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Worksheets28th April 2020
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
अङ्गं गलितं पलितं मुण्डं, दशनविहीनं जतं तुण्डम्।
वृद्धो याति गृहीत्वा दण्डं, तदपि न मुञ्चत्याशापिण्डम् ॥१५॥
उपर्युक्त श्लोक में किस व्यक्ति के बारे में बात की गई है?
जो इंद्रिय भोग में व्यस्त है
जो अष्टांग योग में व्यस्त है
जो भक्ति में व्यस्त है
जो साधना में व्यस्त है
निमनलिखित श्लोक किस्की रचना है
भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते ।
सम्प्राप्ते सन्निहिते काले नहि नहि रक्षति डुकृङ्करणे ॥ १
रामानुजाचार्य
मध्वाचार्य
शंकराचार्य
निम्बार्काचार्य
श्री भगवानुवाच
इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे।
ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्।।
उपर्युक्त श्लोक में गुह्यतमं का क्या अर्थ है?
गोपनीय
अधिक गोपनीय
सबसे गोपनीय
जिसमे भगवान की प्रेमाभक्ति करने की उत्कृष्ट इच्छा होती है, वह भले ही इस जगत में बग्धअवस्था में रहता हो , किन्तु उसे मुक्त मानना चाहिए।
ऊपर लिखा हुआ कथन भगवद गीता के 9.1 श्लोक के तात्पर्य में किस पुस्तक से लिया गया है ?
हरी नाम सुधा रस
श्री ईशोपनिषद
उपदेशामृत
भक्ति रसामृत सिंधु
भगवन की ऐश्वर्यमयी शक्ति उनकी विभिन शक्तियों - परा तथा अपरा - तथा इस भौतिक जगत का वर्णन भगवद गीता के किस अधयाये में हुआ है ?
6th chapter
7th chapter
9th chapter
10th chapter
कौन सा व्यक्ति भगवद गीता की व्याख्या नहीं कर सकता और न ही पूर्ण ज्ञान प्रदान कर सकता है ?
जो धनि है
जो ईर्षालु है
जो योगी है
जो भक्त है
अन्तवन्त इमे देहा नित्यस्योक्ता: शरीरिण: |
अनाशिनोऽप्रमेयस्य तस्माद्युध्यस्व भारत ||
उपरोक्त श्लोक में क्या कहा गया है ?
यह शरीर और आत्मा अविनश्वर है
यह शरीर और आत्मा नश्वर है
आत्मा नश्वर है और शरीर अविनश्वर
यह शरीर नश्वर है और आत्मा अविनश्वर
गुरु परंपरा फोटो में बाए से दाए कौन कौन से गुरु महाराज आते है ?
श्रील प्रभुपाद, श्रील भक्ति सिद्धांत गोस्वामी,श्रील जगन्नाथ दास बाबा जी, श्रील भक्ति विनोद ठाकुर, श्रील गौर किशोर दास बाबा जी?
श्रील प्रभुपाद, श्रील भक्ति सिद्धांत गोस्वामी, श्रील गौर किशोर दास बाबा जी, श्रील भक्ति विनोद ठाकुर, श्रील जगन्नाथ दास बाबा जी
तस्माद्भारत सर्वात्मा भगवानीश्वरो हरि: ।
श्रोतव्य: कीर्तितव्यश्च स्मर्तव्यश्चेच्छताभयम् ॥ ५ ॥
ऊपर लिखा हुआ श्लोका किस ने कहा ?
संजय
श्री भगवन उवाच
सूत गोस्वामी
शुकदेव गोस्वामी
भगवद गीता यथारूप में गुरु परंपरा में कितने गुरुओं के नाम लिखे है ?
28
30
32
34
