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रचना के आधार पर वाक्य के भेद

रचना के आधार पर वाक्य के भेद

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10th Grade

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manoj kumar

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8 Slides • 6 Questions

1

​रचना के आधार पर वाक्य के भेद

परिभाषा:

भाषा की सबसे छोटी इकाई ‘वर्ण’ होती है। वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं तथा शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य। अर्थात वाक्य शब्द-समूह का वह सार्थक विन्यास होता है जिससे उसके अर्थ एवं भाव की पूर्ण एवं सुस्पष्ट अभिव्यक्ति होती है। अतः वाक्य में आकांक्षा, योग्यता, आसक्ति एवं क्रम का होना आवश्यक है।

2

Multiple Choice

वह जहाँ भी जाता है, एक नई समस्या खड़ी कर देता है। रेखांकित उपवाक्य का भेद बताइए।


(क) संज्ञा आश्रित उपवाक्य

(ख) विशेषण आश्रित उपवाक्य

(ग) क्रियाविशेषण आश्रित उपवाक्य

(घ) प्रधान उपवाक्य  

1

2

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​वाक्य के अंग

 सामान्यतः वाक्य के दो अंग माने गए हैं- (i) उद्देश्य और (ii) विधेय।

(i) उद्देश्य:

जिसके संबंध में वाक्य में कहा जाता है, उसे उद्देश्य कहते हैं। अतः कर्ता ही वाक्य में उद्देश्य होता है। किंतु यदि कर्ता कारक के साथ उसका कोई विशेषण हो, जिसे कर्ता का विस्तार कहते हैं, उद्देश्य के ही अंतर्गत आता है। जैसे

 मेरा भाई प्रशांत धार्मिक पुस्तकें अधिक पढ़ता है। 

 इस वाक्य में 'मेरा भाई प्रशांत' उद्देश्य है, जिसमें 'प्रशांत' कर्ता है तो 'मेरा भाई' प्रशांत कर्ता का विशेषण अर्थात इसे कर्ता का विस्तार कहेंगे।

4

(ii) विधेय:

 उद्देश्य अर्थात कर्ता के संबंध में वाक्य में जो कुछ कहा जाता है, उसे 'विधेय' कहते हैं। अतः विधेय के अंतर्गत वाक्य में प्रयुक्त क्रिया, क्रिया का विस्तारक, कर्म, तथा कर्म का विस्तारक, पूरक, तथा पूरक का विस्तार आदि आते हैं। उक्त वाक्य में 'धार्मिक पुस्तकें अधिक पढ़ता है' वाक्यांश विधेय हैं जिसमें 'पढ़ता है' शब्द क्रिया है तो 'अधिक' शब्द क्रिया का विस्तारक (जो शब्द क्रिया की विशेषता बतलाता है उसे क्रिया का विस्तार कहते हैं) 'पुस्तकें' शब्द कर्म  है तो 'धार्मिक' शब्द पुस्तकों की विशेषता बताने के कारण पुस्तकें 'कर्म का विस्तारक' है। इनके अतिरिक्त यदि कोई शब्द प्रयुक्त होता है या जब वाक्य में क्रिया अपूर्ण होती है तो उसे पूरक कहते हैं तथा पूरक की विशेषता बताने वाले शब्द को 'पूरक का विस्तार' कहते हैं।

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वाक्य के प्रमुख भेद: - वाक्य के मुख्यतः दो आधारों पर भेद किए जाते है -

(i)         रचना के आधार पर वाक्य के भेद:

(ii)        अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद

 

टिप्पणी – अर्थ के आधार पर भेद हम कक्षा 9वीं में पढ़ चुके हैं और कक्षा 10 वीं के पाठ्यक्रम में केवल रचना के आधार पर वाक्य के भेद ही शामिल है अतः यहाँ हम केवल इसी का अध्ययन करेंगे I

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रचना के आधार पर वाक्य के भेद:-

 रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं।

(1) साधारण वाक्य:

 जिस वाक्य में एक या एक से अधिक उद्देश्य हो पर एक ही विधेय हो उसे साधारण या सरल वाक्य कहते हैं। जैसे

  1.  नीता खाना बना रही है।

  2.  इंद्रप्रकाश को पुस्तकें दो।

  3.  रेल गाड़ी रुकी।

  4. मोहन और सोहन खेल रहे हैं I

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(2) संयुक्त वाक्य:

 जिस वाक्य में दो या दो से अधिक साधारण वाक्य या प्रधान उपवाक्य या समानाधिकरण उपवाक्य, किसी संयोजक शब्द (तथा, एवं, या, अथवा, और, परंतु, लेकिन, किंतु, बल्कि, अतः, आदि) से जुड़े हों उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।

जैसे- भरत आया किंतु भूपेंद्र चला गया।

(समानाधिकरण उपवाक्य- ऐसे उपवाक्य जो प्रधान उपवाक्य या आश्रित उपवाक्य के समान अधिकार वाला हो उसे समानाधिकाण उपवाक्य कहते हैं।)

 (3) मिश्र या मिश्रित वाक्य:

 जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य तथा एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य हो, उसे मिश्र या मिश्रित वाक्य कहते हैं। 

जैसे - गांधी जी ने कहा कि सदा सत्य बोलो।

 इस वाक्य में प्रधान उपवाक्य तथा आश्रित उपवाक्य का निर्णय करने से पूर्व प्रधान उपवाक्य एवं आश्रित उपवाक्य के विषय में जानकारी लेनी चाहिए।

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प्रधान उपवाक्य:

 जो उपवाक्य प्रधान या मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय से बना हो उसे 'प्रधान उपवाक्य' कहते हैं। उपर्युक्त वाक्य में 'गांधी जी ने कहा' प्रधान उपवाक्य है जिसमें 'गांधीजी' मुख्य उद्देश्य है तो 'कहा' मुख्य विधेय। 




आश्रित उपवाक्य:

 जो उपवाक्य प्रधान उपवाक्य के आश्रित रहता है, उसे आश्रित उपवाक्य कहते हैं। उपर्युक्त वाक्य में 'कि सदा सत्य बोलो' आश्रित उपवाक्य है।

 आश्रित उपवाक्य तीन प्रकार के होते हैं:

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(i) संज्ञा उपवाक्य:

 जब किसी आश्रित उपवाक्य का प्रयोग प्रधान उपवाक्य की किसी संज्ञा के स्थान पर होता है तो उसे संज्ञा उपवाक्य कहते हैं। 'संज्ञा उपवाक्य' का प्रारंभ प्राय: 'कि' से होता है। उक्त वाक्य में 'कि सदा सत्य बोलो'  'कि' से प्रारंभ होने के कारण संज्ञा उपवाक्य कहलाएगा।

(ii) विशेषण उपवाक्य:

 जब कोई आश्रित उपवाक्य प्रधान उपवाक्य के किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता बतलाएं तो उस उपवाक्य को विशेषण उपवाक्य कहते हैं। विशेषण उपवाक्य का प्रारंभ प्राय: जो, जिसका, जिसकी, जिसके आदि में से किसी शब्द से होता है।

जैसे-

जो विद्वान होते हैं, उनका सभी आदर करते हैं।

(iii) क्रिया विशेषण उपवाक्य:

 जब कोई आश्रित उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की क्रिया की विशेषता बतलाएं या सूचना दें, उस आश्रित उपवाक्य को क्रिया विशेषण उपवाक्य कहते हैं। क्रिया विशेषण उपवाक्य प्राय: यदि, जहां, जैसे, यद्यपि, क्योंकि, जब, तब आदि में से किसी शब्द से शुरू होता है।

जैसे-

 यदि राम परिश्रम करता, तो अवश्य उत्तीर्ण होता।

10

Multiple Choice

1-रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं?

1

एक

2

दो

3

तीन

4

चार

11

Multiple Choice

जिस वाक्य में एक मुख्य क्रिया होती है, उसे क्या कहते है?

1

सरल वाक्य

2

जटिल वाक्य

3

मिश्रित वाक्य

4

सयुंक्त वाक्य

12

Multiple Choice

-निम्नलिखित में से संयुक्त वाक्य चुनिए-

  क)   शेर के दिखाई देने पर सब डर गए।

  ख)   जैसे ही शेर दिखाई दिया, सब डर गए।

  ग)  शेर दिखाई दिया और सब डर गए।

  घ)  शेर ने दहाड़ते हुए हिरण पर हमला किया।

1

2

3

4

13

Multiple Choice

4- निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य मिश्र वाक्य है?

  क)   साँप दिखाई दिया और सब डर गए।

  ख)   ज्यों ही साँप दिखाई दिया, सब डर  गए।

  ग) गली में शोर होने पर सब लोग बाहर आ गए।

  घ) मेरा मित्र मेहनती और ईमानदार व्यक्ति है।

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3

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14

Multiple Choice

मेरे जीवन का लक्ष्य है कि मैं अध्यापक बनूँ। रेखांकित उपवाक्य का भेद बताइए।

   क)   प्रधान उपवाक्य

   ख)   क्रिया विशेषण आश्रित उपवाक्य

   ग) संज्ञा आश्रित उपवाक्य  

   घ) विशेषण आश्रित उपवाक्य

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​रचना के आधार पर वाक्य के भेद

परिभाषा:

भाषा की सबसे छोटी इकाई ‘वर्ण’ होती है। वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं तथा शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य। अर्थात वाक्य शब्द-समूह का वह सार्थक विन्यास होता है जिससे उसके अर्थ एवं भाव की पूर्ण एवं सुस्पष्ट अभिव्यक्ति होती है। अतः वाक्य में आकांक्षा, योग्यता, आसक्ति एवं क्रम का होना आवश्यक है।

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