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Chapter 10 वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसमी प्रणालियाँ

Authored by Manish Kumar

Geography

11th Grade

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Chapter 10 वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसमी प्रणालियाँ
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1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण (ITCZ) प्रायः कहाँ पर होता है?

A

कर्क रेखा के निकट।

B

विषुवत् वृत्त के निकट।

C

मकर रेखा के निकट।

D

आर्कटिक वृत्त के निकट।

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण (ITCZ) क्षेत्र विषुवत् वृत्त के निकट पाया जाता है। उच्च सूर्यातप व निम्न वायुदाब होने से अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र पर वायु संवहन धाराओं के रूप में ऊपर उठती है।

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

भूमंडलीय पवनों का प्रारूप निर्भर करता है-

1. वायुमंडलीय ताप में अक्षांशीय भिन्नता।

2. वायुदाब पट्टियों का सौर किरणों के साथ विस्थापन।

3. महासागरों व महाद्वीपों का वितरण।

4. पृथ्वी का घूर्णन।

कूटः

A

केवल 1 और 2

B

केवल 2, 3 और 4

C

केवल 3 और 4

D

उपरोक्त सभी।

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः भूमंडलीय पवनों का प्रारूप मुख्यतः निम्न बातों पर निर्भर करता है-

1. वायुमंडलीय ताप में अक्षांशीय भिन्नता।

2. वायुदाब पट्टियों की उपस्थिति।

3. वायुदाब पट्टियों का सौर किरणों के साथ विस्थापन।

4. महासागरों व महाद्वीपों का वितरण।

5. पृथ्वी का घूर्णन।

वायुमंडलीय पवनों के प्रवाह प्रारूप को वायुमंडलीय सामान्य परिसंचरण भी कहा जाता है। यह वायुमंडलीय परिसंचरण महासागरीय जल को भी गतिमान करता है, जो पृथ्वी की जलवायु को प्रभावित करता है।

3.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

चक्रवात के केंद्र में दाब की दिशा व पवन की दिशा के प्रारूप के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?

A

केंद्र में निम्न दाब व उत्तरी गोलार्द्ध में पवन की दिशा घड़ी की सुई की दिशा के अनुरूप।

B

केंद्र में निम्न दाब व उत्तरी गोलार्द्ध में पवन की दिशा घड़ी की सुई की दिशा के विपरीत।

C

केंद्र में उच्च दाब व दक्षिणी गोलार्द्ध में पवन की दिशा घड़ी की सुई की दिशा के अनुरूप।

D

केंद्र में निम्न दाब व दक्षिणी गोलार्द्ध में पवन की दिशा घड़ी की सुई की दिशा के विपरीत।

A

B

C

D

Answer explanation

Media Image

Explanation

व्याख्याः निम्न दाब के चारों तरफ पवनों का परिक्रमण चक्रवाती परिसंचरण कहलाता है। उच्च वायु दाब क्षेत्र के चारों तरफ पवनों का परिक्रमण प्रतिचक्रवाती परिसंचरण कहा जाता है। चक्रवात तथा प्रतिचक्रवात में केंद्र में दाब की दशा तथा पवनों की दिशा का प्रारूप-

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

विषुवत् वृत्त के निकट उष्णकटिबंधीय चक्रवात नहीं बनते हैं। इसका प्रमुख कारण है/हैं-

1. कोरिऑलिस बल शून्य होता है।

2. गुरुत्वाकर्षण का मान सबसे कम होता है।

3. पवन समदाब रेखाओं के समकोण पर बहती हैं।

कूटः

A

केवल 1

B

केवल 1 और 2

C

1, 2 और 3

D

केवल 1 और 3

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः विषुवत् वृत्त पर कोरिऑलिस बल शून्य होता है और पवनें समदाब रेखाओं के समकोण पर बहती हैं। यही कारण है कि विषुवत् वृत्त के निकट उष्णकटिबंधीय चक्रवात नहीं बनते।

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

कोरिऑलिस बल के संबंध में नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजियेः

1. कोरिऑलिस बल का मान ध्रुवों पर सर्वाधिक तथा विषुवत् वृत्त पर शून्य होता है।

2. कोरिऑलिस बल के प्रभाव के कारण पवनें उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी मूल दिशा के दाईं तरफ विक्षेपित हो जाती हैं।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?

A

केवल 1

B

केवल 2

C

1 और 2 दोनों

D

न तो 1 और न ही 2

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः उपरोक्त दोनों कथन सत्य हैं।

पृथ्वी अपने घूर्णन के कारण पवनों की दिशा को प्रभावित करती है तथा इस बल को कोरिऑलिस बल कहा जाता है। कोरिऑलिस बल अक्षांशों के कोण के सीधे अनुपात में बढ़ता है। यह ध्रुवों पर सर्वाधिक और विषुवत् वृत्त पर अनुपस्थित होता है।

दूसरा कथन भी सत्य है। कोरिऑलिस बल के प्रभाव से पवनें उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी मूल दिशा से दाईं तरफ व दक्षिणी गोलार्द्ध में बाईं तरफ विक्षेपित (Deflect) हो जाती हैं। जब पवनों का वेग अधिक होता है, तब विक्षेपण भी अधिक होता है।

6.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः

1. पृथ्वी की धरातलीय विषमता पवनों की गति को प्रभावित करती है।

2. पृथ्वी के परिक्रमण के कारण वायु पर कोरिऑलिस बल लगता है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?

A

केवल 1

B

केवल 2

C

1 और 2 दोनों

D

न तो 1 और न ही 2

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः

पहला कथन सत्य है। क्षैतिज गतिज वायु को पवन कहते हैं। पवनें उच्च दाब से निम्न दाब की तरफ प्रवाहित होती हैं। भूतल पर धरातलीय विषमताओं के कारण घर्षण पैदा होता है, जो पवनों की गति को प्रभावित करता है।

दूसरा कथन असत्य है। पृथ्वी के घूर्णन के कारण पवनों पर लगने वाले बल को कोरिऑलिस बल कहा जाता है न कि परिक्रमण के कारण लगने वाले बल को।

7.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

30 sec • 1 pt

पृथ्वी पर वायुदाब के वितरण के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?

A

विषुवत वृत्त के आस-पास के क्षेत्र को निम्न अवदाब क्षेत्र के नाम से जाना जाता है।

B

30º उत्तरी व 30º दक्षिणी अक्षांश को उपोष्ण उच्च वायुदाब क्षेत्र कहा जाता है।

C

ध्रुवीय क्षेत्रों के निकट वायुदाब कम होता है।

D

इनमें से कोई नहीं।

A

B

C

D

Answer explanation

Explanation

व्याख्याः कथन (c) असत्य है।

विषुवत् वृत्त के निकट वायुदाब कम होता है और इसे विषुवतीय निम्न अवदाब क्षेत्र (Equatorial low) के नाम से जाना जाता है।

30º उत्तरी व 30º दक्षिणी अक्षांशों के साथ उच्च दाब क्षेत्र पाए जाते हैं, जिन्हें उपोष्ण उच्च वायुदाब क्षेत्र कहा जाता है। ध्रुवों की तरफ 60º उत्तरी व 60º दक्षिणी अक्षांशों पर निम्न दाब पेटियाँ हैं, जिन्हें अधोध्रुवीय निम्न दाब पट्टियाँ कहते हैं।

ध्रुवों के निकट वायुदाब अधिक होता है और इसे ध्रुवीय उच्च वायुदाब पट्टी कहते हैं।

वायुदाब पट्टियाँ स्थायी नहीं हैं। सूर्य की किरणों के साथ ये पट्टियाँ विस्थापित होती रहती हैं।

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