
Chapter 6 मृदा
Authored by Manish Kumar
Geography
11th Grade
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1.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
लाल मृदा का रंग लाल होने का कारण हैः
A
जैव पदार्थों की अधिकता
B
फॉस्फोरस की अधिकता
C
ह्यूमस की कमी
D
लौह पदार्थों की उपस्थिति
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः लाल मृदा का लाल रंग लौह पदार्थों (फेरिक ऑक्साइड) की उपस्थिति के कारण है।
2.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
लाल मृदा के संबंध में नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजियेः
1. लाल मृदा का विकास उन क्षेत्रों में हुआ जहाँ रवेदार आग्नेय चट्टानें पाई जाती हैं।
2. लाल मृदा जलयोजित होने पर पीली दिखाई देने लगती है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1 और न ही 2
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपरोक्त दोनों कथन सत्य हैं। लाल मृदा का विकास दक्कन के पठार के पूर्वी तथा दक्षिणी भाग में कम वर्षा वाले उन क्षेत्रों में हुआ है, जहाँ रवेदार आग्नेय चट्टानें पाई जाती हैं। पश्चिमी घाट के गिरिपद क्षेत्र की एक लंबी पट्टी में लाल दोमट मृदा पाई जाती है। पीली और लाल मृदाएँ उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ के कुछ भागों और मध्य गंगा के मैदानों के दक्षिणी भागों में पाई जाती हैं।
जलयोजित होने के कारण लाल मृदा पीली दिखाई पड़ती है। महीन कण वाली लाल और पीली मृदाएँ सामान्यतः उर्वर होती हैं। इसके विपरीत मोटे कण वाली उच्च भूमियों की मृदाएँ अनुर्वर होती हैं।
3.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन लैटेराइट मृदा के संबंध में सही नहीं है?
A
यह मृदा उच्च तापमान और भारी वर्षा के क्षेत्रों में विकसित होती है।
B
ये बहुत ही अपक्षालित मिट्टियाँ हैं।
C
ये मृदाएँ प्रायद्वीप के ऊँचे क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
D
ये मृदाएँ कृषि के लिये पर्याप्त उपजाऊ हैं।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
लैटेराइट एक लैटिन शब्द ‘लेटर’ से बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ ईंट होता है। लैटेराइट मृदाएँ उच्च तापमान और भारी वर्षा के क्षेत्रों में विकसित होती हैं।
उष्णकटिबंधीय भारी वर्षा के कारण होने वाली तीव्र निक्षालन क्रिया के परिणामस्वरूप लैटेराइट मिट्टी का निर्माण हुआ है। ये आर्द्र प्रदेशों की अपक्षालित मिट्टियाँ हैं।
लैटेराइट मृदा में वर्षा के साथ चूना और सिलिका तो निक्षालित हो जाते हैं तथा लोहे के ऑक्साइड और एल्युमीनियम के भरपूर यौगिक शेष रह जाते हैं। उच्च तापमान में आसानी से पनपने वाले जीवाणु ह्यूमस की मात्रा को तेज़ी से नष्ट कर देते हैं। इन मृदाओं में जैव पदार्थ, नाइट्रोजन, फास्फेट और कैल्शियम की कमी होती है तथा लौह-ऑक्साइड और पोटाश की अधिकता होती है। परिणामस्वरूप लैटेराइट मृदाएँ कृषि के लिये पर्याप्त उपजाऊ नहीं हैं। फसलों के लिये उपजाऊ बनाने के लिये इन मृदाओं में खाद्य और उर्वरकों की भारी मात्रा डालनी पड़ती है।
इन मृदाओं का विकास मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय पठार के ऊँचे क्षेत्रों में हुआ है। ये मृदाएँ सामान्यतः कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और असम के पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
4.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित में से कौन-से कारक मृदा निर्माण को प्रभावित करते हैं?
1. उच्चावच
2. वनस्पति
3. जलवायु
4. समय
कूटः
A
केवल 1 और 2
B
केवल 1, 2 और 3
C
केवल 2 और 3
D
1, 2, 3 और 4
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः मृदा शैल, मलबा और जैव सामग्री का सम्मिश्रण होती है, जो पृथ्वी की सतह पर विकसित होती है। मृदा निर्माण को प्रभावित करने वाले कारक हैं-
उच्चावच
जनक सामग्री
जलवायु
वनस्पति तथा अन्य जीव रूप
समय
इनके अतिरिक्त मानवीय क्रियाएँ भी एक पर्याप्त सीमा तक इसे प्रभावित करती हैं।
5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
लवण मृदाओं में किन खनिज पदार्थों का अनुपात अधिक होता है?
A
सोडियम
B
पोटैशियम
C
मैग्नीशियम
D
उपरोक्त तीनों का
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः लवण मृदाओं को ऊसर मृदाएँ भी कहते हैं। लवण मृदाओं में सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का अनुपात अधिक होता है। अतः ये अनुर्वर होती हैं और इनमें किसी भी प्रकार की वनस्पति नहीं उगती। मुख्य रूप से शुष्क जलवायु और खराब अपवाह के कारण इनमें लवणों की मात्रा बढ़ती जाती है।
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. लवणीय मृदाएँ शुष्क और अर्धशुष्क तथा जलाक्रांत क्षेत्रों और अनूपों में पाई जाती हैं।
2. डेल्टा प्रदेश में समुद्री जल के भर जाने से लवण मृदाओं के विकास को बढ़ावा मिलता है।
कूटः
A
केवल 1
B
केवल 2
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1 और न ही 2
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपरोक्त दोनों कथन सत्य हैं। लवणीय मृदाएँ शुष्क और अर्धशुष्क तथा जलाक्रांत क्षेत्रों और अनूपों में पाई जाती हैं। इनमें नाइट्रोजन और चूने की कमी होती है।
लवण मृदाओं का अधिकतर प्रसार पश्चिमी गुजरात, पूर्वी तट के डेल्टाओं और पश्चिम बंगाल के सुंदरवन क्षेत्रों में है। कच्छ के रण में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के साथ नमक के कण आते हैं जो एक पपड़ी के रूप में ऊपरी सतह पर जमा हो जाते हैं। डेल्टा प्रदेश में समुद्री जल के भर जाने से लवण मृदाओं के विकास को बढ़ावा मिलता है।
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
भारत के सिंचित क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि निम्नलिखित में से किस कारण से लवणीय हो रही है-
A
जिप्सम की बढ़ोतरी से
B
अति सिंचाई से
C
अति चारण से
D
रासायनिक खादों के उपयोग से
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः भारत के अत्यधिक सिंचाई वाले गहन कृषि के क्षेत्रों में, विशेष रूप से हरित क्रांति वाले क्षेत्रों में उपजाऊ जलोढ़ मृदाएँ भी लवणीय होती जा रही हैं। जिसका प्रमुख कारण है, अति सिंचाई। शुष्क जलवायु वाली दशाओं में अत्यधिक सिंचाई केशिका क्रिया को बढ़ावा देती है। इसके परिणामस्वरूप नमक ऊपर की ओर बढ़ता है और मृदा की सबसे ऊपरी परत में नमक जमा हो जाता है।
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