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Worksheetsनेता जी का चश्मा
Total questions: 35
Worksheet time: 18mins
'नेता जी का चश्मा' पाठ के लेखक कौन है
प्रेमचंद
मन्नू भंडारी
स्वयं प्रकाश
हरिशंकर परसाई
नेताजी की प्रतिमा किसने बनवाई ?
गाँव वालों ने
नगरपालिका ने
दुकानदारों ने
मंत्री जी ने
ड्राइंग मास्टर का क्या नाम था -
मोती लाल
हालदार
मनोहर
रामलाल
पहली बार हालदार साहब ने मूर्ति को ध्यान से क्यों देखा -
प्रतिमा तांबे कि थी
मूर्ति का चश्मा असली था
प्रतिमा की नाक ठीक नहीं थी
एक दिन पानवाला क्यों दुखी था -
कैप्टन के मर जाने पर
प्रतिमा हटाये जाने पर
पान न बिकने पर
चश्मा टूट जाने पर
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
कैप्टन चश्मे वाला बस्ती में लोगों के बीच में देशभक्ति का संचार करके गया था
लोगों में देशभक्ति की भावना खत्म नहीं हुई है
लोगों के पास साधनों की कमी हो सकती है, पर देशभक्ति की भावना की नहीं
उपर्युक्त सभी
वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
प्रस्तुत कथन का वक्ता और श्रोता कौन है?
वक्ता हालदार साहब , श्रोता कैप्टन चश्मे वाला
वक्ता कैप्टन चश्मे वाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता पानवाला, श्रोता हालदार साहब
वक्ता हालदार साहब , श्रोता पानवाला
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन कहते थे - क्यों
उस में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी
नेता जी की मूर्ति बिना चश्मे के वह नहीं देख सकता था
बिना चश्मे के नेता जी की मूर्ति उसे आहत करती थी
उपर्युक्त सभी
नेताजी का चश्मा कहानी में सुभाषचंद्र बोस जी की मूर्ति किस से बनी थी?
लोहा
संगमरमर
कंक्रीट
मिट्टी
नेताजी का चश्मा पाठ में किसकी मूर्ति पर चश्मा नहीं है ?
महात्मा गांधी
जवाहर लाल नेहरू
मोती लाल
सुभाष चंद्र बोस
हालदार साहब को कितने दिनों में कंपनी के काम से कस्बे से गुजरना पड़ता था?
चौदहवें दिन
पंद्रहवें दिन
हर ग्यारह दिन बाद
कुछ कह नहीं सकते।
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
कैप्टन चश्मे वाला बस्ती में लोगों के बीच में देशभक्ति का संचार करके गया था
लोगों में देशभक्ति की भावना खत्म नहीं हुई है
लोगों के पास साधनों की कमी हो सकती है, पर देशभक्ति की भावना की नहीं
उपर्युक्त सभी
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन कहते थे - क्यों
उस में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी
नेता जी की मूर्ति बिना चश्मे के वह नहीं देख सकता था
बिना चश्मे के नेता जी की मूर्ति उसे आहत करती थी
उपर्युक्त सभी
'स्वयं प्रकाश' का जन्म कब हुआ था ?
1946
1947
1948
1949
स्वयं प्रकश किस पत्रिका के संपादन से जुड़े थे ?
वसुंधरा
वासु
वसुधा
वनस्थली
पान वाला व्यक्ति कैसा था ?
छोटा और हँसमुख
लम्बा और खुशमिजाज
मोटा और मजाकिया
मोटा और खुशमिजाज
हालदार साहब को कितने दिनों में कंपनी के काम से कस्बे से गुजरना पड़ता था?
चौदहवें दिन
पंद्रहवें दिन
हर ग्यारह दिन बाद
कुछ कह नहीं सकते।
निम्लिखित में से कस्बे में क्या नहीं था?
लडको का स्कूल
सीमेंट का कारखाना
एक ओपन एयर सिनेमाघर
लड़कियों का स्कूल
नेताजी से जुड़े दो नारे हैं :
दिल्ली चलो,तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा।
जय जवान जाए किसान
स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मै उसे लेकर ही रहूंगा
इन्कलाब जिंदबाद
लेखक कहाँ पैदा हुआ था
उत्तर प्रदेश
महाराष्ट्र
मध्य प्रदेश
उत्तराखंड
मूर्तिकार कौन था ?
राज्य का प्रमुख मूर्ति कलाकार
नगर का एक व्यक्ति
नगर के हाई स्कूल का ड्राइंग मास्टर |
'ऊहापोह' का समानार्थक शब्द है -
संकोच
अनिश्चय
विचार-विमर्श
दुविधा
महीने भर में मूर्ति बनाकर पटक देने में निहित भाव है-
आत्मविश्वास
दुविधा
व्यंग्य
उपेक्षा
हालदार साहब चौराहे पर पान खाने रुके तो उनके चेहरे पर मुस्कराहट फैल गई -
मूर्ति बहुत आकर्षक थी
मूर्ति को देखकर नेताजी के जीवन की अनेक घटनाएँ याद आने लगती थीं
नेताजी की मूर्ति पूरी नहीं थी
मूर्ति पर लगा चश्मा संगमरमर का न होकर चौड़े काले फ्रेम का असली चश्मा था
'हृदयस्थली' का अर्थ है -
वक्षस्थल
केन्द्रीय स्थल
प्रसिद्ध बाज़ार
प्रसिद्ध स्थान
'हालदार साहब की आँखे भर आईं' क्योंकि-
उन्होंने मूर्ति की आँखों पर पत्थर का बना चश्मा लगा हुआ देखा
मूर्ति की आँखों पर नया कला चश्मा लगा था
मूर्ति की आँखों पर चश्मा नहीं लगा था
मूर्ति की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा लगा था
नेताजी की मूर्ति कहाँ स्थापित की गई थी ?
मुख्य बाजार में
चौराहे पर
मुख्य बाजार के चौराहे पर
नगरपालिका के पास
