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Worksheetsगर्भधारण से संबंधित प्रश्न
Total questions: 47
Worksheet time: 34mins
गर्भधारण करने का सही समय क्या है ।
गर्भधारण से पहले महिला का बॉडी-मास इन्डैक्स 18.5 से 23.5 के मध्य होना चाहिए।
महिला के हिमोग्लोविन का स्तर 12 ग्राम या उस से अधिक होना चाहिए।
1 और 2 दोनो सही है ।
उपरोक्त में से कोई भी सही नहीं है ।
पहली तिमाही में गर्भवती महिला का वजन कितना बढ़ना चाहिए?
500 ग्राम से 800 ग्राम तक।
1 किलो से 2 किलो तक।
2 किलो से 3 किलो तक।
उपरोक्त में से कोई भी सही नहीं है।
गर्भधारण होने पर महिला क्या करे।
अस्पताल व आंगनबाड़ी में तुरन्त पंजीकरण कर मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड बनाये।
प्रसवपूर्व कम से कम 4 अनिवार्य स्वास्थय जांच सुनिशिचित करवाये।
प्रसवपूर्व कम से कम 3 अनिवार्य स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करवाये।
1 और 2 सही है ।
गर्भधारण के दौरान गर्भवती महिला के वज़न में कम से कम कितनी बढ़ौतरी होनी चाहिए ?
बीएमआई 18.5 से कम है, यानी आप अंडरवेट है, तो गर्भावस्था के दौरान आपका वज़न 12.5 से 18 किलो तक बढ़ना चाहए ।
बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच है, यानी आपका वज़न सामान्य है, तो 11.5 से 16 किलो तक वज़न बढ़ना चहिए।
गर्भावस्था के दौरान 5 से 8 किलो वजन बढ़ना चाहिए ।
1 और 2 दोनो सही है ।
महिला का बॉडी मास इन्डैक्स निकालने का सही फार्मुला क्या है ?
BMI=Weight (KG)÷Height (〖M)〗^2
BMI=Weight (Gram)÷Height (〖CM)〗^2
BMI=Weight (KG)÷Height (M)
उपरोक्त में से
महिला का बॉडी मास इन्डैक्स निकालने का सही फार्मुला क्या है ?
BMI=Weight (KG)÷Height (〖M)〗^2
BMI=Weight (Gram)÷Height (〖CM)〗^2
BMI=Weight (KG)÷Height (M)
उपरोक्त में से कोई भी सही नहीं है ।
गर्भावस्था में महिला का आहार कैसा हो ?
ऐसा आहार जिसमें सिर्फ आयरन की मात्रा अधिक हो ।
संतुलित आहार जिसमें कार्बोज़, वसा, प्रोटीन, विटामिन एवं खनिज-लवण प्रचुर मात्रा में उपलव्ध हों ।
गर्भावस्था के दौरान महिला को सफेद रंग के व्यंञ्जन खाने चाहिए ।
गर्भावस्था के दौरान महिला को सिर्फ शाकाहारी खाना ही खाना चाहिए ।
गर्भवती महिला को निम्न मे से क्या नहीं करना चाहिए।
परिवार के साथ बैठकर खाना-खाये।
दिन में कम से कम दो घटें का पर्याप्त आराम व रात को आठ घंटे की नींद ।
गर्भावस्था के दौरान कोई भारी वस्तु न उठाना।
आयरन-फौलिक एसिड का दूध या चाय के साथ नियमित सेवन करना चाहिए।
प्रसवपूर्व तैयारी में निम्न में से क्या सुनिश्चित करवाएं।
सही अस्पताल का चयन।
मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड सहित जरुरी कागजात ।
वाहन फोन नम्बर सहित ।
उपरोक्त सभी।
प्रसव उपरान्त नवजात शिशु को स्तनपान कब करवायें?
शिशु को पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलॉस्ट्रम) न पिलाएं क्योंकि यह वच्चे के लिए हानिकारक है।
प्रसव उपरान्त एक घण्टे के भीतर पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलॉस्ट्रम) अनिवार्यता पिलायें।
स्तनपान कब करवायें?
शिशु को पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलॉस्ट्रम) न पिलाएं क्योंकि यह वच्चे के लिए हानिकारक है।
प्रसव उपरान्त एक घण्टे के भीतर पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलॉस्ट्रम) अनिवार्यता पिलायें।
शिशु को1 घन्टे के भीतर फार्मूला दूध जरुर दें क्योकि इसमें वच्चे की जरुरत के सभी पोषक तत्व उपलव्ध रहते है।
6 माह तक शिशु को स्तनपान के साथ-2 और क्या- क्या दिया जा सकता है?
शहद, गुड़ या जन्म घुट्टी।
बोतल वाला दूध ।
सिर्फ और सिर्फ स्तनपान ।
उपरोक्त में से कोई नहीं ।
नवजात शिशु को जन्म उपरान्त तुरन्त स्तनपान कराना कयों जरुरी है निम्न में से कौन सा तथ्य सही है ?
शिशु- की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
स्तनपान से शिशु को एंटीबॉडी मिलती है, जिस से शिशु में संक्रमण का खतरा कम होता है।
1 और 2 दोनो सही है ।
उपरोक्त में से कोई भी सही नही है ।
नवजात शिशु का स्तनपान से सही जुड़ाव, निम्न में से कौन सा तथ्य सही नहीं है ।
स्तनपान कराते समय शिशु का कान, कंधा और कूहला एक ही सीध में होना चाहिए ।
स्तनपान कराते समय एरिओला (स्तन के निप्पल के साथ वाला काला भाग) पूरा शिशु के मुँह में न हो, ताकी शिशु अच्छे से दूध पी सके ।
स्तनपान कराते समय एरिओला (स्तन के निप्पल के साथ वाला काला भाग) पूरा शिशु के मुँह हो, ताकी शिशु अच्छे से दूध पी सके ।
1 और 3 सही है ।
स्तनपान कराते समय एरिओला (स्तन के निप्पल के साथ वाला काला भाग) पूरा शिशु के मुँह हो, ताकी शिशु अच्छे से दूध पी सके ।
सामान्यतःएक स्वस्थ या पूर्ण समय में पैदा हुआ बच्चा दूध निगलने से पहले स्तन को कीतनी बार चूसता है।
5 से 7 बार
6 से 8 बार
10 से 15 बार
उपरोक्त में से कोई भी सही नही है
नवजात शिशु को स्तनपान करवाते समय कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए ।
स्तनपान कराते समय शिशु के मुँह का स्तन के साथ सही जुङाव सुनिश्चित करवाना।
स्तनपान कराते समय एक समय पर एक स्तन से पूरा दूध न पिलाएं ।
बार बार शिशु को दूध न पिलाएं इस से बच्चे में दस्त की संम्भावना बढती है ।
2 और 3 सही है ।
शिशु को छः माह तक केवल स्नपान ही क्यों जरुरी है?
शिशु की शारीरिक वृद्धि एवं विकास के लिए जरुरी।
स्तनपान से शिशु को भरपूर पोषण मिलता है ।
शिशु को संक्रमण से बचाता है।
उपरोक्त सभी सही हैं ।
सामान्यतःएक स्वस्थ शिशु को एक बार के स्तनपान में कितना समय लगता है ।
एक बार में एक स्तन को पूरी तरह खाली कर देता है ।
एक बार में एक स्तन को पूरी तरह और दुसरे स्तन का कुछ भाग खाली कर देता है ।
एक बार में दोनो स्तनो का खाली कर देता है ।
उपरोक्त में से कोई भी सही नही है ।
शिशु को स्तनपान, दिन (24
शिशु को स्तनपान, दिन (24 घंटे) में कम से कम कितनी बार करवाना चाहिए ?
हर 1½ से 3 घंटे के अन्तराल पर।
शिशु को 24 घंटे में लगभग 8 से 12 बार स्तनपान करवायें।
1 और 2 दोनो में से कोई भी सही नहीं है।
1 और 2 दोनो सही हैं।
शिशु को कब तक केवल स्तनपान करवाना चाहिए ?
5 माह तक ।
6 माह तक ।
7 माह तक ।
8 माह तक ।
शिशु की वीमारी के दौरान मां क्या करे ? निम्न में से कौन का तथ्य सही है ।
शिशु की वीमारी के दौरान मां उसे बार-बार स्तनपान न करवाए ।
शिशु की वीमारी के दौरान मां उसे बार-बार स्तनपान करवाए ।
शिशु को विमारी से ठीक होने के उपरान्त ही मां उसे स्तनपान करवाए ।
1 और 3 सही है ।
मां स्वंय बीमार या एचआईवी संक्रमित होने पर क्या करे? निम्न में से कौन सा तथ्य सही है।
मां स्वयं बीमार होने पर शिशु को स्तनपान न करवाए।
मां स्वयं एचआईवी संक्रमित होने पर शिशु को स्तनपान न करवाए।
मां स्वयं बीमार या एचआईवी संक्रमित होने पर भी स्तनपान जारी रखे।
उपरोक्त में से कोई भी सही नहीं है।
निम्न में से कौन सी स्तनों से सम्बन्धित समस्या है?
स्तनों का फटना या सूजन होना।
स्तनों में दूध का रुक जाना।
स्तनों मे गाँठ बनना।
उपरोक्त सभी।
निम्न में से कौन सी स्तनों से सम्बन्धित समस्या है?
स्तनों का फटना या सूजन होना।
स्तनों में दूध का रुक जाना।
स्तनों मे गाँठ बनना।
उपरोक्त सभी।
निम्न में से कौन सा तथ्य कमजोर शिशु के वारे में सही नहीं है?
शिशु जिसके जन्म का वजन 2 किलो से कम हो।
शिशु जिसके जन्म के समय की लम्वाई 45 CM से कम हो।
शिशु जिसका जन्म साढे आठ माह से पूर्व (Pre-mature) हो गया हो।
शिशु ठीक से स्तनपान नहीं कर पा रहा हो ।
निम्न में से कौन सा कारण शिशु के नाटेपन और दुबलेपन के लिए सही नहीं है?
स्तनपान में कमी।
शिशु का बार-बार बीमार पड़ना ।
शिशु को बीमारी के दौरान स्तनपान न करवाना।
जन्म से 6 माह तक शिशु को केवल स्तनपान।
बढ़ते हुए बच्चों को बढ़ी हुई मात्रा में आहार की आवश्यकता क्यों?
शारीरिक वृद्धि एवं गतिविधि के लिए।
विकास के लिए।
संक्रमण से लड़ने के लिए।
उपरोक्त सभी।
बच्चों को व्यस्क के मुकावले अधिक पोषण की जरुरत क्यों होती है?
बच्चे की लम्वाई और वजन का तेजी से बढना
मां की कोख से 2 साल तक बच्चे का सर्वाधिक विकास होना ।
पहले 2 साल तक बच्चे के दिमाग का आकार व्यस्क के दिमाग जितना बढना।
उपरोक्त सभी।
ऊपरी आहार की शुरुआत समय पर क्यों जरुरी है? निम्न में से कौन सा कारण सही नहीं है।
ऊपरी आहार की शुरुआत समय पर क्यों जरुरी है? निम्न में से कौन सा कारण सही नहीं है।
6 महिने के बाद बच्चे की पोषण सम्बन्धी जरुरत को पूरा करने के लिए उपरी आहार की जरुरत होती है।
6 माह का बच्चा किसी भी प्रकार का मुलायम खाना आसानी से पचा सकता है।
6 माह के बाद बच्चे को मां के दूध की जरुरत नहीं रहती है।
इस दौरान बच्चे का विकास तेजी से हो रहा होता है।
ऊपरी आहार की सही एंव पर्याप्त मात्रा। निम्न में कौन का सही नही है।
6 से 7 माह तक मां के दूध के साथ दिन में 2 बार एक टेबलस्पून नरम गाढा ऊपरी आहार।
7 से 8 माह तक मां के दूध के साथ दिन में 3-4 बार ½ कटोरी गाढा ऊपरी आहार।
8 से 9 माह तक मां के दूध के साथ दिन में 3-4 बार ¾ कटोरी ऊपरी आहार।
10 से 11 माह तक घर के खाने के साथ फलों का जूस।
6 माह के बाद 8 माह तक शिशु को दिन भर में कितनी बार ऊपरी आहार खिलाना चाहिए ?
दिन भर में कम से कम एक बार ।
दिन भर में कम से कम दो बार ।
दिन भर में कम से कम तीन बार ।
उपरोक्त में से कोई भी नही
9 से 12 माह तक शिशु को दिन भर में कितनी बार ऊपरी आहार खिलाना चाहिए ?
दिन भर में कम से कम दो बार ।
दिन भर में कम से कम तीन बार ।
दिन भर में कम से कम चार बार ।
बच्चे के मांगने पर ।
12 माह पूर्ण होने पर शिशु को दिन भर में कितनी बार ऊपरी आहार खिलाना चाहिए?
12 माह पूर्ण होने पर शिशु को दिन भर में कितनी बार ऊपरी आहार खिलाना चाहिए?
कम से कम तीन बार
कम से कम चार बार
बच्चे के मांगने पर
दिन भर में कम से कम दो बार और एक बार नाश्ता
कम वजन वाले शिशु की पहचान।
वजन के अनुसार कम लम्बाई
लम्बाई के अनुसार कम वजन
उम्र के अनुसार कम वजन
उपरोक्त मे से कोई भी सही नही है
नाटेपन वाले शिशु की पहचान।
लम्बाई के अनुसार कम वजन
उम्र के अनुसार कम लम्बाई
वजन और लम्बाई दोनो कम
उपरोक्त मे से कोई भी सही नही है
दुबलेपन वाले शिशु की पहचान।
लम्बाई के अनुसार कम वजन
वजन के अनुसार कम लम्बाई
उम्र के अनुसार कम लम्बाई
उपरोक्त मे से कोई भी सही नही है
निम्न में से कौन सा एक महिलाओं में एनीमिया का लक्षण नही है।
हथेली व पैरों के तलवे में पीलापन
नाखुनों में पीलापन
जीभ व होठों में लालपन
नाड़ी या नस का तेज चलना
हमारे शरीर में हिमोग्लोबिन की क्या भूमिका होती है।
रक्त को लाल बनाना
ऑक्सीजन को हमारे हर अंग तक पहुंचाना
1 और 2 दोनो सही है
उपरोक्त में से कोई भी सही नहीं
महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले अधिक एनीमिया क्यों होता है?
माहवारी की वजह से महिलायें हर महिने खून खो देती हैं
गर्भावस्था में मां और बच्चे के लिए अधिक रक्त की आवश्यकता होती है
महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले अधिक एनीमिया क्यों होता है?
माहवारी की वजह से महिलायें हर महिने खून खो देती हैं।
गर्भावस्था में मां और बच्चे के लिए अधिक रक्त की जरुरत होती है।
घर में महिलाओं के अंत में और कम खाने की वजह से कम पोषण मिलता है।
उपरोक्त तीनों सही।
निम्न में से कौन सा एक बच्चों में एनीमिया का कारण नही है?
गर्भ में बच्चे को सही पोषण न मिल पाना।
6 माह पूरे होने पर ऊपरी आहार शुरु न करना।
बच्चों को गाय, भैंस, पाऊडर दूध आदि देना शुरु करना।
गर्भावस्था के दौरान मां का खट्टे पदार्थों का सेवन करना।
निम्न में से किन बच्चों को कंगारु मदर केयर की जरुरत होती है?
जो बच्चे 8 माह से पूर्व जन्मे हों।
जिनका वजन 2 किलोग्राम से कम हो।
जो जन्म से ही स्तनपान करने में कमजोर हो।
उपरोक्त तीनों सही है।
निम्न में से कौन सा एक तथ्य कंगारु मदर केयर के बारे में सही नही है?
सिर्फ मां को ही बच्चे को कंगारु मदर केयर करवाना चाहिए ।
शिशु को बिना कपड़े पहनाये शरीर से लगाकर रखना चाहिए।
बच्चे को को मां के शरीर के साथ सुरक्षित ढंग से बांध कर रखना।
बच्चे को टोपी व मौजे पहनाकर रखना।
