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Worksheetsज्ञानवर्धिनी प्रतियोगिता - श्री छः ढाला कक्षा
Total questions: 15
Worksheet time: 8mins
आत्मा में कितने गुण है ?
असंख्य
अनंत
आठ मूलगुण
4 मूलगुण
सिद्ध जीव कितने सुखी है ?
हमसे अनंत गुणे
हमसे असंख्यात गुणे
हमसे थोड़े ज्यादा
हमसे तुलना नही
सभी अर्हन्तो के ४६ मूलगुण होते है |
हा
नही
उपाध्यायो के मूलगुण साधुओ के मूलगुण से कम है |
हा
नही
कभी कम कभी ज्यादा
गधे बनने का कारण
छल कपट मायाचारी झूठ
ज्यादा चीज़े इक्कट्ठी करना
अपने आप को सबसे उचा मानना
खूब गुस्सा करना
सभी नारकी जीव
सम्यग्दर्शन प्राप्त कर सकते है
संयम धारण कर सकते है
अगले भव में क्रूर तिर्यंच ही होते है
लड़ते झगड़ते रहते है
रोये दार छोटी लोकी - ग्वारपाठा आदि सप्रतिश्ठित प्रत्येक वनस्पति को खाने में दोष लगता है
असंख्य जीवो के घात का
आलू जितने जीवो के घात का
एक जीव के घात का
इनमे से कुछ नही
सभी श्रावको को इनमे से एक रोज़ करना चाहिए
पैसा कमाना
उद्योग
दान देना
विरोधी हिंसा
वीतरागी केवली भगवान के यह दोष नही होते
मृत्यु
ओमकार वाणी
मनोयोग
परोपकार
मै हू
जीव तत्त्व
जीव द्रव्य
स्वाध्यायी
जैन
दुःख आता है
मोबाइल से
स्वयं से
कर्मो से
पड़ोसियों से
सुख आता है
स्वयं से
भगवान से
जिनवानी से
कर्मो से
तप - नियम - संयम व्रत आदि होते है
दुखदायी
सुखदायी
कठिन
हमारे लायक नही
गोरा रंग होने से मै सुन्दर हू - यह भूल है ?
जीव तत्त्व सम्बन्धी
अजीव तत्त्व सम्बन्धी
जीव अजीव दोनों तत्त्व सम्बन्धी भूल
यह भूल नही सत्य है
परिवारजनो के प्रेम में सुख होता है - यह है
आस्रव तत्त्व सम्बन्धी भूल
निर्जरा तत्त्व सम्बन्धी भूल
अजीव तत्त्व सम्बन्धी भूल
यह भूल नही सत्य है
