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WorksheetsKṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 71-72)
Total questions: 18
Worksheet time: 49mins
श्रीकृष्ण को हस्तिनापुर जाने और जरासंध का वध करके बंदी राजाओं को छुड़ाने के लिए किसने परामर्श दिया? (अध्याय 71)
उद्धव जी
अक्रूर जी
नारद जी
वसुदेव जी
श्रीकृष्ण ने अपने पिता वसुदेव एवं पितामह उग्रसेन से अनुमति लेकर हस्तिनापुर यात्रा की व्यवस्था के लिए किन सेवकों को आज्ञा दी? (अध्याय 71)
सात्यकि
उद्धव
जैत्र
दारुक
कृतवर्मा
भगवान् श्रीकृष्ण अपनी सभी 16108 रानियों, उनके पुत्रों, सैनिकों व अनुयाइयों के बड़े दल के साथ आनर्त, सौवीर, राजस्थान, कुरुक्षेत्र, पांचाल व मतस्य प्रदेश होते हुए अंततः हस्तिनापुर पहुंचने से पहले किन दो विशाल नदियों से गुजरे? (अध्याय 71)
नर्मदा
दृषद्वती
गोदावरी
कालिंदी
सरस्वती
आलिंगन के पश्चात पाँचों पाण्डवों में से कौन कौन सादर वन्दना के लिए श्रीकृष्ण के चरणों पर गिर गए? (अध्याय 71)
युद्धिष्ठिर
भीमसेन
अर्जुन
नकुल
सहदेव
भगवान् श्रीकृष्ण के अपने दल सहित हस्तिनापुर आगमन पर उनका कैसा स्वागत हुआ? (अध्याय 71)
किसी को उनके आने की कानोंकान खबर तक नहीं हुई
वे जहां से भी गुजरे, सबने उन्हें अनदेखा किया
उनके आने पर भी कुंती अपनी शैय्या पर सोती रही
मुख्य के अतिरिक्त अन्य रानियों आदि के लिए कोई प्रबंध नहीं था
प्रतिदिन नए प्रकार के आदर-सत्कार का प्रबंध किया गया
युधिष्ठिर महाराज राजसूय यज्ञ क्यों करना चाहते हैं? (अध्याय 72)
सभी देवताओं को प्रसन्न करके उनसे वर प्राप्त करने के लिए
यह प्रमाणित करने के लिए कि श्रीकृष्ण परम भगवान् हैं व प्रत्येक व्यक्ति उनका दास है
केवल कृष्णभावनामृत सेवा से व्यक्ति जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त नहीं हो पाता
युधिष्ठिर ने कैसे प्रमाणित किया कि श्रीकृष्ण पक्षपाती न होकर सभी के लिए समान हैं? (अध्याय 72)
श्रीकृष्ण कल्पवृक्ष की भांति हैं, जो मनवांछित वर देता है
यदि कोई सर्वोच्च इच्छा ही न करे, तो छोटा वर देना पक्षपात नहीं है
इन्द्रियों को जीतने का क्या अर्थ व लाभ है? (अध्याय 72)
भगवान् ऐसे व्यक्ति के प्रेम से पराजित हो जाते हैं
कभी कभी इन्द्रियों को भगवान् के सेवा में लगाना
निरंतर भगवान् की सेवा में रहने से इन्द्रियाँ विशुद्ध होती हैं
विशुद्ध इन्द्रियों से ही भगवान् की दिव्य प्रेममय सेवा होती है
भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा, "ब्रह्माण्ड के तीनों लोकों में कोई भी मेरे भक्तों को इन ______ ऐश्वर्यों में पराजित नहीं कर सकता |" (अध्याय 72)
3
4
6
8
चतुर्भुज विष्णु के रूप में भगवान् के हाथों के चारों अस्त्रों में से कौन से दो भक्तों के लिए हैं? (अध्याय 72)
शंख
चक्र
गदा
कमल पुष्प
महाराज युधिष्ठिर ने अपने चारों भाइयों को राजसूय यज्ञ के उद्देश्य से किस सेना सहित किस दिशा में भेजा? (अध्याय 72)
उत्तर - अर्जुन, केकय देश के सैनिकों सहित
दक्षिण - सहदेव, सृंजय वंश के सैनिकों सहित
पूर्व - भीमसेन, मद्रदेश के सैनिकों सहित
पश्चिम - नकुल, मतस्य देश के सैनिकों सहित
भीमसेन, अर्जुन तथा भगवान् श्रीकृष्ण ब्राह्मण के वेश में मगधराज जरासंध की राजधानी ________ में गए | (अध्याय 72)
गिरिराज
गिरिव्रज
गिरीपुर
गिरिनगर
कर्त्तव्यपरायण गृहस्थ और महान यौद्धा जरासंध को भगवान् श्रीकृष्ण ने किस किस महान दानी के विषय में कहा जिनकी कीर्ति अविनाशी हो चुकी है? (अध्याय 72)
बिल गेट्स
हरिश्चंद्र
मुद्गल
शिबि
रन्तिदेव
जरासंध ने ब्राह्मण वेश में आये अपने प्रतिद्वन्दियों में से किससे युद्ध करना स्वीकार किया? (अध्याय 72)
श्रीकृष्ण
भीमसेन
अर्जुन
युधिष्ठिर
दो भागों में, दो माताओं द्वारा उत्पन्न होने वाले जरासंध को बचपन में किस डायन ने जोड़ कर जीवित किया था? (अध्याय 72)
जन्म
मृत्यु
जरा
व्याधि
भीमसेन और जरासंध का युद्ध कितने दिनों तक चला? (अध्याय 72)
11
17
23
28
जरासंध की मृत्यु के बाद उसके सिंहासन पर किसको बैठाया गया? (अध्याय 72)
सबसे छोटा पाण्डव, सहदेव
जरासन्ध का पुत्र, सहदेव
जरासन्ध में क्या कमी थी कि वो वैदिक आदेशों के अनुसार चलने वाला, ब्राह्मणों का आदर करने वाला, महान क्षत्रिय, दानी होने पर भी असुर माना जाता है? (अध्याय 72)
