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Worksheetsदीवानों की हस्ती-1_1
Total questions: 24
Worksheet time: 12mins
'दीवानों की हस्ती' कविता के रचयिता कौन है?
भगवतीचरण वर्मा
रूहान शंकर
अद्वैता गुप्ता
ली सुनमी
कवि सुख और दुःख को किस भाव से ग्रहण करता है?
समान भाव
अलग भाव
एक अजीब एहसास
कवि किस बात के लिए संघर्षरत रहता है?
समाज की भलाई के लिए
अपने परिवार की बेहतरी के लिए
अपने दोस्तों की बेहतरी के लिए
खुद की बेहतरी के लिए
कवि सुख - दुःख की भावना से निर्लिप्त क्यों है?
कृपया ऑडियो क्लिप के पहले वाक्य का चयन करें।
कवि सुख - दुःख की भावना से इसलिए
निर्लिप्त है क्योंकि वह सुख और दुःख
को समान भाव से देखता है।
कवि सुख - दुःख की भावना से निर्लिप्त क्यों है?
कृपया ऑडियो क्लिप के दूसरे वाक्य का चयन करें।
कवि सुख - दुःख की भावना से इसलिए
निर्लिप्त है क्योंकि वह सुख और दुःख
को समान भाव से देखता है।
कवि सुख - दुःख की भावना से निर्लिप्त क्यों है?
कृपया ऑडियो क्लिप का तीसरा वाक्य चुनें।
कवि सुख - दुःख की भावना से इसलिए
निर्लिप्त है क्योंकि वह सुख और दुःख
को समान भाव से देखता है।
कवि किन बंधनों को तोड़ने की बात कर रहा है? ऑडियो क्लिप का पहला वाक्य क्या है?
कवि समाज में व्याप्त बुराइयों,
रूढ़िग्रस्त रीती - रिवाज़ों के
परंपरागत बंधनों को तोड़ने की
बात कह रहा है।
कवि किन बंधनों को तोड़ने की बात कर रहा है? ऑडियो क्लिप का दूसरा वाक्य क्या है?
कवि समाज में व्याप्त बुराइयों,
रूढ़िग्रस्त रीती - रिवाज़ों के
परंपरागत बंधनों को तोड़ने की
बात कह रहा है।
कवि किन बंधनों को तोड़ने की बात कर रहा है? ऑडियो क्लिप का तीसरा वाक्य क्या है?
कवि समाज में व्याप्त बुराइयों,
रूढ़िग्रस्त रीती - रिवाज़ों के
परंपरागत बंधनों को तोड़ने की
बात कह रहा है।
कवि किन बंधनों को तोड़ने की बात कर रहा है? ऑडियो क्लिप का चौथा वाक्य क्या है?
कवि समाज में व्याप्त बुराइयों,
रूढ़िग्रस्त रीती - रिवाज़ों के
परंपरागत बंधनों को तोड़ने की
बात कह रहा है।
कवि ने दुनियाँ को भिखमंगा क्यों कहा है? ऑडियो क्लिप का पहला वाक्य क्या है?
कवि ने दुनियाँ को भिखमंगा
इसलिए कहा है क्योंकि दुनिया
में सभी लोग एक दूसरे से
कुछ न कुछ माँगते रहते हैं।
कवि ने दुनियाँ को भिखमंगा क्यों कहा है? ऑडियो क्लिप का दूसरा वाक्य क्या है?
कवि ने दुनियाँ को भिखमंगा
इसलिए कहा है क्योंकि दुनिया
में सभी लोग एक दूसरे से
कुछ न कुछ माँगते रहते हैं।
कवि ने दुनियाँ को भिखमंगा क्यों कहा है? ऑडियो क्लिप का तीसरा वाक्य क्या है?
कवि ने दुनियाँ को भिखमंगा
इसलिए कहा है क्योंकि दुनिया
में सभी लोग एक दूसरे से
कुछ न कुछ माँगते रहते हैं।
कवि ने दुनियाँ को भिखमंगा क्यों कहा है? ऑडियो क्लिप का चौथी वाक्य क्या है?
कवि ने दुनियाँ को भिखमंगा
इसलिए कहा है क्योंकि दुनिया
में सभी लोग एक दूसरे से
कुछ न कुछ माँगते रहते हैं।
कवि जग को अपना क्या योगदान देना चाहता है? ऑडियो क्लिप का पहला वाक्य क्या है?
कवि लोगों में खुशियाँ बाटना चाहता है।
वह लोगों के मन से दुःख
और भय जैसे भावों को
दूर करना चाहता है।
कवि जग को अपना क्या योगदान देना चाहता है? ऑडियो क्लिप का दूसरा वाक्य क्या है?
कवि लोगों में खुशियाँ बाटना चाहता है।
वह लोगों के मन से दुःख
और भय जैसे भावों को
दूर करना चाहता है।
कवि जग को अपना क्या योगदान देना चाहता है? ऑडियो क्लिप का तीसरा वाक्य क्या है?
कवि लोगों में खुशियाँ बाटना चाहता है।
वह लोगों के मन से दुःख
और भय जैसे भावों को
दूर करना चाहता है।
कवि जग को अपना क्या योगदान देना चाहता है? ऑडियो क्लिप का चौथा वाक्य क्या है?
कवि लोगों में खुशियाँ बाटना चाहता है।
वह लोगों के मन से दुःख
और भय जैसे भावों को
दूर करना चाहता है।
कवि की मंज़िल निश्चित क्यों नहीं है? ऑडियो क्लिप का पहला वाक्य क्या है?
कवि अपने इच्छानुसार जीवन
का आनंद लेना चाहता है।
उसे जो भी राह दिखती है वह उसी पर आगे बढ़ जाता है।
इसलिए कवि की मंज़िल निश्चित नहीं है।
कवि की मंज़िल निश्चित क्यों नहीं है? ऑडियो क्लिप का दूसरा वाक्य क्या है?
कवि अपने इच्छानुसार जीवन
का आनंद लेना चाहता है।
उसे जो भी राह दिखती है वह उसी पर आगे बढ़ जाता है।
इसलिए कवि की मंज़िल निश्चित नहीं है।
कवि की मंज़िल निश्चित क्यों नहीं है? ऑडियो क्लिप का तीसरा वाक्य क्या है?
कवि अपने इच्छानुसार जीवन
का आनंद लेना चाहता है।
उसे जो भी राह दिखती है वह उसी पर आगे बढ़ जाता है।
इसलिए कवि की मंज़िल निश्चित नहीं है।
कवि की मंज़िल निश्चित क्यों नहीं है? ऑडियो क्लिप का चौथा वाक्य क्या है?
कवि अपने इच्छानुसार जीवन
का आनंद लेना चाहता है।
उसे जो भी राह दिखती है वह उसी पर आगे बढ़ जाता है।
इसलिए कवि की मंज़िल निश्चित नहीं है।
'हम स्वंय बँधे थे और स्वंय हम अपने बंधन तोड़ चले' - पंक्ति का अर्थ बताइए। उत्तर का पहला वाक्य क्या है?
कवि स्वंय सांसारिक बंधनों से बंधकर आया था
परन्तु वह अब सांसारिकता के सभी बंधनों को अपनी इच्छा से तोड़कर स्वच्छंद जीना चाहता है।
'हम स्वंय बँधे थे और स्वंय हम अपने बंधन तोड़ चले' - पंक्ति का अर्थ बताइए। उत्तर का दूसरा वाक्य क्या है?
कवि स्वंय सांसारिक बंधनों से बंधकर आया था
परन्तु वह अब सांसारिकता के सभी बंधनों को अपनी इच्छा से तोड़कर स्वच्छंद जीना चाहता है।
