Worksheetsबाल विकास और अध्यापन Part-9
Total questions: 50
Worksheet time: 25mins
केवल कागज-पेंसिल जाँचो द्वारा आंकलन
सकल आकलन को बढ़ावा देता है
आकलन को सीमित कर देता है
समग्र मूल्यांकन को सुविधा प्रदान करता है
निरंतर मूल्यांकन को सुविधा प्रदान करता है
माध्यमिक विद्यालय की कक्षा में शिक्षिका के पास एक ‘बधिर’ बच्चा है। उसके लिए यह महत्वपूर्ण है कि
विद्यालय सलाहकार (काउंसलर) से कहे कि वे बच्चे के अभिभावकों से बात करे तथा उन्हें अपने बच्चे को विद्यालय से हटाने के लिए कहे
वह बच्चे को उस स्थान पर बैठाए जहाँ से यह शिक्षिका के होंठ तथा चेहरे के भाव साफ तौर पर देख सके
उसके प्रति संकेत करे जिसे वह बच्चा बार-बार भी नहीं कर पा रहा
बच्चे को डाँट-फटकार कर उसे अलग स्थान पर बैठाए ताकि वह बधिर केन्द्र में प्रवेश ले ले
एक शिक्षक समाज के ‘वंचित वर्ग’ के बच्चों की आवश्यकताओं को प्रभावपूर्ण तरीके से पूरा कर सकता है
कक्षा-कक्ष के प्रत्येक बच्चे की आवश्यकतानुसार अपना शिक्षण-कौशल अपनाकर
उनकी पृष्ठभूमि की अपेक्षा करके तथा उन्हें विद्यालय में कार्य करने के लिए कहकर
उन्हें कक्षा-कक्ष में अलग स्थान पर बैठाकर, ताकि वे अन्य बच्चों से मेल-जोल न करे
अन्य बच्चों को वंचित पृष्ठभूमि वाले बच्चों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने के लिए कहक
अधिगम-निर्योग्यता वाले बच्चे
बहुत सव्रिय होते हैं, लेकिन उनकी बुद्धि-लब्धि कम होती है
बहुत बुंद्धिमान तथा परिपक्व होते हैं
कुछ भी नहीं सीख सकते
अधिगम के कुछ पक्षों से संघर्ष करते हैं
शिक्षक बच्चों को सृजनात्मक विचारों के लिए प्रोत्साहित कर सकता है
उन्हें बहु-विकल्पी प्रश्न देकर
उन्हें बहु-विकल्पी प्रश्न देकर
उन्हें उत्तर कंठस्थ करने के लिए कहकर
उनसे प्रत्यास्मरण-आधारित प्रश्न पूछकर
विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों से व्यवहार करने के लिए निम्नलिखित दार्शनिक दृष्टिकोणों में से किसका अनुसरण किया जाना चाहिए?
उन्हें समावेशी शिक्षा का और नियमित विद्यालयों में अध्ययन करने का अधिकार प्राप्त है
उन्हे किसी प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता ही नहीं होती
उन्हें पृथक करे उनकी शिक्षा किसी भिन्न शैक्षिक संस्थाओं में होनी चाहिए
उन्हें केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए
अधिगमकर्ता-केन्द्रित विधि का आशय है
उन विधियों को अपनाना, जिनमें शिक्षक मुख्य कर्ता (पात्र) होता है
वे विधियाँ, जहाँ अधिगम में अधिगमकर्ता की अपनी पहल तथा प्रयास सम्मिलित होते हैं
कि शिक्षक अधिगमकर्ता के लिए स्वयं निष्कर्ष निकाल देते हैं
परम्परागत व्याख्यात्मक विधियाँ
निम्नलिखित में से कौन-सा एक सीखने के लिए प्रमुख है?
अनुकरण
अर्थ-निर्माण
अनुबंधन
रटकर याद करना
पियाजे तथा वाइगोत्स्की के अनुसार, एक रचनात्मक कक्षा-कक्ष में अधिगम
शिक्षक द्वारा पुनर्बलन किया जाना
शिक्षार्णियों द्वारा स्वयं सृजित किया जाता है, जो एक सव्रिय भूमिका निभाते हैं
शिक्षक द्वारा लिखवाया जाता है तथा शिक्षार्थी निष्व्रिय प्राप्तकर्ता होते हैं
उद्दीपक तथा अनुक्रिया के जोड़ से होता है
निम्नलिखित में से कौन-सा ‘आधारभूत सहायता’ का एक अच्छा उदाहरण है (जिसका आशय है समस्या समाधान को तब तक सिखना जब तक शिक्षार्थी स्वयं न कर सके)?
समस्या कासमाधान जल्दी देने के लिए पुरस्कार देना
उसे यह बताना कि वह बार-बार प्रयास द्वारा कर सकती है
उसे आधा समाधान (हल) किया उदाहरण उपलब्ध करवाना
उसे कहना कि जब तक वह समस्या का समाधान नहीं कर लेती, तब तक घर नहीं जा सकती
आपकी कक्षा में सीखने की विविध शैलियों वाले बच्चे हैं। उनका आकलन करने के लिए आप उ
समान अनुदेश देंगे तथा उसके बाद बच्चों द्वारा परीक्षण में प्राप्त अंकों के अनुसार उनकी नामित करेंगे
कार्यों और परीक्षणों के एक समान सेट देंगे
विविध प्रकार के कार्य और परीक्षण देंगे
परीक्षण पेरे करने के लिए एकसमान समय देंगे
आजकल बच्चों की ‘गलत धारणाओं’ को ‘वैकल्पिक धारणाएँ’ कहने की एक प्रवृत्ति है। इसे कहा जा सकता है
बच्चों की समझ में सूक्ष्म भेद करना और उनका अपने सीखने के प्रति निष्व्रिय रहना
पहचानना कि बच्चे सोच सकते हैं और उनकी सोच प्रौढ़ों से भिन्न होती है
बच्चों की गलतियों की व्याख्या के लिए मनोहारी शब्दों का उपयोग करना
बच्चों को उनकी सोच में प्रौढ़ों के समान मानना
निम्नलिखित में से कौन-सा एक माध्यमिक विद्यालय की कक्षा-कक्ष में शिक्षक की भूमिका का सर्वोत्तम/ उचित वर्णन करता है?
बहु-परिप्रेष्य को निरुत्साहित करना तथा एक-आयामी परिप्रेक्ष्य पर केन्दीभूत होना
व्याख्यान देने के लिए पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन का प्रयोग करना
चर्चाओं के अवसर उपलब्ध कराना
प्रथम स्थान के लिए शिक्षार्थियों को आपस में प्रतिस्पर्धा के लिए बढ़ावा देना
अभिप्रेरणा और अधिगम के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है?
अधिगम में प्रेरणा की कोई भूमिका नहीं होती
अधिगम तभी प्रभावी होता है जब शिक्षार्थी बाहरी पुरस्कारों का उपयोग करने से प्रेरित हो
अधिगम केवल तभी प्रभावी होता है जब शिक्षार्थियों में भीतरी प्रेरणा हो- सीखने की अंतर्निहित इच्छा हो
अधिगम केवल तभी प्रभावित होता है जब शिक्षार्थी बाहरी रूप से प्रेरित हो-बाहरी कारकणों से प्रेरित हो।
सीखने के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सत्य है?
सीखना एक निष्व्रिय ग्रहणशील प्रक्रिया है
सीखना शिक्षार्थी के पूर्व ज्ञान पर आधारित नहीं है
सीखना कौशलों के संचय के समान है
सीखने को सामाजिक क्रियाएँ सुविधा देती है
निम्नलिखित में से कौन-सी एक महत्वपूर्ण गतिविधि बच्चों को सीखने के लिए सक्षम बनाती है?
पुरस्कार
संवाद
व्याख्यान
निर्देश
विकास के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन नहीं है?
विकास जन्म से किशोरावस्था तक आगे की ओर बढ़ता है और फिर पीछे की ओर
विकासात्मक परिवर्तन एक सीधी रेखा में आगे जाते हैं
विकास भिन्न व्यत्तियों में भिन्न गति से होता है
विकास जन्म से किशोरावस्था तक बहुत तीव्र गति से होता है और उसके बाद रुक जाता है
मध्य बचपन अवधि है
10 वर्ष के बाद
जन्म से 2 वर्ष
2 वर्ष से 6 वर्ष
6 वर्ष से 11 वर्ष
‘‘किसी व्यक्ति को आकार देने में वातावरण के घटकों की कोई भूमिका नहीं होती, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की वृद्धि उसकी आनुवंशिक संरचना से निर्धारित होती है।’’ यह कथन
ठीक नहीं है, क्योंकि बहुत से शोध यह सिद्ध करते हैं कि विकास में वातावरण का बड़ा प्रभाव पड़ सकता है
ठीक है, क्योंकि किसी व्यक्ति की आनुवंशिक संरचना बहुत प्रबल होती है
ठीक है, क्योंकि बहुत से शोध यह सिद्ध करते हैं कि आनुवंशिक पदार्थ ही व्यक्ति के विकास की भविष्यवाणी करता है
ठीक नहीं है, क्योंकि वातावरण के घटक किसी व्यक्ति की बुद्धि और विकास में कम योगदान करते हैं
एक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मानव शिशु समाज के सव्रिय सदस्य के रूप में निष्पादन करने के लिए आवश्यक कौशलों का अर्जन करना प्रारंभ करता है।
विकास
समाजीकरण
सीखना
शैशवकाल की अवधि है–
जन्म से 2 वर्ष तक
जन्म से 1 वर्ष तक
जन्म से 3 वर्ष तक
2 से 3 वर्ष तक
पियाजे के अनुसार 2 से 7 वर्ष के बीच का एक बच्चा संज्ञानात्मक विकास की ........ अवस्था में है–
औपचारिक संक्रियात्मक
पूर्व संक्रियात्मक
मूर्त संक्रियात्मक
संवेदी-गतिक
विकास ........ से ....... की ओर बढ़ता है–
जटिल → कठिन
सामान्य → विशिष्ट
विशिष्ट → सामान्य
साधारण → आसान
जब वयस्क सहयोग से सामंजस्य कर लेते हैं, तो वे बच्चे के वर्तमान स्तर के प्रदर्शन को संभावित क्षमता के स्तर के प्रदर्शन की तरफ प्रगति क्रम को सुगम बनाते हैं, इसे कहा जाता है–
सहयोग देना
समीपस्थ विकास
सहभागी अधिगम
सहयोगात्मक अधिगम
नवीन जानकारी को शामिल करने के लिए वर्तमान स्कीमा (अवधारणा) में बदलाव की प्रक्रिया ....... कहलाती है–
आत्मसात्करण
अनुकूलन
समायोजन
अहंकेन्द्रिता
मध्य वाल्यावस्था में भाषा...... के बजाय....अधिक है–
समाजीकृत, अहंकेद्रित
अहकेंद्रित, समाजीकृत
जीववादी, समाजीकृत
परिपक्व, अपरिपक्व
बाल केन्द्रित शिक्षा में शामिल है–
बच्चों का एक कोने में बैठना
बच्चों के लिए हस्तपरक गतिविधियाँ
प्रतिबंधित परिवेश में अधिगम
वे गतिविधियाँ जिनमें खेल शामिल नहीं होते
कक्षा-अध्यापक ने राघव को अपनी कक्षा में अपने की-बोर्ड पर स्वयं द्वारा तैयार किया गया मधुर संगीत बजाते हुए देखा। कक्षा-अध्यापक ने विचार किया कि राघव में ..... वुद्धि उच्च स्तरीय थी–
शारीरिक-गतिबोधक
स्थानिक
संगीतमय
भाषायी
जब एक शिक्षक यह समझता है कि स्वभाविक रूप से लड़के गणित में लड़कियों से अच्छे है, यह दर्शाता है कि अध्यापक है–
लिंग (जेंडर) पक्षपाती
नीतिपरक
शिक्षाप्रद
सही दृष्टिकोण वाला
समावेशी शिक्षा मानती है कि हमें ....... को ..... के अनुरूप बदलना है–
व्यवस्था/बच्चे
बच्चे/व्यवस्था
परिवेश/परिवार
बच्चे/परिवेश
बच्चों में ज्ञान की रचना करने और अर्थ का निर्माण करने की क्षमता होती है। इस परिप्रेक्ष्य में एक शिक्षक की भूमिका है–
संप्रेषक और व्याख्याता की
तालमेल बैठाने वाले की
सुगमकर्ता की
निर्देशक की
इनमें से कौन-सी विशेषता प्रतिभाशाली बच्चों की नहीं है?
उच्च आत्म क्षमता
उच्चतर श्रेणी की मानसिक प्रक्रियाएँ
निम्न औसतीय मानसिक प्रक्रियाएँ
अंतर्दृष्टिपूर्वक समस्याओं का समाधान करना
कोहलबर्ग के सिद्धान्त के पूर्व-परम्परागत स्तर के अनुसार, कोई नैतिक निर्णय लेते समय एक व्यत्ति निम्नलिखित में से किस तरफ प्रवृत्त होगा?
व्यत्तिगत आवश्यकताएँ तथा इच्छाएँ
अंतर्निहित संभावित दंड
व्यत्तिगत मूल्य
पारिवारिक अपेक्षाएँ
शिक्षार्थियों (अधिगमकर्त्ता) की वैयत्तिक विभिन्नताओं के संदर्भ में शिक्षिका को चाहिए–
निगमनात्मक पद्धति के आधार पर समस्याओं का समाधान करना
विविध प्रकरार की अधिगम परिस्थितियों को उपलब्ध कराना
कलनविधि (एल्गोरिथ्म) का अधिकतर प्रयोग करना।
बाद करने के लिए शिक्षार्थियों को तथ्य उपलब्ध कराना।
निम्नलिखित में से कौन-सा बाल विकास का एक सिद्धान्त नहीं है?
विकास के सभी क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं
सभी विकास एक क्रम का पालन करते हैं
सभी विकास परिपक्वन तथा अनुभव की अंतः क्रिया का परिणाम होते हैं
सभी विकास तथा अधिगम एक समान गति से आगे बढ़ते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा आकलन करने का सर्वाधिक उपयुत्त तरीका है?
आकलन शिक्षण-अधिगम में अंतर्निहित प्रक्रिया है
आकलन सत्र की समाप्ति कर करना चाहिए
आकलन एक शैक्षणिक सत्र में दो बार करना चाहिए– शुरू में और अंत में
आकलन शिक्षक के द्वारा नहीं बल्कि किसी बाह्य एजेन्सी के द्वारा कराना चाहिए
निम्नलिखित में से कौन-सा सृजनात्मक से सम्बन्धित है?
अभिसारी चिन्तन
अपसारी चिन्तन
सांवेगिक चिन्तन
अहंवादी चिन्तन
बच्चों के बारे में निम्नलिखित कथनों में से किस कथन से वाइगोत्स्की सहमत होते ?
बच्चे तब सीखते हैं जब उनमके लिए आकर्षक पुरस्कार निर्धारित किए जाएँ।
बच्चे समवयस्कों और वयस्कों के साथ सामाजिक अंतःक्रियाओं के माध्यम से सीखते हैं।
बच्चों के चिंतन को तब समझा जा सकता है जब प्रयोग शाला में पशुओं पर प्रयोग किए जाएँ।
बच्चे जन्म से शैतान होते हें और उन्हें दंड देकर नियंत्रित किया जाना चाहिए।
बच्चे–
चिंतन में वयस्कों की भाँति ही होते हैं और ज्यों-ज्यों वे बड़े होते हैं उनके चिंतन में गुणात्मक वृद्धि होती है।
जिज्ञासु प्राणी होते हैं जो अपने चारो ओर के जगत को खोजने के लिए अपने ही तर्कों और क्षमताओं का उपयोग करते हैं
रीते बरतन के समान होते हैं जिसमें बड़ों के द्वारा दिया गया ज्ञान भरा जाता है
निष्व्रिय जीव होते हैं जो प्रदत्त सूचना को ज्यों-की-त्यों प्रतिलिपि के रूप में प्रस्तुत कर देते हैं
बच्चों की त्रुटियों के बारे में निम्नलिखित में से कौनसा कथन सत्य है?
बच्चों की त्रुटियाँ उनके सीखने की प्रक्रिया का अंग है।
असावधानी के कारण बच्चे त्रुटियाँ करते हैं।
बच्चे तब त्रुटियाँ करते हैं जब शिक्षक सौम्य और उन्हें करने पर दंड न देता हो
बच्चों की त्रुटियाँ शिक्षक के लिए महत्त्वहीन है और उसे चाहिए कि उन्हें काट दे और उन पर अधिक ध्यान न दे
अध्यापक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी कक्षा के सभी शिक्षार्थी अपने आपको स्वीकृत और सम्मानित समझें। इसके लिए शिक्षक को चाहिए कि वह–
वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों का तिरस्कार करें ताकि वे अनुभव करें कि उन्हें अधिक कठोर परिश्रम करना है।
कड़े नियम बनाए और जो बचचे उनका पालन न करें उन्हें दंड दे।
उन शिक्षार्थियों का पता लगाए जो अच्छी अंग्रेजी बोल सकते हों और संपन्न घरों से हो तथा उन्हें आदर्श के रूप में प्रस्तुत करें।
अपने शिक्षार्थियों की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी प्राप्त करे और कक्षा में विविध मतों को प्रोत्साहित करें।
सुरेश सामान्य रूप से एक शांत कमरे में अकेले पढ़ना चाहता है, जबकि मदन एक समूह में अपने मित्रों के साथ पढ़ना चाहता है। यह उनके ....... में विभिन्नता के कारण है।
अभिक्षमता
मूल्यों
अधिगम शैली
भारत में भाषिक विभिन्नता बहुत है। इस संदर्भ में विशेषकर कक्षा I और II के प्राथमिक स्तर पर बहुभाषिक कक्षाओं के बारे में सर्वधा उपयुत्त कथन है–
विद्यालय में उन्हीं बच्चों को प्रवेश दिया जाए जिनकी मातृभाषा वही हो जो शिक्षा के लिए अपनाई जा रही हो
शिक्षार्थियों को अपनी मातृभाषा या स्थानीय भाषा का प्रयोग करने पर दंडित किया जाए।
शिक्षक को सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए और सभी भाषाओं में अभिव्यत्ति के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
जो बच्चे कक्ष में मातृभाषा का उपयोग करते हैं अध्यापक को उनकी उपेक्षा करनी चाहिए।
‘प्रकृति-पोषण’ विवाद में ‘प्रकृति’ से क्या अभिप्राय है?
जैविकीय विशिष्टताएँ या वंशानुक्रम सूचनाएँ
हमारे आस-पास का वातावरण
एक व्यत्ति की मूल वृत्ति
भौतिक और सामाजिक संसार की जटिल शत्तियाँ
‘‘जन-संचार माध्यम समाजीकरण का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।’’ नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सबसे उपयुत्त कथन है?
समाजीकरण केवल माता-पिता और परिवार के द्वारा किया जाता है
संचार माध्यम पदार्थों के विज्ञापन और विक्रय के लिए एक अच्छा माध्यम है।
जन-संचार माध्यमों की पहुँच बढ़ रही है और जनसंचार माध्यम अभिवृत्तियों, मूल्यों और विश्वासों को प्रभावित करता है।
संचार माध्यमो के साथ प्रत्यक्ष रूप से अंतःक्रिया नहीं कर सकते है।
बच्चे किस प्रकार से सीखते हैं? नीचे दिए गए कथनो में से कौन-सा इस प्रश्न के विषय में सही नहीं है?
बच्चे तब सीखते हैं जब वे संज्ञानात्मक रूप से तैयार होते हैं।
बच्चे केवल कक्षा में सीखते हैं।
बच्चे अनेकों प्रकार से सीखते हैं।
बच्चे सीखते हैं क्योंकि वे स्वाभाविक रूप से प्रेरित होते हैं।
प्राथमिक विद्यालय शिक्षक को अपने शिक्षार्थियों को अभिप्रेरित करने के लिए निम्नलिखित में से किस रणनीति को अपनाना चाहिए?
प्रत्येक गतिविधि के प्रेरक के रूप में प्रोत्साहन, पुरस्कार और दंड का उपयोग करना।
प्रत्येक शिक्षार्थी में अंक लगाने के लिए स्पर्धा को प्रोत्साहित करना।
बच्चों को उनकी रूचियों के अनुसार अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पाने के लिए उद्यम में सहायता करना।
पूरी कक्षा के लिए मानक लक्ष्य निर्धारित करना और उनकी उपलब्धि के आकलन के लिए कठोर मानदंड निर्धारित करना।
निम्नलिखित में से कौन-सा समाजीकरण का एक प्रमुख कारक है?
कम्प्यूटर
परिवार
आनुवंशिकता
राजनीतिक दल
बच्चों को समूह कार्य देना एक प्रभावी शिक्षणरणनीति है, क्योंकि
छोटे समूह में कुछ बच्चों को दूसरे बच्चों पर हावी होने की अनुमति होती है।
इससे शिक्षक का काम कम हो जाता है।
सीखने की प्रक्रिया में बच्चे एक-दूसरे से सीखते हैं और परस्पर सहायता भी करते हैं।
बच्चे अपना काम जल्दी करने में समर्थ होते हैं।
एक औसत बुद्धि वाला बच्चा यदि भाषा को पढ़ने एवं समझने में कठिनाई प्रदर्शित करता है तो यह संकेत देता है कि बच्चा ....... का लक्षण प्रदर्शित कर रहा है–
लेखन-अक्षमता (डिस्प्राफिया)
पठन-अक्षमता (डिस्लैक्सिया)
गणितीय -अक्षमता (डिस्कैल्कुलिया)
गतिसमन्वय -अक्षमता (डिस्प्रैक्सिया)
