Worksheetsभगवत गीता अध्याय एक
Total questions: 20
Worksheet time: 14mins
भगवत गीता के पहले अध्याय का शीर्षक क्या है?
अर्जुन विषाद योग
सांख्य योग
कर्म योग
कर्म सन्यास योग
भगवत गीता को पूर्ण आस्तिक विज्ञान क्यों कहते है?
इसमे सब आस्तिक बातें हैं
स्वयं भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उच्चारित होने के कारण
अर्जुन को बताई गई है इसलिए
हिन्दू धर्म का ग्रंथ है इसलिए
कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र क्यों कहा गया?
उसका दुसरा नाम धर्मक्षेत्र था
अर्जुन के पक्ष में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण उपस्थित थे
जहाँ भगवान श्रीकृष्ण वहाँ ही धर्म होता है
वहां बड़े बड़े महा योद्धा उपस्थित थे
पांडवों का सेनापती कौन था?
भगवान श्रीकृष्ण
भीष्म पितामह
द्रुपद पुत्र धृष्टद्युम्न
अर्जुन
धृतराष्ट्र को आध्यात्मिक दृष्टि से अन्धा क्यों कहा जाता है
उसने भगवान श्रीकृष्ण के प्रस्ताव को नकारा
यह जानकार भी की पांडवों पर अन्याय हुआ है फिर भी वो युद्ध कराना चाहता था
वो सिर्फ दुर्योधन की सुनता था
उसने विदुरजी की उपदेशों को नकारा
पांडवों की जय के संकेत क्या थे?
हनुमान जी की ध्वज पर उपस्थिति
हर समय अर्जुन का भगवान श्रीकृष्ण से उपदेश लेना
ज्यादा सेना होने के कारण
भगवान श्रीकृष्ण की पांडवों के पक्ष में होना
भगवान श्रीकृष्ण को ऋषिकेश क्यों कहा जाता है?
भगवान श्रीकृष्ण समस्त इन्द्रियों के स्वामी हैं
भगवान श्रीकृष्ण समस्त जीवों के हृदयों में रहकर उनकी इन्द्रियों को निर्देशित करते हैं
भगवान श्रीकृष्ण समस्त जीवों की इन्द्रियों के भी स्वामी है
भगवान श्रीकृष्ण ऋषी नहीं है
अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना रथ दोनों सेनाओं के बीच क्यों ले जाने के लिए कहा?
अर्जुन की युद्ध करने की तनीक भी ईच्छा नहीं थी
अर्जुन जानना चाहते थे कि युद्ध में कौन कौन से योद्धा आए थे
यह भी जानना चाहता था कि वे किस हद तक युद्ध के लिए तुले हुए हैं
देखणा चाहता था कि दुर्योधन को प्रसन्न करने के लिए कौन कौन योद्धा उपस्थित थे
पितामह भीष्म, गुरु द्रोणाचार्य और कई अन्य महा योद्धा को देखकर अर्जुन की क्या अवस्था हुई?
उसका शरीर कांपने लगा, मुह सुखने लगा
शरीर के सब अंग काँपने लगे, त्वचा जाणे लगी
उसके रोंगटे खडे होकर धनुष्य हाथ से गिरने लगा
त्वचा जलने लगी,
अर्जुन की ऐसी अवस्था क्यों हुई
भगवान के भक्तो में देवताओं के सद्गुण पाये जाते हैं
ये अर्जुन के कोमल हृदय के कारण
अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण का शुद्ध भक्त होने के कारण हिंसा नहीं कराना चाहता था
अर्जुन दयाळू था
आततायी किसको कहते है?
विष देणे वाला
घर में अग्नि लगाने वाला
घातक हथियार से आक्रमण करणे वाला
धन लुटणे वाला, पराई स्री का अपहरण करने वाला
दुसरे की भूमि हडपने वाला
अर्जुन के विचार से युद्ध करने क्या विपरित परीणाम होंगे
पाप लगेगा
कुल का नाश होगा
कुल शुध्द होगा
पृथ्वी पर से आततायी कम होंगे
अर्जुन के मतानुसार कुल क्षय होणे से और क्या आपत्ति होगी
सनातन परम्पराएं नष्ट होगीं
कुल में अधार्मिक कृत्य बढ़ेंगे
अधर्म से कुल की स्त्रिया दूषित होंगी, स्त्रियों के पतन से अवांछित संतानें उत्पन्न होंगी
उससे पितृदोष होगा, पितरों को जल एवं पिण्ड दान कर्म भी नष्ट होंगे
इससे पारिवारिक कल्याण कार्य नष्ट होंगे, ऐसे लोग नरक में गिर जाते हैं
कौन से श्लोकों में दोनों सेनाओं के प्रधान शूरवीर की गणना और सामर्थ्य का कथन किया है
1-12
1-11
2-9
3-5
कौन से श्लोकों में दोनों सेनाओं के शंख ध्वनियों कथन किया है
12-18
12-17
12-21
12-19
कौन से श्लोकों में अर्जुन द्वारा सेना निरीक्षण का कथन किया है
20-26
20-25
20-27
20-28
कौन से श्लोकों में मोह से कथन किया व्याप्त अर्जुन की कायरता, स्नेह और शोक युक्त वचन का उल्लेख है
23-47
25-35
28-45
28-47
इस अध्याय से आपको क्या सीख मिली
(a)
इस अध्याय में अर्जुन के कौनसे गुण प्रदर्शित हुए हैं
(a)
भगवान श्रीकृष्ण के कौन से गुण इस अध्याय से समझ में आते हैं
भक्त वत्सल
उत्तम श्रोता
योगेश्वर
शांत
