेशक
पुलिस अधीक्षक
पुलिस एक्ट धारा 44 के अंतर्गत कौन पुलिस डायरी को मंगवाने तथा उसका निरीक्षण करने हेतू स्वतंत्र है
जनपद पुलिस अधीक्षक
जनपद मजिस्ट्रेट
उपरोक्त दोनों
केवल उच्च न्यायालय
पुलिस एक्ट धारा 30 में कुल कितनी उपधाराए है
2
3
4
5
पुलिस एक्ट में कौन से धारा दांडिक उपबंध से संबंधित है
17
19
18
उपरोक्त सभी
Head Constable Station Writer , थाने का
कार्यालय लिपिक होता है
अभिलेख रक्षक होता है
लेखाकार होता है
उपरोक्त सभी
उत्तर प्रदेश पुलिस विनियम में , मृत्युपरांत परीक्षण विषयक उपबंध है
पैरा 137
138
140
139
पुलिस एक्ट में , लोक अभियोजक को मलखाने का निरीक्षण करना चाहिए
मासिक
दू मासिक
त्रि मासिक
पाक्षिक
