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WorksheetsSpiritual Anatomy Book
Total questions: 25
Worksheet time: 2hrs 5mins
स्पिरिचुअल एनाटॉमी पुस्तक के समस्त विषय को दाजी द्वारा कितने भागों में बांटा गया है
तीन
पांच
तेरह
सोलह
दाजी के अनुसार, अभ्यास करने से हम / हमें -
महसूस कर पातें है
आनंद प्राप्त होता है
पार हो जाते है
दाजी के अनुसार, अध्यात्मिक पुस्तक पढने से हम -
महसूस कर पातें है
आनंद प्राप्त होता है
पार हो जाते है
दाजी द्वारा पुस्तक को तीन प्रमुख भागों में बांटा गया है जिनका नाम है -
१. पढो और आनंद लो
२. अभ्यास करो और बनो
३. ध्यान करो और पार हो जाओ
१. पढो और आनंद लो
२. अभ्यास करो, बनो और महसूस करो
३. ध्यान करो और पार हो जाओ
१. पढ़ें और आनंद लें
२. अभ्यास करें और महसूस करें
३. ध्यान करें और पार हो जाएं
१. पढ़ें और आनंद लें
२. अभ्यास करें और पाएं
३. ध्यान करें और पार हो जाएं
स्पिरिचुअल एनाटोमी पुस्तक का पूरा नाम (जैसा की मुखपृष्ठ पर लिखा है )
स्पिरिचुअल एनाटोमी - ध्यान द्वारा चक्रों एवं केंद्र की यात्रा
स्पिरिचुअल एनाटोमी - केंद्र की यात्रा
स्पिरिचुअल एनाटोमी - आत्मा की यात्रा
स्पिरिचुअल एनाटोमी - ध्यान, चक्र एवं केंद्र की यात्रा
स्पिरिचुअल एनाटॉमी एक ऐसी असाधारण अंतर यात्रा की कहानी है जिसमें भाग लेने वाला मुख्य पात्र ________ है , जो यात्रा करते हुए परम सत्य के तट पर पहुंचता / पहुंचती है और फिर उसे भी पार कर जाता/ जाती है
मालिक
आपकी चेतना
आपका हृदय
आपकी आत्मा
अपनी आंतरिक खोज में आप अपनी वास्तविक प्रकृति के निकट आते जाते हैं तथा अपनी चेतना में __________ के उच्च स्तरों को प्राप्त करते जाते हैं और यही प्रकृति का सार भी है
साहस एवं दृढ़ता
दया एवं उदारता
सरलता और पवित्रता
शांति एवं स्थिरता
अभ्यास करें और महसूस करें वाला अध्याय
चक्रों का एक मानचित्र दिखता है जिसमें आपको अपनी समस्त आध्यात्मिक यात्रा में होने वाले अनुभवों और दशाओं की समीक्षा करने में मदद मिलेगी
हार्टफुलनेस के मुख्य अभ्यासों की झलक प्रस्तुत करता है,
चक्रों के लक्षणों की व्याख्या करता है
तथा हमारी चेतना के स्टारों पर विजय प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता है
आध्यात्मिक संरचना का महत्व एवं आत्मा का उद्गम बताता है
अभ्यास करने के लिए प्रेरित करता है
पढ़ें और आनंद ले - वाला अध्याय
आध्यात्मिक संरचना का महत्व एवं आत्मा का उद्गम बताता है
हार्टफुलनेस के मुख्य अभ्यासों की झलक प्रस्तुत करता है,
चक्रों के लक्षणों की व्याख्या करता है
तथा हमारी चेतना के स्तरों पर विजय प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता है
चक्रों का एक मानचित्र दिखता है जिसमें आपको अपनी समस्त आध्यात्मिक यात्रा में होने वाले अनुभवों और दशाओं की समीक्षा करने में मदद मिलेगी
पुस्तक को रोचक बनाता है है और आगे पड़ने के लिए प्रेरित करता है
ध्यान करें और पार हो जाए - वाला अध्याय
आध्यात्मिक संरचना का महत्व एवं आत्मा का उद्गम बताता है
हार्टफुलनेस के मुख्य अभ्यासों की झलक प्रस्तुत करता है,
चक्रों के लक्षणों की व्याख्या करता है
तथा हमारी चेतना के स्तरों पर विजय प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता है
चक्रों का एक मानचित्र दिखता है जिसमें आपको अपनी समस्त आध्यात्मिक यात्रा में होने वाले अनुभवों और दशाओं की समीक्षा करने में मदद मिलेगी
पुस्तक को रोचक बनाता है है और आगे पड़ने के लिए प्रेरित करता है समाधी अवस्था में जाने में मददगार होता है
हृदय की भाषा _______ है जब आप हृदय पर ध्यान करते हैं तो उसका/ उसकी _______
आपकी चेतना में पहुंचकर उन्नत विचारों को जन्म देती है
प्रेम
करुणा
प्रेरणा
शांति
___________ आध्यात्मिक विष हैं जो की चेतना में अवरोध उत्पन्न कर देते हैं और हृदय की प्रेरणा अपनी वास्तविक सामर्थ्य को प्राप्त नहीं कर पाती
दुख एवं दर्द
पूर्वाग्रह एवं पक्षपात
काम एवं क्रोध
भय एवं लालच
______कारण है, ______ उसका प्रभाव है और ______ उसका परिणाम
1. अनुभूति
2. विचार
3. कर्म
1. कर्म
2. विचार
3. अनुभूति
1. कर्म
2. अनुभूति
3. विचार
1. विचार
2. कर्म
3. अनुभूति
जब आंतरिक रूपांतरण सचमुच घटित होता है तो क्रमशः क्या होता है
आंतरिक प्रेरणा >
कर्मों में परिवर्तन>
अनुभूति में परिवर्तन >
विचारों में परिवर्तन >
आंतरिक प्रेरणा >
कर्मों में परिवर्तन>
विचारों में परिवर्तन >
अनुभूति में परिवर्तन >
आंतरिक प्रेरणा >
अनुभूति में परिवर्तन >
विचारों में परिवर्तन >
कर्मों में परिवर्तन
कर्मों में परिवर्तन>
विचारों में परिवर्तन >
अनुभूति में परिवर्तन >
आंतरिक प्रेरणा >
आत्मा की अपने भीतर केंद्र की पावन यात्रा को दाजी ने स्पिरिचुअल एनाटॉमी प्रोजेक्ट कहा है। इस स्पिरिचुअल एनाटॉमी प्रोजेक्ट के प्रति हम भक्ति पूर्वक अपनी प्रतिबद्धता कैसे दिखा पाएंगे ? इस दिशा में आगे बढ़ने की कुंजी क्या है?
प्रार्थना एवं समर्पण
साहस एवं प्रयास
मेहनत और लगन
स्वेच्छा और रुचि
एक पक्षी के दोनों पंखों के समान अपने आध्यात्मिक एवं भौतिक जीवन को एक साथ आगे बढ़ने का क्या तरीका है
दैनिक जीवन के हर कार्य को करने से पहले कुछ देर ध्यान करना
दैनिक जीवन के हर कार्य मैं अपनी आत्मा को अपने हृदय को झोक देंना
दैनिक जीवन में भौतिक एवं अध्यात्मिक दोनों कार्यों को बराबर समाय देना
दैनिक जीवन अध्यात्मिक कार्यों को भौतिक कार्एयों पर प्राथमिकता देना
संसार भूखा है ऐसे दिलों का जिनमे -
दया और करुणा हो
प्रेम और साहस हो
विनम्रता और श्रेष्ठता हो
सच्चाई और इमानदारी हो
आत्मा की प्रणाली के तीन प्रमुख अंग है
मास्टर, मिशन एवं मेथड
चक्र, कोष एवं सूक्ष्म शरीर
मन, बुद्धि एवं अहंकार
मस्तिष्क, हृदय एवं चेतना
स्पिरिचुअल एनाटॉमी प्रोजेक्ट में वह सूक्ष्म ऊर्जा जो हमारा रूपांतरण करती है, समाई रहती है
हृदय में
आत्मा मे
चक्रों में
कोशों में
जिस प्रकार कोई नदी बहते हुए कहीं जलप्रपात कहीं जलधारा कहीं सहायक नदियां बनाती है उसी प्रकार आत्मा भी देह धारण करने के बाद स्वयं को विभिन्न _____ पर प्रकट करती है यह _____ आत्मा के आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र होते हैं और इस प्रकार के कई भंवर पूरे शरीर में होते हैं
चक्रों, चक्र
कोशों, कोष
स्तरों, स्तर
रूपों, रूप
हार्टफुलनेस के मुख्य योगदानों में से एक योगदान ____ चक्रों की पहचान करना है इसमें से ____ चक्र रीढ में और ____ चक्र वक्षस्थल और सर में मौजूद है, जिनसे होकर प्रगति करते हुए हम चेतना के उच्चतम स्तर को प्राप्त करते हैं |
16, 3, 13
13, 8, 5
10, 5, 5
24, 8, 16
स्पिरिचुअल एनाटॉमी प्रोजेक्ट में हमारा ध्येय क्या है
चमत्कारी शक्तियां और अतिमानव योग्यताएं प्राप्त करना
ध्यान में महारत हासिल करना एवं देवीय शक्तियां प्राप्त करना
मन को अपने वश में कर लेना एवं समाधि की उच्चतम अवस्थ को प्राप्त करना
अपनी चेतना को विकसित करना, जीवन के उच्चतर अर्थ और उद्देश्य को खोजना तथा अपनी उच्चतम समाप्ति को प्राप्त करना
एक सच्चा अभ्यास करना
निम्नलिखित में से कौनसा सही नहीं है
जैसे-जैसे चक्र जागृत होते जाते हैं
सूक्ष्म शरीर विकसित होते जाते हैं
दिव्या शक्तिया अभ्यासी में जाग्रत होने लगती हैं
बुद्धि ज्ञान में बदलने लगती है
विचार अनुभूति में परिवर्तन होने लगते हैं
हम चेतना पर सीधे कार्य नहीं करते
जब हम अपने हाथ पैरों छाती और मांसपेशियों पर कार्य करते हैं तो शरीर को लाभ पहुंचता है इसी प्रकार जब हम आत्मा की प्रणाली पर कार्य करते हैं तो चेतना को लाभ पहुंचता है
हम ध्यान द्वारा मन को एकाग्र रखते है और चेतना स्वतः विकसित होती रहती है
चेतना पर कार्य करने के लिए ब्रह्माण्ड मंडल तक विकसित होना ज़रूरी है
मूल दशा में केंद्र उपस्थित था | केंद्र के नीचे ही एक गति अंतर्निहित थी | एक अंतर्निहित गति की सामर्थ्य की कल्पना इस प्रकार की जा सकती है जैसे एक दबी हुई स्प्रिंग के भीतर इसकी समस्त गति की सामर्थ्य होना | उस अंतर्निहित गति में एक चीज और उपस्थिति और वह थी "सृजन का विचार" | सृजन के इस विचार को हार्टफुलनेस में _____कहा गया है | सृजन आरंभ करने के लिए एक तरंग, एक झटके की जरूरत थी | सर्किट को पूरा करने के लिए किसी स्विच को ऑन करने की जरूरत होती है यह ____ही वह स्विच था |
केंद्र
क्षोभ
आदि मन
ईश्वर
