
Chapter 7 रोजगार संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे
Authored by Manish Kumar
Social Studies
11th Grade
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10 questions
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1.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
भारत के कृषि क्षेत्र में निम्नलिखित में से किस प्रकार की बेरोज़गारी पाई जाती है?
मौसमी बेरोज़गारी
अनैच्छिक बेरोज़गारी
चक्रीय बेरोज़गारी
प्रच्छन्न बेरोज़गारी
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये-
A
केवल 1, 2 और 3
B
केवल 2 और 3
C
केवल 1, 3 और 4
D
केवल 1 और 4
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः भारत के कृषि क्षेत्र में प्रच्छन्न एवं मौसमी दोनों तरह की बेरोज़गारी पाई जाती है।
2.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
प्रच्छन्न बेरोज़गारी का सामान्यतः अर्थ होता है कि:
A
लोग बड़ी संख्या में बेरोज़गार रहते हैं।
B
वैकल्पिक रोज़गार उपलब्ध नहीं है।
C
श्रमिक की सीमांत उत्पादकता शून्य है।
D
श्रमिकों की उत्पादकता नीची है।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः प्रच्छन्न बेरोज़गारी के अंतर्गत श्रमिकों की सीमांत उत्पादकता लगभग शून्य होती है। उदाहरणस्वरूप यदि किसी किसान के पास चार एकड़ का भूखंड है और उसे अपने खेत में विभिन्न प्रकार की क्रियाओं को निष्पादित करने के लिये दो श्रमिकों की आवश्यकता है, किंतु यदि वह अपने परिवार के पाँच सदस्यों (पत्नी, बच्चों) को भी कार्य में लगा ले तो यह स्थिति प्रच्छन्न बेरोज़गारी के नाम से जानी जाती है। क्योंकि यहाँ तीन अन्य लोगों की उत्पादकता शून्य है।
3.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
भारत में बेरोज़गारी के आँकड़े एकत्रित एवं प्रकाशित करता हैः
A
नीति आयोग
B
वित्त आयोग
C
एन.एस.एस.ओ.
D
मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः भारत में बेरोज़गारी के आँकड़े राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (NSSO) द्वारा एकत्रित एवं प्रकाशित किये जाते हैं।
4.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘रोज़गारहीन संवृद्धि’ का सर्वोत्कृष्ट वर्णन करता है?
A
अर्थव्यवस्था के जीडीपी में सेवा क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान।
B
अर्थव्यवस्था में रोज़गार सृजन के बिना ही अधिक वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन।
C
रोज़गार के क्षेत्र में पुरुष श्रमिकों का अनुपात महिला श्रमिकों से अधिक होना।
D
अर्थव्यवस्था में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले श्रमिकों की संख्या में वृद्धि।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः जब किसी अर्थव्यवस्था के सकल घरेलू उत्पाद में लगातार वृद्धि हो तथा रोज़गार में वृद्धि उस अनुपात में न हो या रोज़गार क्षेत्र में वृद्धि दर नकारात्मक हो तो इस परिघटना को रोज़गारहीन संवृद्धि कहा जाता है। दूसरे शब्दों में इसका अर्थ यह है कि अर्थव्यवस्था में रोज़गार सृजन के बिना ही वस्तुओं एवं सेवाओं का अधिक उत्पादन हो रहा है।
5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
विनिर्माण से संबंधित गतिविधियाँ द्वितीयक क्षेत्रक के अंतर्गत आती हैं।
शहरी श्रमिकों को सर्वाधिक रोज़गार तृतीयक क्षेत्र में प्राप्त होता है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1 और न ही 2
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपरोक्त दोनों कथन सत्य हैं।
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
भारत में लोगों को सर्वाधिक रोज़गार किस क्षेत्र में प्राप्त होता है?
A
प्राथमिक क्षेत्र
B
द्वितीयक क्षेत्र
C
तृतीयक क्षेत्र
D
तीनों क्षेत्रों का अंश बराबर है।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः भारत में श्रमिकों के रोज़गार का सबसे बड़ा स्रोत (जो कि लगभग 48 प्रतिशत है) प्राथमिक क्षेत्र है। प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत कृषि, खनन एवं उत्खनन से संबंधित गतिविधियों को शामिल किया जाता है।
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
केवल शहरी क्षेत्रों में पुरुषों की श्रमशक्ति की भागीदारी महिलाओं से अधिक है।
अनियत रोज़गार (casual wage labourer) में महिलाओं का अंश पुरुषों से अधिक है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1 और न ही 2
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः पहला कथन असत्य है। शहरी और ग्रामीण दोनों ही वर्गों में पुरुषों की श्रमशक्ति की भागीदारी महिलाओं की तुलना में अधिक है। शहरी क्षेत्रों में तो पुरुष और महिला भागीदारी का अंतर बहुत बड़ा है। केवल 15 प्रतिशत शहरी महिलाएँ ही किसी आर्थिक कार्य में व्यस्त दिखाई देती हैं, किंतु ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की रोज़गार बाज़ार में भागीदारी 25 प्रतिशत आँकी गई है।
अनियत रोज़गार (casual wage labourers) में महिलाओं का अंश पुरुषों से अधिक है। निर्माण कार्य में लगे मज़दूर अनियत मज़दूरी वाले श्रमिक कहलाते हैं। ऐसे मज़दूर जो अन्य लोगों के खेतों पर अनियत रूप से कार्य करते हैं और उसके बदले पारिश्रमिक प्राप्त करते हैं, इसी श्रेणी में आते हैं।
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