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Worksheetsभिक्षापात्र
Total questions: 32
Worksheet time: 50mins
दुर्दिन
बुरे दिन
अच्छे दिन
कल्याण
कृपया
उद्वार
भिक्षा
भरोसा
भीख
अभाव
कमी
बहुत
व्याकुल
खुश
बेहाल
विशेषण
किताब
काली किताब
संज्ञा
हमे
विवान
सर्वनाम
हमे
विवान
पुल्लिंग
masculine
feminine
स्त्रीलिंग
masculine
feminine
सुप्रिया कौन थी ?उसने बुद्ध से क्या कहा ?
सुप्रिया एक लड़की थी |उसने बुद्ध कि बहन जैसी थी ,उसके पास अपार धन दौलत थी और उसे वह गरीबों मे बाँटना चाहती थी |
सुप्रिया बुद्ध के शिष्य कि बेटी थी |उसने बुद्ध से कहा कि वह नगर के हर आँगन मे अनाज पहुँचाने का भार लेती है|
सुप्रिया कि बात सुनकर धनी सेठों ने क्या किया ?
धनी सेठों ने सुप्रिया कि मदद करने मे कोई कमी नहीं छोड़ी ,उसका पात्र सदा भरा रहता |
धनी सेठों ने सुप्रिया कि बात सुनकर सारे गरीबों को उनके घरों मे जाकर खूब धन दौलत दी
महात्मा बुद्ध ने नगर के सम्पन्न लोगों से क्या प्रश्न किया ?
प्रियजनों | इस वर्ष अपने धन को कौन कौन गरीबों मे बाटेगा ?
प्रियजनों | भूखी जनता को अन्न देने के लिए मे तुममे मे से कौन-कौन तैयार है ?
रत्नाकर सेठ का माथा लज्जा से क्यों झुक गया ?
रत्नाकर सेठ लोगों कि मदद नहीं कर सकता था इसलिए उसका सिर लज्जा से झुक गया |
रत्नाकर सेठ ने लोगों कि मदद नहीं कि थी बल्कि उनके पैसे खुद कहा गया था इसलिए उसका सिर लज्जा से झुक गया |
कालेज फटना
बहुत दुखी होना |
प्रसन्नता
भाग्य का मारा होना |
बुरी किस्मत वाला
अच्छी किस्मत वाला
भाग्य का मारा होना |
बुरी किस्मत वाला
अच्छी किस्मत वाला
मुँह ताकना
आशापूर्वक किसी को देखना
मुँह लटकाना
अपने सिर लेना
जिम्मेदारी न लेना
जिम्मेदारी अपने ऊपर लेना
अभाव
वरदहस्त
तथास्तु
समस्त
उद्वार
कृपा-दृष्टि
भिक्षा
भिक्षा पात्र
व्याकुल
दुर्दिन
विनम्र
लज्जा
तुच्छ
