Worksheetsdukh ka adhikar
Total questions: 34
Worksheet time: 17mins
किसी व्यक्ति की पोशाक को देखकर हमें क्या पता चलता है
किसी व्यक्ति की पोशाक देखकर हमें उसका दर्जा तथा उसके अधिकारों का ज्ञान होता है।
पोशाक ही उसे आदर का पात्र बनाती है तथा नीचे झुकने से रोकती है।
मनुष्य के जीवन में पोशाक का बहुत महत्त्व है
सब
बुढ़िया के दुःख को देख कर लेखक को किसकी याद आई ?
अपनी माँ की
संभ्रांत महिला की
गाँव की
बच्चों की
खरबूजे बेचने वाली बुढ़िया के बेटे का क्या नाम था ?
भगवाना
भगावना
भागवाना
भागवन
कहानी में लोगों ने किसे 'पत्थर दिल' कहा है ?
लेखक को
बुढ़िया को
भगवाना को
पड़ौसिन को
बाज़ार में लोग बुढ़िया को किस दृष्टि से देख रहे थे ?
प्रेम की
घृणा की
नफ़रत की
ईर्ष्या की
साँप के काटने पर बुढ़िया किसको बुला लाई ?
डॉक्टर को
पड़ोसी को
दुकानवालों को
ओझा को
लेखक के अनुसार किसे दुःख मनाने का अधिकार नहीं है ?
बुढ़िया को
पड़ोसी को
गरीबों को
बच्चों को
बुढ़िया बाजार में क्या बेचने गई थी ?
तरबूज़
ख़रबूज़े
सब्ज़ी
खिलौने
जैसे वायु की लहरें कटी हुई पतंग को सहसा भूमि पर नहीं गिर जाने देतीं, उसी तरह खास परिस्थितियों में हमारी पोशाक हमें झुक सकने से रोके रहती है।
(a)
इनके लिए बेटा-बेटी, खसम-लुगाई, धर्म-ईमान सब रोटी का टुकड़ा है।
(a)
शोक करने, गम मनाने के लिए भी सहूलियत चाहिए और … दुखी होने का भी एक अधिकार होता है।
(a)
पर्यायवाची दुख
कष्ट
शोक
पाठ के लेखक हैं?
रामपाल
यशपाल
श्री राम शर्मा
बुढ़िया से लोग ख़रबूज़े क्यों नहीं खरीद रहे थे ?
ख़रबूज़े अच्छे नहीं थे
उसके घर में सूतक था
उसने गंदे कपड़े पहने थे
भगवाना की मृत्यु कैसे हुई?
बीमार होने के कारण
साँप के डसने के कारण
गरीबी के कारण
भगवाना क्या कार्य करता था?
कछियारी का कार्य
परचून की दुकान चलाता था
मज़दूरी करता था
दुःख मनाने का अधिकार किन्हे है?
उच्च वर्ग को
निम्न वर्ग को
मध्यम वर्ग को
घृणा का अर्थ है?
डाँटना
नफ़रत
उपेक्षा
व्यथा का अर्थ ?
सुख
दुःख
उपेक्षा
संभ्रांत का अर्थ?
अमीर
निम्न वर्ग का
परिश्रमी
पोशाकें क्या करती हैं?
वर्गों में बांटती हैं
ख़ुशी देती हैं
अपनों से दूर करती हैं
लेखक किसके रोने का कारण नहीं जान सका?
बच्चे के
स्त्री के
भिखारी के
इनमें से कोई नहीं
पुत्र की मृत्यु के अगले दिन बाजार किसे आना पड़ा?
लेखक को
पड़ोसी को
बुढ़िया को
इनमें से कोई नहीं
लेखक ने पोशाक की तुलना किससे की है?
सामाजिक व्यवस्था से
पुरानी किताब से
कटी हुई पतंग से
उच्च वर्ग से
सर्प के विष से लड़के का बदन कैसा हो गया था?
ठंडा
कड़ा
काला
नीला
पड़ोस की दुकानों के तख्तों पर बैठे लोग किस भाव से स्त्री के संबंध में बात कर रहे थे?
उल्लास से
खुशी से
गुस्से से
घृणा से
बिक्री के लिए खरबूज़े कहाँ रखे हुए थे ?
कुछ ज़मीन पर और कुछ थाली में
कुछ ज़मीन पर और कुछ डलिया में
कुछ ज़मीन पर और कुछ चारपाई पर
कुछ ज़मीन पर और कुछ मेज पर
" अरे इन लोगों का है ? ये कमीने लोग रोटी के टुकड़े के लिए जान देते हैं। " ये वाक्य किसने कहा ?
फुटपाथ पर खड़े एक आदमी ने
परचून की दुकान पर बैठे लाला जी ने
दाढ़ी खुजाते एक आदमी ने
उपर्युक्त में से कोई नहीं
बुढ़िया का बेटा कितने बरस का था ?
छब्बीस
चौबीस
सताइस
तेईस
बुढ़िया ने अपने बेटे को बचाने के लिए क्या-क्या उपाय किए ?
नागदेव की पूजा करवाई
ओझा को बुला लाई और झाड़ना-फूँकना हुुआ ।
पूजा के लिए दान-दक्षिणा दी गई।
उपर्युक्त सभी
दुःख का विलोम शब्द है
सुख
सुखी
अंनन्द
उदास
लेखक के अनुसार बुढ़िया को कोई क्यों उधार नहीं देता ?
वह गरीब थी
उसके बेटे की मृत्यु हो गई थी
उसका पति नहीं था
इनमे से कोई नहीं
बुढ़िया का हाल पूछने में लेखक को किस के कारण परेशानी थी?
पड़ोसी के
संभ्रांत महिला के
भगवाना के
पोशाक के
किसी व्यक्ति की पोशाक को देखकर हमें क्या पता चलता है
किसी व्यक्ति की पोशाक देखकर हमें उसका दर्जा तथा उसके अधिकारों का ज्ञान होता है।
पोशाक ही उसे आदर का पात्र बनाती है तथा नीचे झुकने से रोकती है।
मनुष्य के जीवन में पोशाक का बहुत महत्त्व है
सब
