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Worksheetsपाप पाठ 2 बालबोध २४०६२१
Total questions: 21
Worksheet time: 11mins
असत्य,हिंसा,चोरी,कुशील,और परिग्रह इनको क्या कहते है ?
पुण्य
पाप
धर्म
इनमे से कोईनही
पाप का बाप किसको कहा गया है ?
लोभ
क्रोध
मान
मोह
पाप क्यों उत्पन्न होते है ?
मिथ्यात्व और कषाय के कारण
पुण्य के कारण
धर्म के कारण
इनमे से कोई नही
मिथ्यात्व किसे कहते है ?
वस्तु के सम्बन्ध में विपरीत मान्यता को
वस्तु के सम्बन्ध में सच्ची मान्यता को
वस्तु के सम्बन्ध में विपरीत और सच्ची मान्यता को
इनमे से कोई नही
शरीर अपना नही है फिर भी उसे सुख का कारण मानना क्या है ?
मिथ्यात्व
धर्म
पाप
कषाय
हिंसा के कितने भेद है ?
2
20
200
2000
हिंसा के भेद के नाम बताओ ?
द्रव्य और भाव हिंसा
धर्म और पाप हिंसा
धर्म और पुण्य हिंसा
इनमे से कोई नही
आत्मा में मोह,राग और द्वेष आदि विकारी भावो का उत्पन्न होना क्या है ?
भाव हिंसा
द्रव्य हिंसा
भाव और द्रव्य हिंसा
इनमे से कोई नही
असत्य पाप के दो भेद है ?
द्रव्य असत्य और भाव असत्य
द्रव्य हिंसा और भाव हिंसा
द्रव्य हिंसा
इनमे से कोई नही
वस्तु जैसी नही है, वैसा बोलना - कहना क्या है?
असत्य पाप
सत्य पाप
हिंसा पाप
इनमें से कोई नही
दुसरो की वस्तु को ग्रहण करने का भाव क्या है ?
द्रव्य चोरी
भाव चोरी
द्रव्य और भाव चोरी
इनमे से कोई नही
किसी की रखी हुई, भूली हुई वस्तु को उसकी आज्ञा के बिना स्वयं उठाना या दुसरो को उठाने के लिए कहना या उठाकर दुसरो को दे देना क्या है ?
द्रव्य चोरी
भाव चोरी
द्रव्य और भाव चोरी
इनमे से कोई नही
कुशील पाप कितने प्रकार का होता है ?
2
4
8
16
कुशील पाप के प्रकार क्या है ?
द्रव्य कुशील और भाव कुशील
द्रव्य सुशील और भाव सुशील
द्रव्य कुशील और भाव सुशील
द्रव्य सुशील और भाव कुशील
धन,धान्य , खेत,मकान,पशु,पक्षी,नोकर,नोकरानी,आसन,वाहन,वस्त्र,बर्तन,सोना,चांदी आदि संग्रह के भाव करना क्या है ?
भाव परिग्रह
द्रव्य परिग्रह
द्रव्य और भाव परिग्रह
इनमे से कोई नही
धन,धान्य , खेत,मकान,पशु,पक्षी,नोकर,नोकरानी,आसन,वाहन,वस्त्र,बर्तन,सोना,चांदी आदि संग्रह करना कोनसा परिग्रह है ?
द्रव्य परिग्रह
भाव परिग्रह
द्रव्य परिग्रह और भाव परिग्रह
इनमे से कोई नही
मिथात्व और कषाये अपने से भिन्न होने पर भी,अन्य पदार्थो के समान उनका संग्रह करना क्या कहलाता है ?
परिग्रह
असत्य
सत्य
हिंसा
पापो से बचने के लिए हमे क्या करना चाहिए ?
सभी पापो की जड़ मिथ्यात्व और कषाये हे उन्हें छोड़ना चाहिए
सभी पापो की जड़ मिथ्यात्व और कषाये हे उन्हें ग्रहण करना चाहिए
सभी पापो की जड़ मिथ्यात्व और कषाये नही है
इनमे से कोई नही
यह मेरी संतान है - ऐसा मानना भूल है
जीव तत्त्व सम्बन्धी
अजीव तत्त्व सम्बन्धी
बंध तत्त्व सम्बन्धी
संवर तत्त्व सम्बन्धी
शरीर के वियोग होने पर अपना मरण मानना - यह भूल है
जीव तत्त्व सम्बन्धी
अजीव तत्त्व सम्बन्धी
संवर तत्त्व सम्बन्धी
बंध तत्त्व सम्बन्धी
कोरोना का रोग होने पर बुरा मानना - यह भूल है
आस्रव तत्त्व सम्बन्धी
बंध तत्त्व सम्बन्धी
अजीव तत्त्व सम्बन्धी
निर्जरा तत्त्व सम्बन्धी
