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धूल

धूल

Assessment

Presentation

Other

9th - 10th Grade

Hard

Created by

Satish Sharma

FREE Resource

1 Slide • 2 Questions

1

धूल

मनुष्य विचार-शक्ति से बलवान बनता है। यह बौद्धिक बल सद्विवेक से आता है। विवेक बुद्धि द्वारा ज्ञान, अनुभव और उत्तम पुस्तकों के पठन-मनन से शक्ति प्राप्त होती है। श्रेष्ठ उद्देश्य और उपयुक्त साधनों का चुनाव सद्विवेक से संभव होता है। विद्यार्थी-जीवन सफल मनुष्य बनने की प्रयोगशाला है। विचारवान बनने की दिशा में विद्यार्थी को बुद्धि-बल से सद्विवेक जागृत करना चाहिए क्योंकि इससे सत्य-असत्य, न्याय-अन्याय, भले-बुरे की पहचान होती है। इस पहचान से विचार की शक्ति संपन्न होती है। विचार-शक्ति के निरंतर अभ्यास से विद्यार्थी का चरित्र-निर्माण होता है। 


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2

Multiple Choice

(i) मनुष्य को बौद्धिक बल कैसे प्राप्त होता है?

1

(क) धर्म से

2

(ख) सद्विवेक से

3

(ग) अहंकार से

4

(घ) स्वार्थ से

3

Multiple Select

(क) धर्म से

(ख) सद्विवेक से

(ग) अहंकार से

(घ) स्वार्थ से

1

(घ) स्वार्थ से

2

(क) धर्म से

(ख) सद्विवेक से

(ग) अहंकार से

3

(क) धर्म से

(ख) सद्विवेक से

(घ) स्वार्थ से

4

(घ) स्वार्थ से

धूल

मनुष्य विचार-शक्ति से बलवान बनता है। यह बौद्धिक बल सद्विवेक से आता है। विवेक बुद्धि द्वारा ज्ञान, अनुभव और उत्तम पुस्तकों के पठन-मनन से शक्ति प्राप्त होती है। श्रेष्ठ उद्देश्य और उपयुक्त साधनों का चुनाव सद्विवेक से संभव होता है। विद्यार्थी-जीवन सफल मनुष्य बनने की प्रयोगशाला है। विचारवान बनने की दिशा में विद्यार्थी को बुद्धि-बल से सद्विवेक जागृत करना चाहिए क्योंकि इससे सत्य-असत्य, न्याय-अन्याय, भले-बुरे की पहचान होती है। इस पहचान से विचार की शक्ति संपन्न होती है। विचार-शक्ति के निरंतर अभ्यास से विद्यार्थी का चरित्र-निर्माण होता है। 


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