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Worksheetsआत्मपरिचय और दिन जल्दी-जल्दी ढलता है -हरिवंश राय बच्चन
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
आत्मपरिचय कविता के रचयिता हैं ?
हरिवंश राय बच्चन
आलोक धन्वा
प्रेमचंद
महादेवी वर्मा
‘मैं दुनिया का हूँ एक नया दीवाना’ (यह पंक्ति कविता से ली गयी है )
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है
पतंग
आत्मपरिचय
इसमें से कोई नहीं
जहाँ पर दाना रहतें हैं, ............... भी होते हैं . । (रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए)
शीतल वाणी
वहीं नादान
चोर भी
दीवाने भी
मुझसे मिलने को कौन विकल (यह पंक्ति कविता से ली गयी है )
पतंग
आत्मपरिचय
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है
-इसमें से कोई नहीं
‘शीतल वाणी में आग’ । (पंक्ति का आशय है कविता में)
जीवन में अवसाद है |
जीवन में दीवानगी है |
जीवन में शीतलता है |
जीवन में विरोधाभास है |
किसके बच्चे प्रत्याशा में होंगे’ ?
कवि के |
मानव के |
चिड़िया के |
जानवरों के |
अपने को जानना दुनिया को जानने से ज्यादा कठिन है ? (यह भाव किस कविता में व्यक्त हुआ है ?
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है |
पतंग |
आत्मपरिचय |
इसमें से कोई नहीं |
मैं और, और जग और कहाँ का नाता- पंक्ति में पहले ‘और’ शब्द की विशेषता क्या है?
कवि दुनिया से अलग है |
कवि की जीवन दृष्टि संसार से अलग है |
कवि अनेक है |
कवि और जग एक ही हैं |
बच्चे किस बात की आशा में नीड़ों से झाँक रहे होंगे?
पानी के लिए |
खाने के लिए |
अपनी माँ के लिए |
खाने व अपनी माँ के लिए |
'दिन जल्दी -जल्दी ढलता है' कविता हरिवंश राय बच्चन के किस काव्य -संग्रह से लिया गया है ?
नीड़ का निर्माण फिर से |
मधुशाला
मधु कलश
निशा-निमंत्रण
