Font size
WorksheetsBhagavad Gita As It Is DAY-02 (1.11-20)
Total questions: 18
Worksheet time: 53mins
दुर्योधन ने अन्य योद्धाओं को अपने-अपने मोर्चे पर खड़े रहकर भीष्म पितामह की सहायता करने के लिए क्यों कहा? (1.11)
कहीं अन्य योद्धा यह न समझ लें कि उन्हें कम महत्त्व दिया जा रहा है
क्योंकि भीष्म पितामह की बजाय उसे अन्य योद्धाओं पर अधिक विश्वास था
भीष्म पितामह वृद्ध हो चले हैं अतः उन्हें खुद ही सुरक्षा की आवश्यकता है
कुरुवृद्ध पितामह भीष्म के शंख की ध्वनि की तुलना किससे की गयी है? (1.12)
सिंहनाद - सिंह की सी गर्जना
मधुर स्वर
दिव्य ध्वनि
भीष्मदेव के शंख बजाने के बाद बजने वाले वाद्ययंत्रों में किसका नाम नहीं लिया गया है? (1.13)
शंख
बड़े-बड़े ढ़ोल नगाड़े
मृदंग
सींग
हारमोनियम
कृष्ण और अर्जुन के रथ के घोड़े कौन से रंग के थे? (1.14)
काले
श्वेत
लाल
नीले
भगवान् श्रीकृष्ण के लिए प्रयुक्त शब्द - "माधव" का क्या अर्थ है? (1.14)
मधु (शहद) का भण्डार
मधु (असुर) के हन्ता
लक्ष्मीपति
मिट्टि के माधो
मधुवन में विहार करने वाले
पांडवों की विजय के क्या-क्या चिह्न बताये गए हैं? (1.14)
महति स्यनंदने - अग्निदेव द्वारा प्रदत्त रथ जोकि तीनों लोकों में जहां भी जाएगा वहां विजय निश्चित है
माधवः - जहां भगवान् हैं, वहीं लक्ष्मी रहती हैं | अतः विजय तथा श्री दोनों अर्जुन की प्रतीक्षा में हैं
दिव्यौ शंखौ - यह बताते हैं कि दूसरे पक्ष की विजय की कोई आशा नहीं थी क्योंकि कृष्ण इस पक्ष में हैं
भगवान् कृष्ण के लिए किस शब्द का प्रयोग किया गया है? (1.15)
पाञ्चजन्य
हृषीकेश
देवदत्त
धनञ्जय
भीम के लिए किस शब्द का प्रयोग किया गया है? (1.15)
देवदत्त
धनञ्जय
पौण्ड्र
भीमकर्मा वृकोदर
अर्जुन को क्या कहकर सम्बोधित किया गया है? (1.15)
पाञ्चजन्य
देवदत्त
धनञ्जय
पौण्ड्र
गौवों तथा इन्द्रियों को आनंद देने के कारण भगवान् _______ कहलाते हैं | (1.15)
हृषीकेश
माधव
मधुसूदन
गोविन्द
इनमें से भगवान् का कौन सा नाम एक असुर को मारने के कारण पड़ा? (1.15)
हृषीकेश
मधुसूदन
वासुदेव
पार्थसारथी
कृष्ण
युधिष्ठिर के शंख का नाम बताएं | (1.16-18)
देवदत्त
पौण्ड्र
अनंतविजय
सुघोष
मणिपुष्पक
द्रुपद के विषय में इनमें से क्या सही है? (1.16-18)
धृष्टद्युम्न के पुत्र
द्रोणाचार्य के राजनीतिक मित्र
पांडवों को अज्ञातवास में शरण दी
पांचाल के राजा
सात्यकि के विषय में क्या सही है? (1.16-18)
अन्य नाम है - युयुधान
श्रीकृष्ण के साथी
सदा विजयी रहे हैं
दुर्योधन के पक्ष से कुरुक्षेत्र के युद्ध में भाग लिया
होने वाले युद्ध और निश्चित विनाश का कारण धृतराष्ट्र को क्यों बताया गया है? (1.16-18)
उसे पता ही नहीं था कि उसके पुत्र अधर्म के मार्ग पर हैं
वह नहीं जानता था कि पाण्डुपुत्रों को धोखा देकर अपने पुत्रों को राजसिंहासन दिलाने की नीति अधर्म है
उसने जानबूझकर अपने पुत्रों की कुनीति को प्रोत्साहन दिया
युद्धस्थल में शंखों की ध्वनि से पाण्डव भयभीत नहीं हुए, पर धृतराष्ट्र के पुत्रों के हृदय विदीर्ण हो गए | ऐसा क्यों? (1.19)
पांडवों के शंख नए थे
पांडवों में युद्ध के प्रति अधिक उत्साह था
पाण्डवों ने कृष्ण की शरण ली थी और उनके शरणागत को बड़ी विपत्ति में भी किसी प्रकार का भय नहीं रह जाता
अर्जुन के रथ की ध्वजा पर कौन अंकित हैं? (1.20)
राम
सिंह
गरुड़
हनुमान
भगवान् श्रीकृष्ण के कोई 5 नाम उनके अर्थसहित लिखिए |
