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Kṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 71-72)

Authored by Keśava Kṛṣṇa Dāsa

History, Life Skills, Philosophy

KG - Professional Development

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Kṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 71-72)
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

श्रीकृष्ण को हस्तिनापुर जाने और जरासंध का वध करके बंदी राजाओं को छुड़ाने के लिए किसने परामर्श दिया? (अध्याय 71)

उद्धव जी

अक्रूर जी

नारद जी

वसुदेव जी

2.

MULTIPLE SELECT QUESTION

2 mins • 1 pt

श्रीकृष्ण ने अपने पिता वसुदेव एवं पितामह उग्रसेन से अनुमति लेकर हस्तिनापुर यात्रा की व्यवस्था के लिए किन सेवकों को आज्ञा दी? (अध्याय 71)

सात्यकि

उद्धव

जैत्र

दारुक

कृतवर्मा

3.

MULTIPLE SELECT QUESTION

2 mins • 1 pt

भगवान् श्रीकृष्ण अपनी सभी 16108 रानियों, उनके पुत्रों, सैनिकों व अनुयाइयों के बड़े दल के साथ आनर्त, सौवीर, राजस्थान, कुरुक्षेत्र, पांचाल व मतस्य प्रदेश होते हुए अंततः हस्तिनापुर पहुंचने से पहले किन दो विशाल नदियों से गुजरे? (अध्याय 71)

नर्मदा

दृषद्वती

गोदावरी

कालिंदी

सरस्वती

4.

MULTIPLE SELECT QUESTION

2 mins • 1 pt

Media Image

आलिंगन के पश्चात पाँचों पाण्डवों में से कौन कौन सादर वन्दना के लिए श्रीकृष्ण के चरणों पर गिर गए? (अध्याय 71)

युद्धिष्ठिर

भीमसेन

अर्जुन

नकुल

सहदेव

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

Media Image

भगवान् श्रीकृष्ण के अपने दल सहित हस्तिनापुर आगमन पर उनका कैसा स्वागत हुआ? (अध्याय 71)

किसी को उनके आने की कानोंकान खबर तक नहीं हुई

वे जहां से भी गुजरे, सबने उन्हें अनदेखा किया

उनके आने पर भी कुंती अपनी शैय्या पर सोती रही

मुख्य के अतिरिक्त अन्य रानियों आदि के लिए कोई प्रबंध नहीं था

प्रतिदिन नए प्रकार के आदर-सत्कार का प्रबंध किया गया

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

2 mins • 1 pt

Media Image

युधिष्ठिर महाराज राजसूय यज्ञ क्यों करना चाहते हैं? (अध्याय 72)

सभी देवताओं को प्रसन्न करके उनसे वर प्राप्त करने के लिए

यह प्रमाणित करने के लिए कि श्रीकृष्ण परम भगवान् हैं व प्रत्येक व्यक्ति उनका दास है

केवल कृष्णभावनामृत सेवा से व्यक्ति जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त नहीं हो पाता

7.

MULTIPLE SELECT QUESTION

2 mins • 1 pt

युधिष्ठिर ने कैसे प्रमाणित किया कि श्रीकृष्ण पक्षपाती न होकर सभी के लिए समान हैं? (अध्याय 72)

श्रीकृष्ण कल्पवृक्ष की भांति हैं, जो मनवांछित वर देता है

यदि कोई सर्वोच्च इच्छा ही न करे, तो छोटा वर देना पक्षपात नहीं है

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