Worksheetsसमावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता
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समावेशी शिक्षा की अवधारणा क्या है?
समावेशी शिक्षा का मतलब है विभिन्न वर्गों और समुदायों के छात्रों को एक ही स्थान पर शिक्षा प्रदान करना।
समावेशी शिक्षा का अर्थ है विद्यालयों को अलग-अलग समुदायों के लिए खोलना।
समावेशी शिक्षा का अर्थ है छात्रों को विभिन्न स्थानों पर शिक्षा प्रदान करना।
समावेशी शिक्षा का मतलब है एक ही वर्ग के छात्रों को एक साथ पढ़ाना।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझने के लिए कौन-कौन से उपाय हो सकते हैं?
सामान्य शिक्षा योजनाएं का उपयोग करना
विशेष शिक्षा योजनाएं और विभिन्न साधनों का उपयोग
विशेष शिक्षा योजनाएं का उपयोग न करना
विशेष शिक्षा योजनाएं और विभिन्न साधनों का उपयोग करना
समावेशी शिक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?
समाज में असहमति बढ़ाने के लिए।
सामाजिक समरसता और समर्थन को बढ़ावा देने के लिए।
शिक्षा के महत्व को कम करने के लिए।
विद्यार्थियों को अधिक दबाव डालने के लिए।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए किस प्रकार की सहायता उपलब्ध है?
शिक्षा, विशेष शिक्षा, और विकलांगता सहायता नहीं
खेल, कला, और संगीत सहायता
शिक्षा, विशेष शिक्षा, और विकलांगता सहायता
आर्थिक सहायता
समावेशी शिक्षा के लाभ क्या हैं?
समावेशी शिक्षा से कोई लाभ नहीं होता
केवल एक ही दृष्टिकोण का समर्थन होता है
समावेशी शिक्षा के लाभ इस प्रकार हैं: 1. सामाजिक समर्थन और सहयोग 2. विभिन्न विचारों और दृष्टिकोणों का समर्थन 3. विभिन्न कौशलों का विकास 4. समृद्धि और समर्थन 5. समाज में समर्थन और समर्थन
समावेशी शिक्षा से केवल एक ही कौशल विकसित होता है
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए किस प्रकार की शिक्षा योजना बनाई जा सकती है?
आर्थिक योजना
खेलकूद योजना
विशेष शिक्षा योजना
सामान्य शिक्षा योजना
समावेशी शिक्षा के लिए कौन-कौन से संसाधन उपलब्ध हैं?
छात्र, पाठ्यक्रम, शैक्षिक सामग्री, शैक्षिक संस्थान, और शैक्षिक प्रौद्योगिकी
शिक्षक, पाठ्यक्रम, शैक्षिक सामग्री, शैक्षिक संस्थान, और शैक्षिक प्रौद्योगिकी
शिक्षक, छात्र, शैक्षिक सामग्री, शैक्षिक संस्थान, और शैक्षिक प्रौद्योगिकी
शिक्षक, छात्र, पाठ्यक्रम, शैक्षिक सामग्री, शैक्षिक संस्थान, और शैक्षिक प्रौद्योगिकी
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए किस प्रकार की व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध है?
विशेष शिक्षा विभाग
विशेष शिक्षा संस्थान
विशेष शिक्षा योजना
विशेष शिक्षा योजनाएं
समावेशी शिक्षा के लिए सरकारी योजनाएं कैसे मददगार हो सकती हैं?
सरकारी योजनाएं शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता, शिक्षा सामग्री और शिक्षकों की प्रशिक्षण के लिए अनुदान प्रदान कर सकती हैं।
सरकारी योजनाएं खेल-कूद के लिए सुविधाएं प्रदान कर सकती हैं।
सरकारी योजनाएं विद्यार्थियों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने में मदद कर सकती हैं।
सरकारी योजनाएं खाने-पीने की व्यवस्था कर सकती हैं।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए किस प्रकार की सामाजिक सहायता उपलब्ध है?
विद्यालयों द्वारा
वैश्विक संगठनों द्वारा
व्यक्तिगत दान द्वारा
सरकारी योजनाएं और संगठनों द्वारा
मानव संज्ञानात्मक सिध्यान्त के अनुसार ज्ञान
केवल व्यक्ति में होता है
केवल समाज में होता है
दोनों में
स्पस्ट नही
प्रसिद्ध मनोविज्ञानी जिन पियाजे के अनुसार, ज्ञानेन्द्रियों का विकास किस अवस्था में होता है?
वैचारिक क्रिया अवस्था
संवेदनात्मक स्थिति अवस्था
विवेचना रहित विचार अवस्था
संकल्पना एवं प्रतीकात्मक विचारों की तैयारी अवस्था
छात्रों को अपना अधिकतम विकास करने में सहायता देने के लिए क्या आवश्यक है
परामर्श की आवश्यकता पड़ती है
निर्देशन की आवश्यकता पड़ती है
समायोजन की आवश्यकता पड़ती है
उपरोक्त में कोई नही
अधिगम सिध्यान्त एवं उनके प्रवर्तक का कौन सा युग्म असंगत है?
सूचना प्रसाधन सिध्यान्त - कार्ल रोजर्स
उद्दीपन अनुक्रिया सिध्यान्त - कोहलर
संबंध प्रतिक्रिया सिध्यान्त - पॉवलोव
क्रिया प्रसूत सिध्यान्त - स्किनर
मौलिकता का गुण पाया जाता है
शिक्षित माता पिता के बालकों में
धनी परिवार के बालकों में
सृजनशील बालकों में
प्रतिभाशाली बालकों में
"बालक की शक्ति का वह अंश, जो किसी काम नही आता है, वह खेलों के माध्यम से बाहर निकाल दिया जाता है"
अतिरिक्त शक्ति का सिध्यान्त
क्षतिपूर्ति का सिध्यान्त
बाल विकास का सिध्यान्त
अधिगम का सिध्यान्त
किसने कहा है, " समाजीकरण की प्रक्रिया दूसरे व्यक्तियों के साथ शिशु के प्रथम संपर्क से आरंभ होती है और आजीवन चलती रहती है?
मॉरिसन
सोरेनसन
सॉरे व टेलफ़ोर्ड
हैरिमन
हस्तशिल्प की शिक्षा दी जानी चाहिये
पिछड़े बालकों को
सृजनशीलत बालको को
प्रतिभावान बालकों को
इन सभी को
जटिल बालक के लक्षण कौन से है ?
विशेष प्रकार की शारीरिक संरचना
माता-पिता का मानसिक असंतुलन
परोपकार व सहयोग की भावना रखना
सूक्ष्म चिंतन की ओर रुचि रखना
जो निर्देशन एक व्यक्ति को उसकी व्यावसायिक तथा जीविका में उन्नति संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए उसकी व्यक्तिगत विशेषताओं को उसके जीविका सम्बन्धी अवसरों के संबंध में ध्यान रखते हुए दिया जाता है, वह क्या कहलाता है?
आर्थिक निर्देशन
व्यावसायिक निर्देशन
शैक्षणिक निर्देशन
सभी
अधिगम के सिध्यान्त एवं उनके प्रवर्तक का कौन सा युग्म सुमेलित नही है?
अन्वेषण का सिध्यान्त - जेरोम एस.ब्रूनर
शाब्दिक अधिगम का सिध्यान्त - आसुबेल
प्राकृतिक दशा सिध्यान्त - कर्ट लेविन
अनुसरण सिध्यान्त - क्लार्क एल. हल
निम्न में कौन सा बुद्धि परीक्षण वैयक्तिक क्रियात्मकता परीक्षण है?
शिकागो क्रियात्मक परीक्षण
आर्मी एल्फा टेस्ट
पोर्टियस भूलभुलैया परीक्षण
बीने साइमन परीक्षण
किशोरावस्था की प्रमुख विशेषता क्या नही है
मानसिक विकास
कल्पना की बहुलता
संचय की प्रवृति
संवेगों का आवेग
प्रतिद्वंदात्मक समाजीकरण की अवस्था कहा जाता है
शैशवावस्था को
बाल्यावस्था को
किशोरावस्था को
प्रौढ़ावस्था को
लक्ष्मी अपनी कक्षा को क्षेत्र भ्रमण पर ले जाती है और वापस आने पर अपने विद्यार्थी के साथ भ्रमण पर चर्चा करती है । यह ........की ओर संकेत करता है।
सीखने के आकलन
सीखने के लिए आकलन
आकलन के लिए सीखना
आकलन का सीखना
जब कोई बालक अपना स्वमूल्यांकन करने के साथ साथ सहपाठियों के मूल्यांकन हेतु भी सहभागिता करता है तो इस प्रकार का मूल्यांकन कहलाता है
सतत मूल्यांकन
व्यापक मूल्यांकन
संकलित मूल्यांकन
रचनात्मक मूल्यांकन
वह प्रक्रिया जिसके फलस्वरूप बालक सामाजिक व्यवहारों को स्वीकार करता है और जिसके साथ अनुकूलन करता है,कहलाती है
आकलन
समाजीकरण
नैतिकता
समायोजन
प्रतिभावान बालक की पहचान अवलोकन द्वारा नही की जा सकती, क्योंकि
अवलोकन वस्तुनिष्ठ तकनीक नही है
अवलोकन व्यक्तिनिष्ठ प्रविधि है
अवलोकन सिर्फ विशेषज्ञों द्वारा ही किया जा सकता है
उपरोक्त सभी
राष्ट्रीय पाठ्य चर्चा की रूप रेखा (NCF)-2005 के अनुसार, मार्गदर्शक सिध्यान्त में निहितार्थ है
पाठ्य चर्चा का सम्बर्धन पाठ्य पुस्तक पर केंद्रित करना
पाठ्यक्रम के कुछ उप विषयों को रटंत प्रणाली से मुक्त करना
ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ना
कक्षा की गतिविधियों को परीक्षा में कम महत्व देना
