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WorksheetsJain Tattva Vidya Section 4, Chapter 1-6
Total questions: 50
Worksheet time: 18mins
सत् के तीन लक्षण कौन से हैं?
उत्पाद
व्यय
ध्रौव्य
गुण
विश्व में जितने भी अस्तित्ववान पदार्थ हैं वे सब क्या हैं?
गुण
सत्
पर्याय
कोई नहीं
सत् में कौन से पदार्थों का समावेश होता है?
गुण और पर्याय
सामान्य और विशेष
जड़ और चेतन
अर्थ और व्यंजन
सत् अर्थ के बोधक कौन से शब्द हैं?
स्वभाव
पारमार्थिक वस्तु
तत्त्व
पदार्थ
सत् के साथ उत्पाद, व्यय और स्थायित्व का कैसा संबंध है?
व्याप्ति संबंध
संकर संबंध
संयोग संबंध
अविनाभावी संबंध
छह द्रव्यों में अस्तिकाय कितने द्रव्य हैं?
4
3
5
6
द्रव्य कितने हैं?
6
5
4
3
अस्तिकाय का अर्थ है -
अस्ति
अभूत
भविष्यति
वर्तन
औपचारिक द्रव्य कौनसा है?
धर्मास्तिकाय
अधर्मास्तिकाय
जीवास्तिकाय
काल
मनुष्य क्षेत्र की पृथ्वी के मध्य कौन सा पर्वत है ?
हिमालय पर्वत
मेरु पर्वत
अरावली पर्वत
वैताढ्य पर्वत
मेरुपर्वत के चारों ओर वलयाकार एक लाख योजन लम्बा-चौड़ा कौनसा द्वीप है?
धातकी खण्ड
जम्बूद्वीप
महाविदेह
पुष्करद्वीप
समयक्षेत्र कितने लाख योजन का है?
1 लाख योजन
4 लाख योजन
16 लाख योजन
45 लाख योजन
समयक्षेत्र का दूसरा नाम कौन सा है?
मनुष्यक्षेत्र
पुष्कर द्वीप
महाविदेह क्षेत्र
स्वर्ण द्वीप
व्यवहारिक काल किसके आधार पर बनता है?
दिन-रात
सूर्य-चन्द्रमा
घड़ी के
कोई नहीं
छह द्रव्यों में द्रव्य से एक द्रव्य कौन - कौन से हैं?
धर्मास्तिकाय
अधर्मास्तिकाय
आकाशास्तिकाय
जीवास्तिकाय
भाव से मूर्त गुण वाला द्रव्य कौन सा है?
धर्मास्तिकाय
अधर्मास्तिकाय
पुद्गलास्तिकाय
जीवास्तिकाय
छह द्रव्यों को समझाने के लिए कौन सी दृष्टियां काम में ली गई है ?
द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव, गुण
द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव
नाम, स्थापना, द्रव्य, भाव
उत्पाद, व्यय, ध्रौव्य
द्रव्य के सहभावी धर्म को क्या कहते हैं?
पर्याय
अर्थ
व्यंजन
गुण
द्रव्य के क्रमभावी धर्म को क्या कहते हैं?
गुण
पर्याय
सामान्य
विशेष
गुण के दो प्रकार कौन से हैं?
सामान्य
विशेष
मूर्तत्व
द्रव्यत्व
सामान्य गुण कौन-कौन से हैं?
चेतनत्व
अस्तित्व
वस्तुत्व
द्रव्यत्व
विशेष गुण कौन-कौन से हैं?
प्रमेयत्व
चेतनत्व
मूर्त्तत्व
वर्तनाहेतुत्व
धर्मास्तिकाय के विशेष गुण कौन-कौन से हैं?
गतिहेतुत्व
अचेतनत्व
अमूर्त्तत्व
वीर्य
पर्याय के दो प्रकार कौन से हैं?
स्वभाव व विभाव
सामान्य व विशेष
सहभावी व क्रमभावी
सत् व असत्
अर्थ पर्याय कौन सी होती है?
जो स्थूल होती है
जो सूक्ष्म होती है
आंखों से दिखाई नहीं देती
जिसके बदलने से द्रव्य में अन्तर आता है
व्यञ्जन पर्याय कौन सी होती है?
जो स्थूल नहीं होती है
सर्वसाधारण बोधगम्य
शब्दों द्वारा बताया जा सके
जो सूक्ष्म होती है
द्रव्य की परिवर्तनशील अवस्थाओं का नाम क्या है?
पर्याय
गुण
सामान्य
विशेष
पर्याय किसके आश्रित होती है?
ज्ञान और दर्शन
जीव और अजीव
द्रव्य और गुण
गुण और पर्याय
ज्ञान और दर्शन में परिवर्तन होना, वर्ण आदि में नयापन व पुरानापन होना कौन से पर्याय है?
द्रव्य के पर्याय
गुण के पर्याय
मन के पर्याय
जाति के पर्याय
सत् अस्तित्व का प्रतीक है।
True
False
केवल उत्पाद, केवल व्यय एवं केवल ध्रौव्य सत् का लक्षण बनता है।
True
False
समग्रता से वस्तु का बोध कराने वाली चार दृष्टियां हैं।
True
False
सजीव व निर्जीव सभी पदार्थों का बोध वस्तु बोध की चार दृष्टियों से किया जा सकता है।
True
False
पदार्थ की व्याख्या साधना प्रधान है और द्रव्य की व्याख्या जागतिक है।
True
False
काल अस्तिकाय है।
True
False
त्रैकालिक सत्ता वाला सावयव अर्थात् सप्रदेश पदार्थ अस्तिकाय है।
True
False
समय कभी - कभी पिण्डीभूत होता है।
Ture
False
नैश्चयिक काल मात्र मनुष्य लोक में वर्तन करता है।
True
False
अढ़ाई द्वीप के सूर्य - चन्दमा स्थिर हैं।
True
False
धातकी खण्ड के चारों ओर 8 लाख योजन वाला कालोदधि समुद्र है।
True
False
लवण समुद्र व कालोदधि समुद्र-ये दोनों समयक्षेत्र की सीमा में आते हैं।
True
False
वस्तुत्व - द्रव्य का वह गुण, जिसके कारण वह कोई न कोई अर्थक्रिया अवश्य करे ।
True
False
द्रव्यत्व - वस्तु का वह गुण, जो ज्ञान का विषय बनता है।
True
False
कोई भी द्रव्य है उसका जो दृश्य रूप है वह पर्याय नहीं है।
True
False
बाह्य निमित्तों के बिना परिवर्तन होता रहता है वह स्वभाव पर्याय है।
True
False
बाह्य निमित्तों के द्वारा द्रव्य में जो बदलाव आता है, वह विभाव पर्याय नहीं है।
True
False
जीव का मनुष्य या देव आदि रूपों में परिवर्तन होना द्रव्य के पर्याय हैं।
True
False
"जैन तत्त्व विद्या" इस पुस्तक के लेखक कौन है?
आचार्य भिक्षु
आचार्य महाप्रज्ञ
आचार्य महाश्रमण
आचार्य तुलसी
चतुर्थ वर्ग का प्रथम बोल कौन सा है?
सत् के तीन लक्षण हैं
वस्तु बोध की चार दृष्टियां हैं
पर्याय के दो प्रकार हैं
द्रव्य के छह प्रकार हैं
चतुर्थ वर्ग का छट्ठा बोल कौन सा है?
सत् के तीन लक्षण हैं
वस्तु बोध की चार दृष्टियां हैं
पर्याय के दो प्रकार हैं
द्रव्य के छह प्रकार हैं
