Worksheetsडायरी का एक पन्ना
Total questions: 25
Worksheet time: 25mins
इस कहानी के लेखक कौन हैं ?
सेकसरिया
सीताराम
सीताराम सेकसरिया
कोई नहीं
डायरी का पन्ना कहानी कब लिखी गई ?
26 जनवरी 1931 को
26 जनवरी 1932 को
26 जनवरी 1933 को
कोई नहीं
लेखक की भाषा पर दूसरी कौन सी भाषा का प्रभाव दिखाई देता है ?
बांग्ला
कन्नड़
तेलगू
सभी
लेखक ने तत्सम और तदभव शब्दों के साथ कौन से शब्दों का प्रयोग किया है ?
देशज
विदेशी
अलंकारित
सभी
लेखक की रचनाओं में किस शैली का अधिक प्रयोग हुआ है ?
आत्मकथात्मक
अलंकारित
उपमायुक्त
सभी
लेखक ने किस दिन को अमर कहा है ?
26 जनवरी 1931
26 जनवरी 1932
26 जनवरी 1933
26 जनवरी 19334
बड़े बाज़ार के मकानों पर क्या फहराया गया था ?
राष्ट्रीय झंडा
काला झंडा
केसरिया
हरा झंडा
मोन्यूमेंट को पुलिस ने कितने बजे घेरा ?
4 बजे
3 बजे
5 बजे
2 बजे
बंगाल प्रांतीय विद्यार्थी संग के मंत्री कौन थे ?
अविनाश बाबू
सुभाष बाबू
जानकी देवी
कोई नहीं
सुभाष बाबू के जलूस का भार किस पर था ?
पूर्णोदास पर
स्त्रियो पर
पुलिस पर
कोई नहीं
पुलिस कमिश्नर ने क्या नोटिस निकाला था ?
क्रांतिकारियों को सभा न करने की सलाह का
क्रांतिकारियों सहानुभूति का
क्रांतिकारियों के सहयोग का
कोई नहीं
लेखक ने सभा ओपन लड़ाई की संज्ञा क्यों दी ?
क्रांतिकारियों की खुली चुनौती के कारण
खुले मैदान के कारण
स्त्री समाज के कारण
कोई नहीं
इस वर्ष कितने रुपये प्रचार में खर्च किए गए थे?
1000 रुपये
2000 रुपये
5000 रुपये
10000 रुपये
गत वर्ष स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया गया था?
बहुत धूमधाम से
केवल प्रचार में
बहुत साधारण रूप में
कोई नहीं
किस जगह पर बंगाल प्रांतीय विद्यार्थी संघ के मंत्री झंडा गाड़ने गए थे?
श्रद्धानंद पार्क
तारा सुंदरी पार्क
गुजराती सेविका संघ
मदालसा
किस जगह पर बड़ा बाज़ार कांग्रेस कमेटी के युद्ध मंत्री झंडा गाड़ने गए थे?
श्रद्धानंद पार्क
तारा सुंदरी पार्क
गुजराती सेविका संघ
मदालसा
स्वतंत्रता दिवस की सभा कब होनी थी?
सुबह
दोपहर
शाम
रात
कितने आदमी जुलूस में शामिल थे?
67
103
105
150
जिस रास्ते में मनुष्य जाते थे - उसी रास्ते में --------------- मालूम होती थी ?
गरीबी और अमीरी
रात और दिन
उत्साह और नवीनता
इनमें से कुच्छ नहीं
लेखक ने खुली आँख से क्या देखा ?
सुभाष बाबू को नारे लगाते और लाठियाँ बरसाते
नेता जी सुभाष चंद्र बोस को नारे लगाते और पुलिस को लाठियाँ बरसाते
डा. दासगुप्ता को नारे लगाते और पुलिस को लाठियाँ बरसाते
कौंसिल को नारे लगाते और सुभाष बाबू को लाठियाँ बरसाते
जब पुलिस ने लाठियाँ बरसाई तो स्त्रियाँ कहाँ चली गई ?
झंडा फहराने चली गई
प्रतिज्ञा करने चली गई
खाना खाने चली गई
नाचने चली गई
