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WorksheetsHINDI SAHITYA
Total questions: 20
Worksheet time: 7mins
1. हिन्दी का प्रथम महाकाव्य किसे माना जाता है?
A) रामचरितमानस
B) पेरियार
C) पृथ्वीराज रासो
D) पद्मावत
2. ‘गोदान’ उपन्यास के लेखक कौन हैं?
A) मुंशी प्रेमचंद
B) जयशंकर प्रसाद
C) भवानी प्रसाद मिश्र
D) सुदर्शन
3. ‘कामायनी’ के रचयिता कौन हैं?
A) सुमित्रानंदन पंत
B) जयशंकर प्रसाद
C) महादेवी वर्मा
D) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
4. छायावाद का युग किसे कहा जाता है?
A) आधुनिक युग
B) रीतिकाल
C) भक्तिकाल
D) बीसवीं शताब्दी का प्रारंभ
5. हिन्दी साहित्य में 'नवजागरण' का क्या महत्व है?
D) यह केवल नाटक लेखन का युग था
C) यह उपन्यासों का विकास था
B) यह केवल कविता का युग था
A) यह एक साहित्यिक आंदोलन था
6. 'गुनाहों का देवता' उपन्यास के लेखक कौन हैं?
A) धर्मवीर भारती
B) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन
C) रवींद्रनाथ ठाकुर
D) शरत चंद्र चट्टोपाध्याय
7. 'मधुशाला' के रचनाकार कौन हैं?
D) निराला
C) जयशंकर प्रसाद
B) सुमित्रानंदन पंत
A) हरिवंश राय बच्चन
8. 'गुलजार' के रचनात्मक योगदान को कैसे परिभाषित किया जा सकता है?
A) वे केवल गीतकार हैं
B) वे एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक हैं
C) वे एक बहुआयामी साहित्यकार हैं
D) वे केवल कवि हैं
9. 'कबीर' की कविता का मुख्य विषय क्या है?
D) समाज सुधार
A) भक्ति
C) ज्ञान
B) प्रेम
10. 'सूरदास' किस प्रकार के कवि माने जाते हैं?
A) भक्त कवि
B) प्रेम कवि
C) नाटककार
D) उपन्यासकार
कौन-सी पंक्ति जायसी की नहीं है?
सन् नौ सै सत्ताइस अहा। कथा आरम्भ बैन कवि कहा।।
कथा जगत जेती कवि आई। पुरूष मारि ब्रज सती कराई।।
आदि अंत जस गाथा अहै। लिखि भाषा चैपाई कहै।।
जो यह पढे कहानी हम्ह संवरे दुइ बोल।।
. ’सुरतिय, नरतिय, नागतिय, सह चाहत सब कोय।’ किसकी पंक्ति है?
रहीम
गंग
नरहरि
तुलसी
अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम’। किस कवि ने कहा है?
सूरदास
दादूदयाल
धर्मदास
मलूकदास
कौन-सी पंक्ति जायसी की नहीं है?
सन् नौ सै सत्ताइस अहा। कथा आरम्भ बैन कवि कहा।।
कथा जगत जेती कवि आई। पुरूष मारि ब्रज सती कराई।।
आदि अंत जस गाथा अहै। लिखि भाषा चैपाई कहै।।
जो यह पढे कहानी हम्ह संवरे दुइ बोल।।
. ’सुरतिय, नरतिय, नागतिय, सह चाहत सब कोय।’ किसकी पंक्ति है?
रहीम
गंग
नरहरि
तुलसी
अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम’। किस कवि ने कहा है?
सूरदास
दादूदयाल
धर्मदास
मलूकदास
हिततरंगिणी’ किसकी रचना है
चिन्तामणि
ग्वाल
कृपाराम
मुबारक
कौन-सी पंक्ति कबीर की नहीं है?
एकै साखी सौ सिर खण्डै
संस्कीरत है कूपजल भाषा बहता नीर
ए अंखियां अलसानी, पिया हो सेज चलो
अब तो अजपा जपु मन मेरे
निर्गुण धारा की शाखा निम्न में है-
प्रेमाश्रयी शाखा
रामभक्ति शाखा
कृष्ण भक्ति शाखा
उपर्युक्त में कोई नहीं
भक्ति धर्म का रसात्मक रूप है।’ यह बात किसने कही ?
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
डाॅ. नगेन्द्र
नन्द दुलारे वाजपेयी
