NEW
Font size
WorksheetsChahdhal 2
Total questions: 10
Worksheet time: 8mins
दूसरी ढाल के अनुसार, इस जीव के संसार में परिभ्रमण करने का मूल कारण क्या है?
A.
जीव, अजीव, आस्रव और बंध।
B.
राग और द्वेष का होना।
C.
मिथ्यादर्शन, मिथ्याज्ञान और मिथ्याचारित्र।
D.
पुण्य और पाप कर्मों का बंध।
सात तत्त्वों में से कौन सा एक तत्त्व निम्नलिखित विकल्पों में नहीं है?
A.
मोक्ष
B.
बंध
C.
पुद्गल
D.
जीव
यह मानना कि 'मैं ही शरीर हूँ और शरीर के कार्य मैं कर सकता हूँ' किस तत्त्व के संबंध में भूल है?
A.
मोक्ष तत्त्व
B.
अजीव तत्त्व
C.
बंध तत्त्व
D.
जीव तत्त्व
जो मिथ्यादर्शन किसी के सिखाए बिना, अनादि काल से जीव के साथ रहता है, उसे क्या कहते हैं?
A.
अगृहीत मिथ्याज्ञान
B.
गृहीत मिथ्यादर्शन
C.
अगृहीत मिथ्यादर्शन
D.
गृहीत मिथ्याचारित्र
राग-द्वेष और शस्त्र आदि से युक्त देवी-देवताओं को मानना, किस प्रकार का मिथ्यात्व है?
A.
कुशास्त्र को मानना
B.
कुगुरु को मानना
C.
कुधर्म को मानना
D.
कुदेव को मानना
यह मानना कि बाहरी पदार्थ जैसे धन-दौलत, पुत्र-परिवार आदि मुझे सुखी-दुःखी कर सकते हैं, किस तत्त्व की भूल है?
A.
आस्रव तत्त्व की भूल
B.
निर्जरा तत्त्व की भूल
C.
अजीव तत्त्व की भूल
D.
जीव तत्त्व की भूल
ऐसे शास्त्र पढ़ना जो एकांतवाद (किसी एक ही पक्ष को सत्य मानना) या विपरीत मान्यताओं को बढ़ावा देते हैं, क्या कहलाता है?
A.
गृहीत मिथ्याज्ञान
B.
सम्यग्ज्ञान
C.
गृहीत मिथ्यादर्शन
D.
अगृहीत मिथ्याज्ञान
परिग्रह (धन-सम्पत्ति) रखने वाले और आरम्भ-हिंसा के कार्यों में लगे रहने वाले गुरु को क्या कहा गया है?
A.
कुगुरु
B.
गृहस्थ
C.
सुगुरु
D.
कुदेव
पुण्य कर्म के उदय को हितकारी और पाप कर्म के उदय को अहितकारी मानकर पुण्य में प्रसन्न होना, किस तत्त्व की भूल है?
A.
निर्जरा तत्त्व की भूल
B.
संवर तत्त्व की भूल
C.
मोक्ष तत्त्व की भूल
D.
बंध तत्त्व की भूल
दूसरी ढाल को समझने के बाद, जीव को क्या करना चाहिए?
A.
मिथ्यादर्शन, ज्ञान और चारित्र का त्याग कर देना चाहिए।
B.
संसार के भोगों में अधिक लिप्त हो जाना चाहिए।
C.
अधिक धन और संपत्ति अर्जित करनी चाहिए।
D.
केवल कुगुरु और कुदेव की निंदा करनी चाहिए।
