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Worksheetsबड़े घर के बेटी QUIZ
Total questions: 23
Worksheet time: 12mins
कहानी का लेखक कौन है?
प्रेमचंद
यशपाल
स्वयं प्रकाश
सुदर्शन
ठाकुर साहब के कितने बेटे थे?
एक
दो
तीन
कोई नहीं
लाल बिहारी सिंह कौनसी डिग्री प्राप्त की थी?
एम. बी. बी. एस
बी.बी. ए
बी.ए.
इनमें से कोई नहीं
श्रीकंठ अंग्रेजी डिग्री के अधिपति होने पर भी पाश्चात्य सामाजिक प्रथाओं के विशेष प्रेमी न थे|
सही
गलत
पितामह का अर्थ क्या है?
पुत्र
पिता
दादा
भाई
___ का दो सेर लीटर ताज़ा दूध लाल बिहारी सवेरे उठकर पी जाता था |
गाय
भैंस
ऊंट
श्रीकंठ सिंह के बारे में इनमें से कौन सी बात सही है?
वह अंग्रेजी डिग्री के अधिपति होने पर भी पाश्चात्य सामाजिक प्रथाओं के विशेष प्रेमी न थे|
गाँव की ललनाएँ उनकी निंदक थीं|
वह कोई-कोई तो उन्हें अपना शत्रु समझने में भी संकोच करती न थीं |
इनमें से कोई नहीं |
_______ के दिनों में श्रीकंठ सिंह बड़े उत्साह से रामलीला में सम्मिलित होते और स्वयं और स्वयं किसी न किसी पात्र का अभिनय करते थे|
छुट्टी
होली
दशहरे
"आजकल स्त्रियों को कुटुम्बे में मिल-जुलकर रहने की जो अरुचि होती है, उसे वह जाति और देश दोनों के लिए हानिकारक समझते थे"| 'वह' कौन है?
लाल बिहारी सिंह
श्रीकंठ सिंह
श्रीकंठ सिंह की पत्नी
आनंदी के बारे में निम्नलिखित विकल्प सही नहीं है -
उसके पति ने अंग्रेजी विषय में डिग्री ली थी।
उसका मायका संपन्न था।
वह अपनी बहनों में सबसे बड़ी थी।
आनंदी के पिता का नाम भूप सिंह था।
भूप सिंह के बारे में गलत विकल्प चुनिए -
उन्हें ऑनरेरी मजिस्ट्रेटी का पद प्राप्त था।
आनंदी से उन्हें बहुत स्नेह था।
उनकी चार बेटियां थीं।
वे श्रीकंठ के पैसों पर रीझ गए थे।
बेनी माधव सिंह के बारे में गलत विकल्प चुनिए
उनके पूर्वज किसी समय धन-धान्य से संपन्न थे
गांव के तालाब और मंदिर उनके पूर्वजों ने बनवाए थे
आनंदी उनकी बेटी का नाम था
उनकी सोच विचार धारा स्त्रियों के प्रति ओछी थी
लाल बिहारी के बारे में गलत विकल्प चुनिए
उसने अंग्रेजी विषय में स्नातक की डिग्री ली थी
उसमें सूझ बूझ की कमी थी
स्त्रियों का सम्मान नहीं करता था
गुस्सैल स्वभाव का था
गांव की स्त्रियां श्रीकंठ को पसंद नहीं करती थी क्योंकि- सही विकल्प चुनिए
श्रीकंठ संयुक्त परिवार के हिमायती थे
गांव के कई टूटते घरों को उन्होंने जोड़ा था
वे विभक्त परिवार को राष्ट्र और समाज के हित में नहीं मानते थे
उपर्युक्त सभी
पर जिस स्त्री की मान प्रतिष्ठा का मैं ईश्वर के दरबार में उत्तरदाता हूं उसके प्रति ऐसा घोर अन्याय और पशु वत व्यवहार असह्य है- वक्ता कौन है
लाल बिहारी सिंह
बेनी माधव सिंह
भूप सिंह
श्रीकंठसिंह
वे होते तो आज इसका मज़ा चखा देते -
प्रस्तुत कथन का वक्ता कौन है?
लालबिहारी
श्रीकंठ सिंह
आनंदी
ठाकुर भूप सिंह
बेनी माधव की किन बातों से पता चलता है कि वह संकीर्ण विचारधारा के व्यक्ति थे -
उन्होंने पक्षपात करते हुए अपने बेटे की ओर से साक्षी दी।
उनका यह मानना था कि बहू -बेटियों का यह स्वभाव अच्छा नहीं कि मर्दों के मुंह लगे।
बेनी माधव सिंह का यह मानना था कि स्त्रियाँ इसी तरह घर का नाश कर देती हैं, उन्हें बहुत सिर चढ़ाना अच्छी बात नहीं।
उपर्युक्त सभी
बेनी माधव सिंह कहाँ के जमींदार थे -
गौरीपुर
रूपपुर
बीघापुर
श्री कंठ ने सी डिग्री प्राप्त की थी -
बी ए
एम ए
बेनीमाधव की अधिकतर संपत्ति किसकी भेंट चढ़चुकी थी -
परोपकार
वकीलों
श्री कंठ किसके उपासक थे -
पाश्चात्य सभ्यता
सम्मिलित कुटुंब
श्री कंठ ने बी ए कहाँ से किया था
लखनऊ
इलाहाबाद
कहानी के लेखक
जयशंकर प्रसाद
प्रेमचंद
