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Worksheetsतुलसी के दोहे - कोशिश एक आशा हिंदी समूह - नबी सर्
Total questions: 20
Worksheet time: 10mins
मातृभूमि : कविता :: तुलसी के दोहे :: ____________ ।
पद
कविता
दोहे
पाठ
तुलसी दास जी का जन्म कब और कहां हुआ?
१६३२ में उ.प्र. के राजापुर में हुआ था ।
१५२२ में उ.प्र. के राजापुर में हुआ था ।
१५३२ में उ.प्र. के राजापुर में हुआ था ।
१४३२ में उ.प्र. के राजापुर में हुआ था ।
तुलसीदास जी बचपन का नाम क्या था?
तुलसीदास जी बचपन का नाम राम था ।
तुलसीदास जी बचपन का नाम लक्षण था ।
तुलसीदास जी बचपन का नाम तुलसी था ।
तुलसीदास जी बचपन का नाम रामबोला था ।
"रामचरित मानस" के किसने लिखा है?
सूरदास
दिनकर
महादेवी वर्मा
तुलसी दास
तुलसीदास मुख को क्या मानते हैं?
तुलसीदास मुख को सकल अंगों का पोषक मानते हैं ।
तुलसीदास मुख को शरीर मानते हैं ।
तुलसीदास मुख को पोषक मानते हैं ।
तुलसीदास मुख को खाने का साधन मानते हैं ।
मुखिया को किसके समान रहना चाहिए?
तुलसीदास जी मुखिया को शरीर के समान मानते हैं ।
तुलसीदास जी मुखिया को देह के समान मानते हैं ।
तुलसीदास जी मुखिया को मुख के समान मानते हैं ।
तुलसीदास जी मुखिया को पेट के समान मानते हैं ।
हंस का गुण कैसा होता है?
हंस का गुण दूध में पानी को त्यागकर स्वीकारनेवाला होता है ।
हंस का गुण दूध में पानी को त्यागकर केवल दूध को स्वीकारनेवाला होता है ।
हंस का गुण बुराई होता है ।
हंस का गुण दूध में पानी को त्यागकर केवल पानी को स्वीकारनेवाला होता है ।
मुख किसका पालन-पोषण करता है?
मुख सकल गाँव का पालन-पोषण करता है ।
मुख सकल मुख का पालन-पोषण करता है ।
मुख सकल अंगों का पालन-पोषण करता है ।
मुख सकल पेट का पालन-पोषण करता है ।
दया किसका मूल है?
दया अधर्म का मूल है ।
दया धर्म का मूल है ।
दया गुण का मूल है ।
दया दोष का मूल है ।
तुलसीदास किस शाखा के कवि हैं?
तुलसीदास रामभक्ति शाखा के कवि थे ।
तुलसीदास कृष्णभक्ति शाखा के कवि थे ।
तुलसीदास शिव भक्ति शाखा के कवि थे ।
तुलसीदास विष्णु भक्ति शाखा के कवि थे ।
पाप का मूल क्या है?
पाप का मूल अच्छाई है ।
पाप का मूल सच्चाई है ।
पाप का मूल गुण है ।
पाप का मूल अभिमान है ।
तुलसीदास के अनुसार विपत्ति के साथी कौन हैं?
तुलसीदास के अनुसार विपत्ति के साथी विद्या, विनय और विवेक है ।
तुलसीदास के अनुसार विपत्ति के साथी विद्या है ।
तुलसीदास के अनुसार विपत्ति के साथी विनय और विवेक है ।
तुलसीदास के अनुसार विपत्ति के साथी विवेक है ।
पाप : अभिमान का मूल :: दया : __________।
अधर्म का मूल
सत्य का मूल
धर्म का मूल
असत्य का मूल
परिहरि : त्यागना :: करतार : ____________ ।
भगवान
सृष्ठिकर्ता
रामनाम
मनुष्य
जीह : जीभ :: देहरी : ___________ ।
दरवाजा
खिड़की
देहलीज
रामनाम
मुखिया मुख सों चाहिए, _______________________ ।
पालै पोसै सकल अंग ।
खान पान को एक ।
मुखिया मुख सों चाहिए ।
तुलसी सहित विवेक ।
पालै पोसै सकल अंग, ____________________ ।
तुलसी साथी विपत्ति के ।
विद्या विनय विवेक ।
तुलसी सहित विवेक ।
पालै पोसै सकल अंग ।
तुलसी साथी विपत्ति के, ____________________ ।
विद्या विनय विवेक ।
मुखिया मुख सों चाहिए ।
खान पान को एक ।
तुलसी साथी विपत्ति के ।
साहस सुकृति सुसत्यव्रत, ___________________ ।
तुलसी साथी विपत्ति के ।
विद्या विनय विवेक ।
साहस सुकृति सुसत्यव्रत ।
राम भरोसो एक ।
‘गुण’ शब्द का विलोम रूप है -
बुराई
अच्छाई
दोष
बेमानी
