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Worksheetsसाखी - कबीर ( हिंदी -10 )
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
कबीरदास के गुरु कौन थे ?
नरहरिदास
द्रोणाचार्य
रामानंद
वेद व्यास
मीठी वाणी का औरों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
दूसरे क्रोधित हो जाते हैं
दूसरे सुख और संतोष का अनुभव करते हैं
दूसरे मीठी वाणी सुनकर दुखी हो जाते हैं
उपर्युक्त सभी
‘मन का आपा खोने’ का क्या तात्पर्य है?
मन का खो जाना
अहंकार को त्यागना
अपने आप में खोना
सारे संसार के सुखी होने का क्या कारण है?
सारा संसार वास्तविक आनंद लूट रहा है
सारा संसार खाने-पीने और सोने में मस्त है
सारा संसार प्रभु के प्रति सजग है
क्योंकि सभी सांसारिक सुखों को अंतिम सत्य मानते हैं
‘सुखिया सब संसार है’ में कौन-सा अलंकार है
मानवीकरण
अनुप्रास
यमक
रूपक
“जिवै तो बौरा होइ’ का आशय है-
जीवन नहीं रहता।
जीवित रहता है तो पागल जैसा हो जाता है
जीवित रहने पर सुखी नहीं रहता
मर जाता है
बिरही मनुष्य की स्थिति कैसी होती है?
वह बहुत खुश रहता है
वह जागता है और खाता है |
उस पर कोई उपाय असर नहीं करता
वह बस खाता है और सोता है |
कुंडलि का अर्थ है-
मृग
नाभि
छंद
मन
कवि कैसा प्रकाश फैलाना चाहते हैं?
ज्ञान का
घृणा का
दिये का
इनमें से कोई नहीं
वास्तविक ज्ञानी कौन है ?
जो नास्तिक है |
जो किताबें पढ़ता है |
जो ईश्वर भक्ति में लीन है |
जो दिनभर पढ़ाई करता है |
जलती हुई मशाल किसका प्रतीक है ?
तपस्या का
ज्ञान का
मोह का
त्याग का
कबीर के अनुसार मनुष्य को कैसी वाणी बोलनी चाहिए ?
अहंकार भरी मधुर वाणी
अहंकार भरी सत्य वाणी
अहंकार रहित मधुर वाणी
अहंकार रहित कटु वाणी
तन की शीतलता का क्या अर्थ है ?
शरीर ठंडा पड़ना
प्रभु में लीन होना
कटु वाणी की सहना
सुख और शांति को महसूस करना
अपने स्वभाव को निर्मल रखने के लिए कबीर ने क्या सुझाव दिया है ?
निंदा को नमस्ते करने को कहा है |
निंदक से दूर रहने को कहा है |
निंदक को पास रखने को कहा है |
कबीर के अनुसार कौन ज्ञानी नहीं बन पाया ?
मोती पुस्तकें पढ़ने वाला
मोटी पुस्तकें पढने वाला
ज्ञान बाँटने वाला
सांसारिक जीवन जीने वाला
बिरह भुवंगम तन बसै मन्त्र न लागे कोय | का भाव स्पष्ट कीजिये |
जब दुःख हो तो मन्त्र काम करते हैं
विरह की बीमारी से मनुष्य पागल हो जाता है |
तंत्र-मन्त्र एक आडम्बर है |
जब शरीर में किसी से बिछुड़ने का दुःख हो तो कोई दवा या मन्त्र काम नहीं करता
कबीर की साखियों का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
सत्संग का ज्ञान
भक्ति का सही मार्ग दिखाना
सही ढंग का ज्ञान
जीवन जीने के सही ढंग का ज्ञान देना
ईश्वर कण-कण में व्याप्त है पर हम उसे क्यों नहीं देख पाते ?
आँखें बंद होने के कारण
दुःख और जिम्मेदारियों के कारण
मन में छुपे अहंकार के कारण
शिक्षा के अभाव के कारण
दीपक दिखाई देने से अँधेरा कैसे मिट जाता है ?
कोई भी नहीं
बादल दूर होते हैं
अहंकार रुपी माया दूर होती है जब ज्ञान रुपी दीपक दिखाई देता है
माया दूर होती है जब ज्ञान रुपी दीपक दिखाई देता है
‘घटि-घटि राम है’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहते है?
राम घटता रहता है
परमात्मा हर मनुष्य के हृदय में निवास करते हैं
परमात्मा घड़े में निवास करते हैं
इनमें से कोई नहीं
कस्तूरी क्या है?
सुगंधित द्रव्य जो मृग की नाभि में पाया जाता है।
सुगंधित तेल जो दुकानों पर मिलता है।
कस्तूरी एक वृक्ष का नाम है।
इनमें से कोई नहीं
मीठी वाणी बोलने से औरों को सुख और अपने तन को शीतलता कैसे प्राप्त होती है?
अहंकार रहित मीठे बोल सबके ह्रदय को छूते हैं
मिश्री गलती है
मिश्री घुलती है
मीठे बोल
संत समाज में किस ज्ञान की महत्ता है ?
अनुभव ज्ञान की
बाहरी ज्ञान की
मायावी ज्ञान की
कबीर के अनुसार ईश्वर की प्राप्ति किस प्रकार की जा सकती है ?
उच्च विचारों से
अहंकार मिटा कर
ध्यान द्वारा
सादा जीवन जीकर
साखी शब्द किसका तद्भव रूप है ?
साक्षी
सखी
साक्ष्य
सखा
