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दशलक्षण धर्म - उत्तम आर्जव

Authored by TAPISH SHASTRI

Philosophy

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दशलक्षण धर्म - उत्तम आर्जव
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15 questions

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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

लौकिक कार्यों की सिद्धि मायाचार से नहीं पूर्व…….........से होती है।

पुण्योदय

पापोदय

रागोदय

कषायोदय

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

मन- वचन - कार्य की एकरूपता ही.......... है।

आर्जव धर्म

माया कषाय

मान कषाय

मार्दव धर्म

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

पूजन में किसको सरल करने को कहा गया है?

तीन योग

चार कषाय

पांच पाप

परिणाम

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

आर्जव धर्म को समझाने के लिए पूजन में प्रयुक्त 'आरसी' शब्द का क्या अर्थ है?

दर्पण

पानी

जल का बुलबुला

कबूतर

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

पूजन में कपट की प्रीति को कैसा कहा गया है?

अंगार जैसा

दर्पण जैसा

जवाहर जैसा

बिलाव जैसा

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

व्यापार में अधिक लक्ष्मी कैसे मिलती है?

छल कर

कर्मोदय से

मेहनत से

ज्यादा ग्राहक आने से

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

मन रहित असंज्ञी जीवों में माया कषाय होती है या नहीं?

सबमे होती है

सबमे नहीं होती है

किसी किसी को होती है

स्थावर में नहीं होती त्रस में होती है

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