Worksheetsध्वनि
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
ध्वनि कविता लिखी है
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने
मुक्ता ने
सूरदास ने
पता नहीं।
अंत का विलोम होगा
आदि
अनंत
आरंभ
ये सभी
प्रत्यूष का अर्थ होगा
भोर
प्रभात
सवेरा
ये सभी
द्वार का पर्यायवाची होगा
दरवाजा
किवाड़
दर
ये सभी
अमृत का पर्यायवाची होगा
पीयूष
अमिय
सुधा
ये सभी
इस कविता में चर्चा की गई है
वसंत ऋतु की शुरुआत के माहौल की
वर्षा ऋतु की
शरद ऋतु की
पता नहीं।
वसंत में डालियां कलियां और छोटे पौधे सभी होते हैं
कोमल
कठोर
कंटीले
पीले
कवि का अंत नहीं होगा क्योंकि
अभी उसके में में नया जोश व उमंग है
उसका अंत पहले ही हो चुका है।
वह अमर है।
प्रश्न बहुत कठिन है
फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि
उन्हें कलियों की स्तिथि से निकालकर खिले फूूल बनाना चाहता है।
फूलों को तोड़ना चाहता है।
कुछ नहीं करेगा।
कुछ कह नहीं सकते।
ऋतुराज किसे कहा जाता है
गर्मी
पतझड़
वसंत
सरदी
वसंत ऋतु में यह त्योहार नहीं मनाया जाता है
होली
दिवाली
सरस्वती पूजा
वसंत पंचमी
कवि वसंत के चित्रण द्वारा
नई युवाओं की पीढ़ी को समझाना चाहते हैं कि वह अपने आलस को छोड़े और नए उत्साह,साहस और जोश के साथ जीवन का आनंद ले।
मौज मस्ती में डूब जाए
फूल उगाए।
कह नहीं सकते।
अभी ना होगा मेरा अंत अभी अभी ही तो आया है मेरे मन में मृदुल वसंत अभी ना होगा मेरा अंत का अर्थ है
कवि कहते हैं कि यह वसंत उनके जीवन में अभी अभी आया है।अभी इसका अंत इतनी जल्दी नहीं होगा।
जीवन में नया उत्साह और जोश जागा है।
कवि का उद्देश्य है युवा पीढ़ी को जागृत करना
उपर्युक्त सभी।
पुष्प पुष्प से तंद्रलस लालसा खीच लूंगा मै,अपने जीवन का अमृत स हर्ष सींच दूंगा मैं से कवि कहना चाहता है
पुष्प को अमृत से सीचूंगा
युवा पीढ़ी जो आलस के कारण सोई हुई है उसे में नया जोश और उत्साह रूपी अमृत से सींच दूंगा।
तंद्रालास की लालसा पूरी कर दूंगा
कह नहीं सकते।
द्वार दिखा दूंगा फिर उनको है मेरे वे जहां अनंत अभी ना होगा मेरा अंत का अर्थ है
कवि ने जीवन में यह ठाना है कि जब तक वह युवा पीढ़ी को सही राह नहीं दिखा देंगे तब तक उनका अंत नहीं होगा
कवि का अंत बहुत दूर है
अभी उन्हें बहुत सारे काम करने हैं।
प्रश्न कठिन है।मै उत्तर नहीं दूंगा।
विशेषण के भेद है
3
4
5
2
गुण दोष रंग आकार आदि का बोध कराने वाले शब्द को कहते हैं
परिमाण वाचक विशेषण
संख्या वाचक विशेषण
गुण वाचक विशेषण
मै क्या जानूं??
पुनरावृत्त शब्द हैं
यहां वहां
हरे हरे
इधर उधर
कोमल गत
ताजमहल एक अत्यंत सुंदर इमारत है।इस उदाहरण में गुण वाचक विशेषण है
ताजमहल
अत्यंत
सुंदर
इमारत
विशेषण जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है उसे कहते हैं
विशेष
विशेषण
विशेष्य
कुछ कह नहीं सकते
