Worksheetsचरक संहिता सूत्र स्थान 1 से 10
Total questions: 30
Worksheet time: 15mins
Q.1किस आचार्य ने चरक संहिता को अखिल शास्त्र कल्पद्रुम कहा है।
स्वामी कुमार
गंगाधर सेन
अग्निवेश
शिवदास सेन
चरक चतुरानन उपाधि से भूषित है।
चन्द्रट
चक्रपाणि
नरदत्त
शिवदास सेन
त्रिदण्ड है।
सत्व, आत्मा,शरीर
वात ,पित, कफ
आहार,निद्रा,ब्रह्मचर्य
कोई नही
दृष्टा पश्यति हि क्रिया......ref.
मन
शरीर
आत्मा
इंद्रिया
साधनम न त्वसाध्यानाम व्याधिनामुपदीश्यते....ref. किस अध्याय में दिया है।
चरक सूत्र 3
चरक सूत्र 5
चरक सूत्र 1
चरक सूत्र 10
चिकित्सीय गुण है।
5
10
20
6
चरक के अनुसार "सर "गुण किस दोष का है।
वात
पित
कफ
कोई नहीं
पाण्डुरोग उपसृष्टानामुतम........चोच्यते।
श्लेष्मण शमयेतपीतं मारुतम चानुलोमयेत।
मूत्र
गोमूत्र
शर्म
पित्त विरेचन
चरक अनुसार मूत्र में प्रधान रस है।
तिक्त
कटु
लवण
कषाय
चरक अनुसार क्षीर त्रय हैं।
अर्क,स्नूहि, वट
अर्क,स्नूहि,अश्मंतक,
अर्क,वट,अश्मंतक
कोई नहीं
चरक अनुसार शिरोविरेचन द्रव्य नही है।
पिप्पली
पिप्पली मूल
विडंग
नागर
मात्रा काल आश्रया है।
आप्तोपदेश
अनुमान
युक्ति
प्रत्यक्ष
तक्रसिद्धा यवागु .........ससुवर्चिका...?
घृतव्यापद नाशनी
तेल व्यापद नाशिनी
कृमिघ्नी
विष्मज्वर्घ्नी
चरक अनुसार षडविरेचन आश्रय में नही है।
क्षीर
मूल
फल
कन्द
य पिण्डो रस पिष्टानाम स.......परिकीर्तिते।
स्वरस
कल्क
क्वाथ
शीत
आचार्य चरक अनुसार समुद्रफेन किस महाकषाय में वर्णित है।
शुक्रजनन
शुक्रशोधन
स्तन्यजनन
स्तन्य शोधन
जातिप्रवाल किस महाकषाय में वर्णित है।
कुष्ठघन
कण्डुघन
ज्वरघ्न
शोणित स्थापन
अर्जुन को किस महाकषाय में वर्णन किया है।
हृद्य
उदर्द प्रशमन
मूत्र विरंजनिय
पुरीष संग्रहनिय
आचार्य चरक अनुसार आहार मात्रा अपेक्षा करती है।
अग्निबल
आहार द्रव्य
दोनों
कोई नही
निरन्तर वर्जनीय द्रव्य में नही है।
यवक
दही
यव
मछली
चरक अनुसार रसांजन प्रयोग काल है।
5 या 8 वी रात्रि
5 रात्रि
7 वी रात्रि
7 दिन में 2 बार
चरक अनुसार स्नेहिक धुमनेत्र प्रमाण है।
32 अंगुल
36 अंगुल
24 अंगुल
48 अंगुल
आचार्य चरक के अनुसार प्रायोगिक धूमपान काल है।
5
4
12
8
1 दिन में स्नेहिक धूम्रपान काल है
3,4 बार
1 बार
2 बार
3 बार
नस्य औषध का प्रभाव किस मर्म पर होता है।
फ़ण
विधुर
अधिपति
श्रृंगाटक
अणु तेल की मात्रा होती है।
अर्ध पल
अर्ध तोला
2 पल
कोई नहीं
पोष्टिकम वृष्य आयुष्यम शुचि रूपवीराजमान.....?
स्नान
नश्य
क्षोर कर्म
रत्न धारण
मेध्य पवित्रमायुष्यम अलक्ष्मी कलिनाशनम.....?
स्नान
मल मार्गो की शुद्धि
स्वच्छ वस्त्र धारण
कोई नहीं
अणु तेल किस दोष पर कार्य करता है।
वात
पित
कफ
त्रिदोष
फल पाकान्ता....?
विरुध
औषध
वनस्पति
वानस्पतय
