Worksheetsआत्मपरिचय
Total questions: 38
Worksheet time: 19mins
आत्मपरिचय कविता के रचयिता हैं ?
हरिवंश राय बच्चन
आलोक धन्वा
प्रेमचंद
महादेवी वर्मा
‘मैं दुनिया का हूँ एक नया दीवाना’ (यह पंक्ति कविता से ली गयी है )
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है
पतंग
आत्मपरिचय
इसमें से कोई नहीं
मुझसे मिलने को कौन विकल (यह पंक्ति कविता से ली गयी है )
पतंग
आत्मपरिचय
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है
-इसमें से कोई नहीं
‘शीतल वाणी में आग’ । (पंक्ति का आशय है कविता में)
जीवन में अवसाद है |
जीवन में दीवानगी है |
जीवन में शीतलता है |
जीवन में विरोधाभास है |
किसके बच्चे प्रत्याशा में होंगे’ ?
कवि के |
मानव के |
चिड़िया के |
जानवरों के |
अपने को जानना दुनिया को जानने से ज्यादा कठिन है ? (यह भाव किस कविता में व्यक्त हुआ है ?
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है |
पतंग |
आत्मपरिचय |
इसमें से कोई नहीं |
मैं और, और जग और कहाँ का नाता- पंक्ति में पहले ‘और’ शब्द की विशेषता क्या है?
कवि दुनिया से अलग है |
कवि की जीवन दृष्टि संसार से अलग है |
कवि अनेक है |
कवि और जग एक ही हैं |
बच्चे किस बात की आशा में नीड़ों से झाँक रहे होंगे?
पानी के लिए |
खाने के लिए |
अपनी माँ के लिए |
खाने व अपनी माँ के लिए |
'दिन जल्दी -जल्दी ढलता है' कविता हरिवंश राय बच्चन के किस काव्य -संग्रह से लिया गया है ?
नीड़ का निर्माण फिर से |
मधुशाला
मधु कलश
निशा-निमंत्रण
आत्मपरिचय का सर्वाधिक सही अर्थ है -
स्वयं का परिचय
आत्मज्ञान
आत्मसाक्षात्कार
निम्न में कौन सी रचना बच्चनजी की है -
युगांत
आँसू
मधुशाला
कवि किसका भार लिए फिरता है ?
जग जीवन का
प्रेम का
अपनी बीती स्मृतियों का
जग पूछ रहा उनको जो जग की गाते ' पंक्ति में जग किसको पूछता है ?
जो दूसरो की निंदा करते हैं |
जो दूसरों की चापलूसी करते हैं
जो दूसरों की प्रशंसा करते हैं
है यह अपूर्ण संसार न मुझको भाता - कवि को यह संसार अधूरा लगता है क्योकि
यहाँ के लोग स्वार्थी हैं
प्रेम की कमी है |
लोग केवल धन के पीछे भाग रहे हैं
निज उर के उपहार का आशय है -
कवि के ह्रदय की ख़ुशी
कवि के जीवन का दुःख
कवि की प्रेरणा
कवि के अनुसार नादान कौन है -
जो जीवन सत्य को नहीं जानते |
जो चतुर हैं |
जो सुख में बहुत प्रसन्न होते हैं |
मैं और, और जग और, कहाँ का नाता' का आशय है -
मेरा और संसार का संबंध टकराहट से भरा है |
मेरे और संसार के बीच प्रेमपूर्ण संबंध है |
मेरे और संसार के बीच काल्पनिक संबंध है |
जिस पृथ्वी पर संसार वैभव जोड़ा करता है कवि ऐसी पृथ्वी को
पैरों से ठुकराता है
नमन करता है |
आभार व्यक्त करता है
रोदन में राग’ और ‘शीतल वाणी में आग’ में कौन सा अलंकार है ?
रूपक
विरोधाभास
अतिश्योक्ति
शीतल वाणी में आग - से आशय है -
कवि की वाणी शीतल है पर शब्दों में संसार की विसंगतियों को जला डालने की क्षमता है |
कवि की वाणी कोमल है जो आग से शीतल हो गई है |
कवि आग के डर से हमेशा कोमल शब्दों का प्रयोग करता है
प्रासाद शब्द का अर्थ है-
अच्छे कर्मो का फल
भगवान् का प्रसाद
महल
आत्मपरिचय कविता की भाषा है -
ब्रज
खड़ी बोली
अवधी
कवि स्वयं को क्या कहलवाना पसंद करता हैं
कवि
दीवाना
सांसारिक व्यक्ति
कवि संसार को क्या संदेश देता हैं?
आशावादिता का
भाईचारे का
मस्ती का
कवि ने किसका पान किया हुआ है
स्नेह सुरा का
अमृत का
जलन
प्रेम का
जग किसको पूछता है
जो जग की गाते है
जो जग में रहते है
जो अपने मन की करता है
जो नादान है
कवि किसके उदगार लिए फिरता है ?
निज उर के
जग के
मानव के
प्रेमिका के
कवि को कौन - सा पुरुस्कार मिल चूका है ?
साहित्य अकादमी
पद्मभूषण
दोनों
दोनों में से कोई नही
कवि का जन्म किस स्थान पर हुआ था ?
मुंबई
बनारस
मथुरा
इलाहबाद
कवि उन्माद में क्या लिए फिरता है?
अवसाद
अहसास
अहसान
अवसर
'एक गीत' कविता में कवि ने समय को कैसा माना है?
स्थिर
परिवर्तनशील
तीव्र
उग्र
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है। गीत में नीड़ों से झांक रहे बच्चों का ध्यान चिड़ियों के परों में क्या भरता है?
शिथिलता
विकलता
चंचलता
विह्वलता
"मैं होऊँ किसके हित चंचल?" दिन जल्दी-जल्दी ढलता है। गीत का यह प्रश्न पैरों को कैसा कर देता है?
चंचल
शिथिल
विह्वल
कोई भी नहीं
'हो जाए न पथ में रात कहीं' सोचकर कौन जल्दी-जल्दी चलता है?
कबूतर
चिड़िया
चिड़िया के बच्चे
पंथी
कवि का जग से कैसा रिश्ता है
कड़वा
मीठा
खट्टा-मीठा
इनमें से कोई नहीं
भव-सागर का क्या अर्थ है
प्रेम रूपी सागर
भाव रूपी सागर
भावना रूपी सागर
संसार रूपी सागर
कवि ने संसार को अपूर्ण क्यों माना है
प्रेम की कमी
माया की कमी
चालाक लोगों की कमी
कवियों की कमी
'शीतल वाणी में आग' का क्या अभिप्राय है
वाणी की शीतलता
परिवर्तन की ज्वाला
आग की लपट
कविता की रचना
