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Worksheetsgaan yudha
Total questions: 11
Worksheet time: 6mins
गान -युद्ध के लेखक हैं
भवानी प्रसाद मिश्र
सियारामशरण गुप्त
सुदर्शन
लक्ष्मीजैन
साधुओं की मंडली पधारी
गांव में
मोहल्ले में
नगर में
बस्ती में
साधुओं के बारे में गलत विकल्प चुनिए -
उन्हें सुर-ताल की कोई परवाह नहीं थी
वे हरि -भजन में तल्लीन थे
उन्हें पैसों का लोभ था
वे संसार को त्याग चुके थे
जो मनुष्य गान- विद्या में मेरी बराबरी ना कर सके वह आगरा की सीमा के अंदर नहीं गाएगा -प्रस्तुत कथन कहने वाला व्यक्ति है -
बैजू बावरा
बाबा शंकरा नंद
तानसेन
सम्राट अकबर
शंकरानंद ने बैजू को क्या समझाया -
उन्होंने बैजू को शांत होने को कहा
उसे ऐसा अस्त्र देने का वादा किया जिससे वह अपने पिता की मृत्यु का बदला ले सके
उसे 12 वर्ष तपस्या करने के लिए कहा
उपर्युक्त सभी
राग विद्या से किसी को हानि नहीं पहुँचाऊँगा -
यह वादा-
गुरु शंकरानंद ने अकबर से लिया
गुरु शंकरानंद ने तानसेन से लिया
गुरु शंकरानंद ने बैजू बावरा से लिया
गुरु शंकरानंद ने साधुओं की टोली से लिया
जादू का असर जब टूटा ,तब लोगों ने देखा कि वे-
तानसेन के महल के सामने खड़े थे
जंगल के सामने खड़े थे
अकबर के महल के सामने खड़े थे
झील के सामने खड़े थे
नवयुवक साधु को सिपाही ले गए-
महल में
कारागार में
शहर में
गांव में
रवि की पहली किरण ने आगरा की जनता को नगर के बाहर भागते देखा क्योंकि -
आज दशहरे का मेला था
रामलीला का आयोजन था
उन्हें जीवन और मृत्यु का कौतुक देखने की आज्ञा दी गई थी
सम्राट पुरस्कार बांटने वाले थे
बैजू बावरा ने जब सितार हाथ में लिया और उसके तारों को हिलाया तब-
जनता ब्रह्मानंद में डूब गई
वृक्षों के पत्ते निश्चल हो गए
वायु रुक गई और सुनने वाले मंत्रमुग्ध होकर सिर हिलाने लगे
उपर्युक्त सभी
तानसेन के बारे में गलत विकल्प चुनिए-
तानसेन घमंडी स्वभाव के थे
उनमें बदला लेने की भावना थी
बैजू बावरा ने तानसेन के घमंड को तोड़ा था
तानसेन हमेशा सबकी मदद करते थे
