Search Header Logo

13. श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_3.22–3.31

Authored by Abhay Ram Das

Religious Studies

University

Used 5+ times

13. श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_3.22–3.31
AI

AI Actions

Add similar questions

Adjust reading levels

Convert to real-world scenario

Translate activity

More...

    Content View

    Student View

51 questions

Show all answers

1.

OPEN ENDED QUESTION

1 min • Ungraded

कृपया यहाँ पर अपना नाम लिखें।

Evaluate responses using AI:

OFF

2.

OPEN ENDED QUESTION

30 sec • Ungraded

कृपया यहाँ पर अपनी आयु लिखें।

Evaluate responses using AI:

OFF

3.

OPEN ENDED QUESTION

30 sec • Ungraded

कृपया यहाँ पर अपना मोबाईल न0 लिखें।

Evaluate responses using AI:

OFF

4.

OPEN ENDED QUESTION

1 min • Ungraded

कृपया यहाँ पर अपना पता लिखें।

Evaluate responses using AI:

OFF

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

भगवान् श्रीकृष्ण के इस कथन कि "न मुझे किसी वस्तु का अभाव है और न आवश्यकता ही है" से क्या सिद्ध होता है ?

यह कि श्रीकृष्ण परम पूर्ण हैं ।

यह कि श्रीकृष्ण परम अपूर्ण हैं ।

यह कि श्रीकृष्ण संचालक हैं ।

यह कि श्रीकृष्ण नियंता हैं ।

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

3 mins • 1 pt

भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा इस ब्रह्माण्ड में भिन्न-भिन्न रूपों में अवतरित होकर पुन: पुन: धर्मसंस्थापना का कार्य करना, क्या उनका नियत कर्म है ?

हाँ, क्योंकि भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा पुन: पुन: धर्मसंस्थापना का अर्थ है हम जीवों के लिए भगवद्धाम वापिस लौटने की व्यवस्था को सुनिश्चित करना ।

नहीं, क्योंकि भगवान् श्रीकृष्ण का हम तुच्छ बद्धजीवों के प्रति कोई उत्तरदायित्व नहीं है वह परम स्वतन्त्र हैं ।

नहीं, क्योंकि भगवान् श्रीकृष्ण के लिए कोई कर्म नियत नहीं है फिर भी वह प्रत्येक कर्म को अपने नियत कर्म की भान्ति क्रियान्वित करते हैं ।

हाँ, क्योंकि भगवान् श्रीकृष्ण यदि अपने नियत कर्म न करें तो इस भौतिक जगत में हम जीवों के लिए जीवन असम्भव होगा ।

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

1 min • 1 pt

श्वेताश्वतर उपनिषद के श्लोक संख्या 6.7 - 6.8 में किसकी विशेषताओं की व्याख्या हुई है ?

ईश्वर

भगवान्

लोकपाल

पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान्

Access all questions and much more by creating a free account

Create resources

Host any resource

Get auto-graded reports

Google

Continue with Google

Email

Continue with Email

Microsoft

Continue with Microsoft

or continue with

Facebook

Facebook

Apple

Apple

Others

Others

Already have an account?

Discover more resources for Religious Studies