Font size
WorksheetsHarihaar kaka class 10 hindi
Total questions: 8
Worksheet time: 10mins
सम्पत्ति के लिए अपने भी पराये हो जाते हैं से क्या भाव है ?
सम्पत्ति के कारण लोग स्वार्थी और लालची हो जाते हैं
सम्पत्ति बहुत खराब चीज है
सम्पत्ति खराब है
कोई नहीं
ठाकुरबारी में लोग अपनी श्रद्धा कैसे व्यक्त करते है ?
सभी
हरिहर काका के गांव में यदि मीडिया होती तो उनकी स्तिथि कैसी होती ?
लड़ाई झगड़े का सबको पता चलता और उनकी स्तिथि बेहतर होती
वास्तविकता का सबको पता चलता और उनकी स्तिथि बेहतर होती
बात और बढ़ती का सबको पता चलता और उनकी स्तिथि बेहतर होती
कोई नहीं
समाज में सुखी जीवन जीने के लिए रिश्तों-नातों का बहुत अधिक महत्त्व है। परन्तु आज के समाज में सभी मानवीय और पारिवारिक मूल्यों और कर्तव्यों को पीछे छोड़ते जा रहे हैं। ज्यादातर लोग केवल स्वार्थ के लिए ही रिश्ते निभाते हैं। जहाँ लोगों को लगता है कि उनका फ़ायदा नहीं हो रहा है वहाँ लोग जाना ही बंद कर देते हैं। आज का व्यक्ति स्वार्थी मनोवृति का हो गया है। वह केवल अपने मतलब के लिए ही लोगों से मिलता है। वह अपने अमीर रिश्तेदारों से रोज मिलना चाहता है परन्तु अपने गरीब रिश्तेदारों से कोसों दूर भागता है।
हमारे समाज में हमें देखने को मिलता है की कुछ बुज़ुर्ग भरोसा करके अपनी जिंदगी में ही अपनी जायदाद को अपने रिश्तेदारों या किसी और के नाम लिखवा देते हैं, वे सोचते हैं की ऐसा करने से उनका बुढ़ापा आसानी से काट जाएगा। पहले-पहले तो रिश्तेदार भी उनका बहुत आदर-सम्मान करते हैं, परन्तु बुढ़ापे में परिवार वालों को दो वक्त का खाना देना भी बुरा लगने लगाता है। बाद में उनका जीवन किसी कुत्ते की तरह हो जाता है, उन्हें कोई पूछने वाला भी नहीं होता।
प्रस्तुत पाठ में भी हरिहर काका नाम का एक व्यक्ति है, जिसकी अपनी देह से कोई संतान नहीं है परन्तु उसके पास पंद्रह बीघे जमीन है और वही जमीन उसकी जान की आफत बन जाती है अंत में उसी जमीन के कारण उसे सुरक्षा भी मिलती है। लेखक इस पाठ के जरिए समाज में हो रहे नकारात्मक बदलाव से हमें अवगत करवाना चाहता है कि आज का मनुष्य कितना स्वार्थी मनोवृति का हो गया है
पहले दौर में महंत ने काका के साथ कैसा व्यवहार किया ?
सेवा सत्कार के साथ
बहुत बुरा और धोखे के साथ संपत्ति हड़प्पने की कोशिश की
धोखे के साथ संपत्ति हड़प्पने की कोशिश की
धोखे के साथ
हरिहर काका से कागज़ो पर अंगूठे कैसे लगवाए गए ?
उन्हें सब कुछ पढ़ कर सुना कर
जबरन धोखे से
बन्दूक दिखा कर
कोई नहीं
हरिहर काका कहानी के लेखक कौन हैं ?
गुरदयाल सिंह
मिथिलेश्वर
दयाल सिंह
कोई नहीं
गाँव कस्बाई शहर आरा से 40 (a) - की दुरी पर हसनपुर बस स्टैंड के पास है
समाज में सुखी जीवन जीने के लिए रिश्तों-नातों का बहुत अधिक महत्त्व है। परन्तु आज के समाज में सभी मानवीय और पारिवारिक मूल्यों और कर्तव्यों को पीछे छोड़ते जा रहे हैं। ज्यादातर लोग केवल स्वार्थ के लिए ही रिश्ते निभाते हैं। जहाँ लोगों को लगता है कि उनका फ़ायदा नहीं हो रहा है वहाँ लोग जाना ही बंद कर देते हैं। आज का व्यक्ति स्वार्थी मनोवृति का हो गया है। वह केवल अपने मतलब के लिए ही लोगों से मिलता है। वह अपने अमीर रिश्तेदारों से रोज मिलना चाहता है परन्तु अपने गरीब रिश्तेदारों से कोसों दूर भागता है।
हमारे समाज में हमें देखने को मिलता है की कुछ बुज़ुर्ग भरोसा करके अपनी जिंदगी में ही अपनी जायदाद को अपने रिश्तेदारों या किसी और के नाम लिखवा देते हैं, वे सोचते हैं की ऐसा करने से उनका बुढ़ापा आसानी से काट जाएगा। पहले-पहले तो रिश्तेदार भी उनका बहुत आदर-सम्मान करते हैं, परन्तु बुढ़ापे में परिवार वालों को दो वक्त का खाना देना भी बुरा लगने लगाता है। बाद में उनका जीवन किसी कुत्ते की तरह हो जाता है, उन्हें कोई पूछने वाला भी नहीं होता।
प्रस्तुत पाठ में भी हरिहर काका नाम का एक व्यक्ति है, जिसकी अपनी देह से कोई संतान नहीं है परन्तु उसके पास पंद्रह बीघे जमीन है और वही जमीन उसकी जान की आफत बन जाती है अंत में उसी जमीन के कारण उसे सुरक्षा भी मिलती है। लेखक इस पाठ के जरिए समाज में हो रहे नकारात्मक बदलाव से हमें अवगत करवाना चाहता है कि आज का मनुष्य कितना स्वार्थी मनोवृति का हो गया है
हरिहर काका की कहानी का उद्देश्य क्या है ?
स्वार्थी और हिंसवृत्ति को बेनकाब करना
परिवारक झगड़े दिखाना
सम्पति का लालच दिखाना
टी आर पी बढ़ाना
इस कहानी में साधू संतो के किस रूप को दिखाया गया है ?
धर्म प्रचारक
धार्मिक
ठग और डाकू प्रवृति को
कोई नहीं
हरिहर काका ने दो शादिया क्यों की ?
धन अर्जित करने के लिए
शौंक के लिए
औलाद पाने के लिए
कोई नहीं
