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WorksheetsCHARAK NIDAN STHAN PRACTICE QUESTION
Total questions: 100
Worksheet time: 50mins
चरक निदानोक्त वातज प्रमेह नही है According to charaka nidaana which of the following is not a type of vaataja prameha?
वसा मेह
हस्ती मेह
माज्जा मेह
ओजो मेह
मसिवर्ण किस प्रमेह का स्वरूप है "Masivarna" urine appears in which type of prameha?
अम्ल मेह
क्षार मेह
नील मेह
हरिद्रा मेह
"मृजाव्ययामवर्जनं" किस व्याधि का सामान्य निदान है "mrijaavyaayaamvarjanam" is nidaana of which type of disease?
ज्वर
कुष्ठ
प्रमेह
रक्त पित
शुक्रमेही में मूत्र का स्वरूप कैसा होता है How does urine appears in shukramehi?
शुक्रभ
शुक्र मिश्र
Both
None
वाताज प्रमेह की संख्या है
6
4
10
14
चरक के अनुसार कौन प्रमेह आसाध्य होता है
V
P
K
All
चरक और सुश्रुत के अनुसार प्रमेह पिडिका की संख्या क्रमश है ।
10 10
7 7
7 10
10 7
"जटिली भावम् केशेषु" निम्न में से किस व्याधि का पूर्वरूप है ? "Jatilī bhāvam kesheshu" is the pūrvarūpa of which of the following disease ?
ज्वर
प्रमेह
गुल्म
रक्तपित्त
सिकता मेह है
V
P
K
S
पित्तज प्रमेह है Pittaja prameha is -
अम्ल मेह
क्षार मेह
काल मेह
सभी
प्रमेह दुष्य में किस धातु का अंतर्भाव नहीं होता है ? Which dhātu is not included in the dūshya of prameha ?
रस
रक्त
मेद
अस्थि
पिष्टनिभं मूत्र किस प्रमेह में होता है "pishtanibham mutra" is found in which type of prameha?
शुक्ल मेह
श्वेत मेह
उदक मेह
शुक्र मेह
प्रमेह का उपद्रव है What is the complication of prameha?
आतिसर
अलजी
विद्रिधी
All
गुल्म के स्थान हैं - Sthana of Gulma
बस्ती
पार्श्व
नाभि
सभी
गुल्म में प्रधान दोष कौन सा है - Pradhāna Dosha in Gulma...
वात
पित
काफ
कोई नहीं
रक्तगुल्म में होता है Which of the following is found in raktagulma?Anaartva KastaartavKrichaartv
अन आर्ताव
कृष्ण आर्तव
नष्ट आतव
कोई नहीं
वातिक गुल्म में प्रकुपित वायु कहाँ प्रवेश करती है Where does aggravated vata enter in "vaatika gulma"?
आमाशय
पक्वाशय
सम्पूर्ण महा स्रोतस
बस्ती
चरक संहिता में "नह्यविशेषविद्रोगाणामौषधविदपि भिषक् प्रशमनसमर्थो भवतीति" कहाँ का सन्दर्भ है "nahayvisheshavid rogaanaam aushadha vidapi bhishaka prashamansamartho bhavtiiti"
ज्वर
गुल्म
रक्तपित्त
प्रमेह
परस्पर विरुद्ध चिकित्सा होने के कारण कौन सा गुल्म असाध्य है ? Which gulma is asadhya due to paraspar viruddha in treatment ?
V
P
K
S
सौहित्यस्य चासहत्वमिति' किस व्याधि का पूर्वरूप है "sauhityasya chaasahatvamiti" is pre monitory symptom of which disease?
ज्वर
उदर रोग
गुल्म
B and c
आचार्य चरक के अनुसार "पिपीलिका संप्रचार इवांगेषु" किस व्याधि के लिए है ? Acc. to Acharya charak "Pipīlikā samprachāra ivāngeshu" is in context to which disease ?
प्रमेह
रक्तपित्त
गुल्म
ज्वर
"प्रतीपता स्वकार्येषु,बालेभ्य: प्रद्वेष:" किसका पूर्वरूप है "pratipataa svakaaryeshu, baalebhayah pradvaeshah" is premonitory symptom of
ज्वर
रक्तपित्त
गुल्म
प्रमेह
प्रमेह में दुष्यो की संख्या कितनी होती है। और उसमे प्रधान दुष्या कौन है।
10 and क्लेद
10 ओज
10 मेद
10 मास
नील मेह है
V प्रमेह
P प्रमेह
K प्रमेह
None
"इह खलु निदानदोषदूष्यविशेषेभ्यो विकारविघातभावाभावप्रतिविशेषा भवन्ति" चरकोक्त यह कथन किस अध्याय में उल्लिखित है "iha khalu nidaanadoshadushyavisheshebhyo vikaravighaatabhaavaabhaavaprativishesha bhavanti" this quote is found in which chapter of charaka?
चरक निदान 1
चरक निदान 2
चरक निदान 3
चरक निदान 4
"भृशं विस्रम् प्रमेहति पित्तस्य परिकोपात्" किसके लिए कहा गया है "bhrisham visrama pramehati pittasya parikopaata" has been quoted for
नील मेह
लोहित मेह
मंजि स्था मेह
हरिद्र मेह
चरक के अनुसार आगन्तुज ज्वरों में कौन सा भेद त्रिदोष प्रकोपक होता है ?
Which type of Jvara is tridosha prakopaka among Āgantuja Jvara
अभिघात
अभिषड़
अभिशाप
कोई नहीं
अतिसार में स्तम्भन किस प्रकार का उपशय है Stambhana in atisaara is what type of upshaya?
हेतु विपरीत
व्याधि विपरीत
उभय विपरीत
None
व्याधि के निज आगन्तु भेद करना कौनसी सम्प्राप्ति है Nija, Aagantu types of vyaadhi are classified under which type of samprapti?
संख्या
Pradhynya
विधि
बल काल
आचार्य चरक के अनुसार घृत अपने किस गुण से जीर्ण ज्वर मे कफ का शमन करता है? Acc. to Acharya Charak , Which property of Ghrita allows it to pacify kapha in jīrna jwara ?
स्नेह
संस्कार
शीत
All
आचार्य चरक के अनुसार "पंचविध ग्रहम् " से क्या अभिप्राय है ? Acc. to Acharya Charak What does "panchvidha graham" mean ?
निदान पंचक
पंच महाभूत
पंच गद
पंच पंचक
प्रतिमार्गम च हरणम् ....Chikitsa siddhanta of "Pratimārga Harānām cha" is the line of treatment for
अम्लपित्त
रक्तपित्त
ज्वर
गुल्म
लोहितमत्सयामगंधित्व is "Lōhitamaṭsyāmagamdhiṭva"is-
पुर्वरूप
रूप
दोनों
Koi nahi
स्वरभेद है Swara bheda is
रक्तपित्त का उपद्रव
रक्तपित्त का पूर्वरूप
दोनों
कोई नहीं
निम्न में से किस रक्तपित्त में विशेषतः मधुर रसात्मक औषधियों से चिकित्सा करनी चाहिए ? In which of the following raktapitta , treatment should be done with specifically madhura rasa medicines ?
ऊर्धवा
अधोग
उभय
A and B
रक्तपित्त के शरीर से बाहर निकलने के प्रमुख मार्ग हैं From how many pathways does raktapitta manifests ?
2
3
4
6
उर्ध्वग रक्तपित्त का श्रेष्ठ उपक्रम क्या है What is the best treatment procedure for "urdhavaga raktapitta"?
वमन
विरेचन
बस्ती
नस्या
चरक न्यास के टीका कर है
अमित प्रभ
भट्टार हरिश्चंद्र
चक्रपाणि
जेजाट
आयुर्वेद दीपिका के टीका कर कौन है
स्वामी कुमार
भट्टा र हरिश्चंद्र
चक्रपाणि
नर दत्त
उर्ध्वग रक्तपित्त किस मार्ग से निकलता है From which track does "urdhavaga raktapitta" manifests?
मुख
कर्ण
नासा
सभी
छर्दितस्य बीभत्सता, मुखाद्धूमागम' किसके पूर्वरूप है "charditasya bibhatsataa, mukhaaddhoomaagama" is premonitory symptom of which disease?
ज्वार
रक्तपित्त
प्रेमह
गुल्म
"वीतमोहरजोदोषलाभमानमदस्पृहः " इससे किस को संबोधित किया गया है ? "Vīta moha rajo dosha lābha māna mada sprihah" this is related to
चरक
आत्रेय
चक्रपाणि
सुश्रुत
आचार्य चरक के अनुसार "अतिवृतपुरिषता: ,अबुभुक्षा " किस व्याधि का पूर्वरूप है ? Acc. to Acharya charak "Avrutapurishata , abubhuksha" is purvaroop of which disease ?
ज्वर
रक्तपित्त
गुल्म
कुष्ठ
आचार्य चरक के अनुसार गुल्मों के विशेष भेद का ज्ञान ना होने पर किस दोष की चिकित्सा प्रारंभ करनी चाहिये ? Acc. to Acharya charak If not having the much knowledge about special types of Gulma then which dosha treatment should be started first ?
वात
पित
कफ
त्रिदोष
आचार्य चरक के अनुसार "स्तनयोच्श्र स्तन्यम् , ओष्ठयोः स्तनमण्डलयोच्श्र काष्णर्यम् , ईषच्श्रोदग्मो रोमराज्याः" यह किसके लक्षण है ? Acc. to Acharya charak "Stanayochsha stanyam , oshthayoh stanamandalayoshcha kāshnaryam , īshachshodagmo romarājyāh" is the symptom of which of the following ?
पित गुल्म
रक्त गुलाम
सुतिका
प्रजयिनी
महेश्वरकोपप्रभव: is said in relation to which disease ? "महेश्वरकोपप्रभव:" किस व्याधि के सन्दर्भ में कहा गया है ?
ज्वर
रक्तपित्त
Gulm
कुष्ठ
प्रादुभूँतलक्षणं है? "PradurbhootaLakshanam" is
पुर्वरूप
रूप
निदान
संप्रप्ती
"Shankha nistoda" is symptom of which jwar ? "शंख निस्तोद" किस ज्वर का लक्षण है ?
वात
पित
कफ
त्रिदोष
किस टीकाकार ने उपशय के 18 भेद दिए हैं Which commentator defined 18 types of upshaya?
चक्रपाणि
दलहन
शिवदास सेन
कोई नहीं
गूढ़ व्याधि की परीक्षा के करते है
उपशय
अनु उपशाय
Both
None
चक्रपाणि के अनुसार उपशय कितने प्रकार का होता है।
6
12
18
20
अनूपशय का अंतर भाव किया जाता है।
निदान
पुरवारूपा
रूप
सम्प्रप्ती
"बीभत्सदर्शनता चास्य काये" किस व्याधि का पूर्वरूप है "beebhatsadarshanataa chaasya kaaye" is premonitory symptom of which disease?
उन्माद
अपस्मार
शोष
सभी
चरकानुसार सभी भावों को छोड़कर किसका अनुपालन करना चाहिए According to charaka, leaving everything else what should be maintained?
आयुर्वेद
सत्व
शरीर
सभी
"हिताशी स्यान्मिताशी स्यात्कालभोजी जितेन्द्रियः ....." इस श्लोक का रेफेरेंस बताये । "Hitāshī syānmitāshī syātkālabhojī jitendriyah ......... " the reference of this shloka is -
चरक निदान 7
चरक निदान 8
चरक निदान 5
चरक निदान 6
उदर्द निम्न में से किस व्याधि का पूर्वरूप है ? Udarda is the pūrvarūpa of which of the following disease ?
उन्माद
अपस्मार
अतत्वाभी निवेश
मद
रहस्कामता किस उन्माद का लक्षण है Rahaskāmatā is symptom of which Unmāda
V
P
K
S
'नैव देवा न गन्धर्वा न पिशाचा न राक्षसा:' किस अध्याय का सन्दर्भ है "Naiva devā na gandharvā na pishāchā na rākshasāh" find the correct reference
चरक निदान 5
चरक निदान 6
चरक निदान 7
चरक निदान 8
*आचार्य चरक के अनुसार उन्माद मे दोष कौन से स्त्रोत्स को आवृत करते है? Acc. to Acharya Charak Which Srotasa Āvarana occurs by dosha on.Unmāda ?
मनो वह
रस वह
रक्त वह
All
आचार्य चरक के अनुसार अपस्मार व्याधि मे बीभत्स चेष्ठा युक्त होना और अंधकार में डूबने जैसा होना किस के विभ्रम से होता है? Acc. to Acharya Charak , Bibhatsa cheshtā and getting lost in darkness in apasmāra vyādhi is due to vibhrama of ?
स्मृति के
मन्न के
बुद्धि के
सभी
आचार्य चरक के अनुसार फेन का अधिक मात्रा मे निकलना ( उद्वमन्तं फेनं ) किस अपस्मार का लक्षण है ? Acc. to Acharya Charak Excessive froth coming out of mouth is symptom of which अपस्मार
V
P
K
S
'प्रयोगापरिशुद्धत्वात् एवं अन्योन्यसंभावात्' किसके हेतु है "prayogaaparishuddhatvaata evum anyonyasambhaavaat" is the cause of
व्याधि संकर
क्रिया संकर
लीन दोष
साम व्याधि
'अभीक्ष्णमपस्मरन्तम्' किस अपस्मार का लक्षण है "abhikshanamapasmarantama" is symptom of which type of apasmaara?
V
P
Both
K
कास का निदानार्थकर रोग है (चरकानुसार) According to charaka, nidaanaarthakara roga of kaasa is
क्षय
प्रतिशायाय
श्वास
हिक्का
प्रत्याख्येय अपस्मार है
Which type of apasmaara is pratyaakhyeya?
V
P
K
S
चरक ने निदान स्थान के किस अध्याय में रोगों की साध्यासाध्यता का वर्णन किया है Charak has described the saadhyaasaadhyataa of the diseases in which chapter of the nidaana sthaana?
5
6
7
8
प्राचीन काल में दक्ष प्रजापति के यज्ञ विध्वंस के समय भय,त्रास,शोक से किस व्याधि की उत्पत्ति हुई During the ancient times, what diseases was created due to fear, suffering and sadness during the Yajna Vidhvansa of Daksha Prajapati?
रक्तपित्त
Option 2
अपस्मार
अपस्मारअपस्मारअपस्मारअपस्मारअपस्मारअपस्मार
"आस्फालयन्तं भूमिं" किस अपस्मार का लक्षण है "aasfaalyantam bhumim" is symptom of which type of apasmaara?
V
P
K
S
हविष्प्राश से कौनसी व्याधि होती है ? Which disease occurs due to havishprāsha ?
प्रमेह
कुष्ठ
दोनों
गुल्म
आचार्य चरक के अनुसार निम्नलिखित मे से किस प्रयोजन वाला भूतो उन्माद साध्य होता है? Acc. to Acharya Charak Bhūta Unmāda due to which the following prayojana is considered sādhya ?
हिंसा
रति
अभयरचन
Option 4
दोषों की तर तम उपलब्धि किस संप्राप्ति के अन्तर्गत आती है
संख्या
प्रधान
विधि
विकल्प
व्याधि संकर का वर्णन किस आचार्य ने सर्व प्रथम किया है।
चरक
सुश्रुत
वागभट
चक्रपाणि
घर्मान्त किस ऋतु का prayayy है
शरद
बंसंत
ग्रीष्म
वर्षा
रक्तपित्त को लोहित पित संज्ञा किसने दी है
चरक
Shushrut
वागभट्ट
माधव
उर्धवाग रक्तपित्त में कौन सी प्रधान औषधियो से विरेचन करते है।
कषाय and tikta
कटु
मधुर
Koi nahi
राजयक्ष्मा के आयतन कितने है
3
4
5
11
भस्म मेह का वर्णन किस आचार्य ने किया है
भेल
चरक
सुश्रुत
माधव
निम्न में से कौन सी व्याधि का कोई दुष्य नहीं होता है
ज्वर
रक्तपित्त
गुल्म
प्रमेह
रक्तपित्त की व्याधि का निदानर्थकर रोग है
गुल्म
सोथ
ज्वर
कास
अवकुंजतम किस अपस्मार का लक्षण है
वताज
P
K
S
........... पुन स्मृतिबुद्धिसत्व संप्लवा वीभत्सचेष्टाअवस्थिकाम तम प्रवेश ।
रज्यक्षमा
मद
उन्माद
अपस्मार
चरकसंहिता में अपस्मार के कुल कितने भेद बताए गए है
1
2
3
4
भूतो उन्माद के कारण में कितने आयतन है।
1
3
4
6
अर्दीतआकृतिकारण च व्याधे । किस व्याधि का पुर्वरूप है।
उन्मद
अपस्मार
Rajyakshma
ज्वर
-बहोशच प्रमाण जिज्ञासा किस व्याधि का पुर्वरुप है।
उन्माद
अपस्मार
राज यक्ष्मा
मोह
चरक के अनुसार राज यक्ष्मा एकादश रूप में नहीं है
श्वास
श्लेष्मछद्रन
शोणितष्ठीवन
रंक्तवमन
योगक्षेमकरेषु प्रयतेत विशेषण - का उल्लेख कौन से आयतन जन्य शोष में है ।
साहस जन्य
संधारण जन्य
क्षय जन्य
विष्माशन जन्य
तिलपीडकचक्रधिरोहीणं वातकुण्डलिकाभि चोन्मथन। किस व्याधि के लिए कहा गया है
राज यक्ष्मा
उन्माद
अपस्मार
Koi nahi
आहार का परम धाम होता है
रस
रक्त
शुक्र
सभी
बहुबहलरक्तपुयलासिकानी। किस कुष्ठ का लक्षण है
कपाल
उदुंबर
मंडल
पुंडरीक
पंतनान्यगंवयवाना कुष्ठ का................है।
पुर्वरूपा
उपद्रव
लक्षण
सभी
निम्न में किस कुष्ठ में कृमि पाए जाते है
कपाल
Udumabar
मंडल
सभी
प्रमेह दुष्य में किस धातु का अंतर्भाव नहीं होता है ? Which dhātu is not included in the dūshya of prameha ?
रस
रक्त
अस्थि
मांस
पित्तज प्रमेह है Pittaja prameha is -
काल मेह
शुक्ल मेह
शिकता मेह
शुक्र मेह
मसिवर्ण किस प्रमेह का स्वरूप है "Masivarna" urine appears in which type of prameha?
क्षार मेह
काल मेह
नील मेह
हरिद्रा मेह
"मृजाव्ययामवर्जनं" किस व्याधि का सामान्य निदान है "mrijaavyaayaamvarjanam" is nidaana of which type of disease?
प्रमेह
गुल्म
ज्वर
रक्तपित्त
"गृध्नुमभ्यवहार्येषु ......नीडद्रुममिवाण्डज:" किस रोग की उपमा दी गयी है "gridhnumabhyavahaaryeshu....needadrumamivaandajah" which disease is analogous to it
ज्वर
अपसमर
प्रमेह
उन्माद
Gulm के स्थान हैं - Sthana of Gulma
नाभि
पार्श्व
हिर्दया
सभी
Gulm में प्रधान दोष कौन सा है - Pradhāna Dosha in Gulma...
V
P
K
S
