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WorksheetsISKCON DISCIPLE COURSE CBA HINDI RETEST
Total questions: 30
Worksheet time: 18mins
शिक्षा गुरु ...... होते हैं और दीक्षा गुरु ...... होते हैं |
एक, एक
अनेक, एक
अनेक, अनेक
एक, अनेक
बिना दीक्षा के सभी भक्ति में कार्य व्यर्थ हैं
सत्य
असत्य
गुरु पर निर्भर करता है
मरणोपरांत ऋत्विकवाद के खंडन करते तर्क कौनसे है?(एक से अधिक सही)
किसी भी प्रामाणिक वैष्णव संप्रदाय में किसी के परम गुरु से दीक्षा लेने का उदाहरण नही है।
किसी के परम-गुरु से दीक्षा लेने के पक्ष में कोई शास्त्रीय प्रमाण नहीं है।
एक ऋत्विक गुरु उपदेश एवं सुझाव देता है परंतु एक प्रामाणिक दीक्षा गुरु के समान शिष्य का उद्धार करने दायित्व नहीं स्वीकारता।
श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती द्वारा गौर किशोर दास बाबाजी महाराज के फोटो से सन्यास दीक्षा लेना।
गुरु की वास्तविक स्थिति क्या है
श्रीमती राधा रानी के पार्षद
नित्यानंद प्रभु के प्रतिनिधि
भगवान के सेवक
सभी के शुभचिंतक
इस्कॉन के बाहर के वैष्णवों के साथ हमें किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए
उन्हें प्रसाद देना चाहिए
उन्हें आदर पूर्वक सम्मान करना चाहिए
उनसे श्रवण करना चाहिए
उनसे मंदिर की गतिविधियों के बारे में चर्चा करनी चाहिए
श्रील प्रभुपाद का इस्कॉन के सभी भक्तों के साथ क्या संबंध है
श्रील प्रभुपाद सभी के संचालक हैं
श्रील प्रभुपाद सभी के गुरु हैं
श्रील प्रभुपाद सभी के मार्गदर्शक हैं
श्रील प्रभुपाद पूर्व प्रतिष्ठित शिक्षा गुरु हैं
एक व्यक्ति जो मुक्त आचार्य एवं गुरु है कभी भी कोई त्रुटि नहीं करता, परंतु कुछ ऐसे कम बुद्धिमान व्यक्ति भी हैं जो परंपरा का सख्ती से पालन करते हुए गुरु के रूप में कार्य कर सकते हैं।
सत्य
असत्य
कुछ कह नही सकते
इस्कॉन में किन्ही गुरु से दीक्षा प्राप्त करने के पहले कम से कम कितने समय तक नियमों का पालन किया होना चाहिए
1 साल
2 साल
12 महीने
6 महीने
अंततः .............. की कृपा से ही भक्त का उद्धार होता है जो विभिन्न माध्यमों से उसे प्राप्त होती है
गुरु
श्री कृष्ण
भक्तों
दीक्षा गुरु
चैतन्य महाप्रभु सभी पापों को क्षमा कर देते हैं एक शर्त पर
सद्गुरु की शरण लेने पर
वैष्णो की निंदा न करने पर
फिर से पाप कर्मों में लिप्त नहीं होने पर
अपने को हमेशा विनम्र बने रहने पर
सत्य कथन का चुनाव करें ? (एक से अधिक सही)
भक्त का चरित्र है वैष्णव सदाचार का पालन व संरक्षण
अलौकिक (दिव्य) विज्ञान से सम्बंधित प्रश्न (परिप्रश्न / उत्तम प्रश्न) ही किये जाने चाहिए
वपु का अस्तित्व हमेशा के लिए रहता है।
गुरु से जिज्ञासा प्रश्न विषय एवं वक्ता के प्रति अत्यंत सम्मान के साथ प्रस्तुत किये जाने चाहिए।
श्रील प्रभुपाद के विशिष्ट स्थान को बनाए रखने के लिए हमें किन बातों को पालन या ध्यान में रखना चाहिए
किसी भी इस्कॉन मंदिर या पुस्तक पर श्रील प्रभुपाद का नाम लिखा हो
श्रील प्रभुपाद का प्रणाम मंत्र का पहला भाग गुरु के प्रणम मंत्र के बाद पढ़ना चाहिए
श्रील प्रभुपाद के लिए ही सिर्फ है 'हिज डिवाइन ग्रेस' लगाया जाए
श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों एवं शिक्षाओं का ही प्रचार हो
..... ने अपनी प्रार्थना गुर्वष्टकम् में लिखा है यस्य प्रसादाद् भगवत प्रसादः गुरु की सेवा कर कृपा प्राप्त करने से भगवान की कृपा प्राप्त हो जाती है
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर
श्रील नरोत्तम दास ठाकुर
श्रील बलदेव विद्या भूषण
श्रील भक्तिविनोद ठाकुर
संस्कृत शब्द शिष्य का अर्थ क्या है
जो गुरु के शरणागत हो
जो नियमों का पालन करें
जो शास्त्रों में शिक्षित हो
जो विनम्र भाव से समर्पण करें
सत्य कथन का चुनाव करें ? ( एक से अधिक सही)
कोई शिक्षक जो अवैध कार्यों में लिप्त रहता है, त्याग करने के लायक है
अगर गुरु स्वयं को अयोग्य सिद्ध करता है तो वह त्याग करने योग्य है
आप गलती से एक धूर्त के पास आ गए... उसका त्याग करें
एक व्यक्ति को प्रमाणिक गुरु से किस संबंध में प्रश्न करने चाहिए
भौतिक ज्ञान के विषय में
पारिवारिक समस्याओं के विषय में
व्यवसाय आदि में वृद्धि करने के विषय में
अलौकिक विज्ञान के विषय में जानने के लिए
गुरु की योग्यताएं ?
पहली कि उन्होंने वेदज्ञान गुरु- शिष्य परंपरा में प्राप्त किया हो।
दूसरी कि वे भक्ति में दृढ़ रूप से स्थित हों।
उन्हें बड़ा विद्वान होना आवश्यक है
सभी
जो शिष्य दीक्षा की प्रतिज्ञाओं का पालन नहीं करते, उनके साथ क्या होता है?
कृष्ण उन्हें क्षमा नहीं करेंगे
वह अपनी भक्ति में विकास नहीं कर पाएंगे
गुरु उनकी रक्षा नहीं कर पाएंगे
उनका कुछ समय में शुद्धिकरण हो जाएगा
आचार प्रचार नामेर करह दुई कार्य तुमि सर्व गुरु तुमि जगतेर आर्य
तात्पर्य, .... ने स्पष्ट रूप से पूरे विश्व के प्रमाणिक गुरु की परिभाषा दे दी। दो योग्यताएं बताई है जो शास्रानुसार आचरण एवं प्रचार हैं जो यह करता है वही प्रामाणिक गुरु है.
सनातन गोस्वामी
रूप गोस्वामी
चैतन्य महाप्रभु
सनातन गोस्वामी द्वारा रचित ... के अनुसार गुरु व एक शिष्य को एक वर्ष तक गोष्टी करनी चाहिए, इससे शिष्य को यह ज्ञात हो जायेगा कि "यहाँ एक व्यक्ति हैं जिन्हें मैं गुरु के रूप में स्वीकार कर सकता हूँ।" और गुरु भी यह जान पाएं कि यहाँ एक छात्र है मेरे शिष्य बनने के योग्य हैं
हरि-भक्ति-विलास
बृहद भागवतम
लीला कृष्ण स्तव
सभी के लिए जीबीसी का आदेश मानना अनिवार्य है यहां तक के गुरु के लिए भी
सत्य
असत्य
एक इस्कॉन भक्त को, ..... के प्रणाम मन्त्र पढने के बाद, कम से कम ..... के प्रणाम मन्त्र का पहला भाग प्रणाम करते समय पढ़ना चाहिए।
दीक्षा गुरु, श्रील प्रभुपाद
श्रील प्रभुपाद, दीक्षा गुरु
अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ के ....., ....... एवं ...... होने के कारण, श्रील प्रभुपाद का प्रत्येक इस्कॉन भक्त के साथ अनोखा सम्बन्ध है।
संस्थापकाचार्य
सर्वोच्च प्राधिकारी
पूर्व प्रतिष्ठित शिक्षा गुरु
एक शिष्य को अपने गुरु के सामने नासमझ ही बने रहना चाहिए। इसके संबंध में चैतन्य चरितामृत में.... ,शिष्य का सर्वश्रेष्ठ उदहारण प्रस्तुत करते हैं।
चैतन्य महाप्रभु
अद्वैत आचार्य
कृष्णदास कविराज गोस्वामी
लोचनदास ठाकुर
..... ने इस प्रचालन की भर्त्सना की, मन तुमि किसेर वैष्णवः 'तुम कैसे वैष्णव हो?' प्रतिष्ठार तारे निर्जने घरे: 'और केवल तुच्छ प्रसिद्धि के लिए, अरे वे वैष्णव हैं। वे जप कर रहे हैं। प्रतिष्ठा तारे निर्जन घरे तवा हरिनाम केवल। यह केवल ठगी है।
श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर
श्रील प्रभुपाद
आध्यात्मिक दीक्षा क्या है?
a) शिष्य को अपने पापों से मुक्ति देना
b) शिष्य को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना
d) शिष्य को गुरु के दोष बताना
अचिंत्य भेदाभेद दर्शन का मौलिक सिद्धांत क्या है?
a) जगत मिथ्या है
b) सब कुछ भगवान के साथ एक है लेकिन उनसे भिन्न है
c) भगवान अकार्य हैं
d) पुनर्जन्म सर्वोच्च सत्य है
"चैत्य गुरु" शब्द का क्या अर्थ है?
a) बाह्य आध्यात्मिक शिक्षक
b) आंतरिक आध्यात्मिक मार्गदर्शक (Supersoul)
c) साधारण मनुष्य
d) अवतार
ऋत्विक से आप क्या समझते है ?
संचालक पुजारी
अप्रामाणिक गुरु
मिथ्यावाद
किन स्तर के भक्तों को गुरु के रूप में स्वीकार करना चाहिए?
कनिष्ठ अधिकारी
मध्य अधिकारी
उत्तम अधिकारी
