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WorksheetsG8_HI_Ch3_शेर से साक्षात्कार
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
घोष बाबू ने राम सिंह को क्या आश्वासन दिया-
वह उनकी चिंता करे
वह उनकी चिंता ना करे
घर जाए
किसी से बात न करे
शेर के स्वागत के लिए क्या काफी था-
बंदूक की गोली
घोष बाबू का चाकू
घोष बाबू की डाँट
कैंची
घोष बाबू ने राम सिंह को बंदूक कहाँ रखने के लिए कहा-
पलंग के ऊपर
कुर्सी के नीचे
अलमारी की दराज़ में
चारपाई के ऊपर
राम सिंह घोष बाबू का कौन था-
मित्र
रिश्तेदार
नौकर
पड़ोसी
प्रस्तुत गद्यांश किस पाठ से लिया गया है-
प्रार्थना
शेर से साक्षात्कार
आप भले तो जग भला
यात्रा एक रात की
घोष बाबू ने कमरे का दरवाजा कब खोला?
जब उन्हें सर्दी लगी
जब उन्हें भूख लगी
जब उन्हें गर्मी लगी
जब उन्हें शेर के अंदर होने का एहसास हुआ
घोष बाबू शेर को मारने के लिए बंदूक का प्रयोग क्यों नहीं कर सकते थे?
क्योंकि बंदूक में गोली नहीं थी
क्योंकि राम सिंह बंदूक अपने साथ लेकर गया था
क्योंकि बंदूक अलमारी की दराज़ में रखी थी
क्योंकि बन्दूक टूटी हुई थी
शेर पलंग के नीचे घुसने की कोशिश क्यों कर रहा था?
सोने के लिए
खाने के लिए
अपने शिकार को पकड़ने के लिए
बाहर जाने के लिए
घोष बाबू पलंग के ऊपर क्यों आए?
सोने के लिए
बैठने के लिए
पलंग की तौल ठीक करने के लिए
शेर को मारने के लिए
दूसरे दिन राम सिंह को घोष बाबू किस अवस्था में मिले?
सचेत अवस्था में
अचेत अवस्था में
सोते हुए
हँसते हुए
घोष बाबू का घर कहाँ था ?
एक बड़े खेत के बीचों-बीच था
शहर से बाहर था
बीच गाँव में था
भीड़-भाड़ वाली जगह पर था
शेर ने घोष बाबू पर तुरंत आक्रमण क्यों नहीं किया ?
क्योंकि शेर को लगा वह मरा हुआ है
क्योंकि शेर ने उसे अपना जाल समझा
क्योंकि शेर को लगा वह उस पर आक्रमण कर देगा
क्योकि शेर खुश था
घोष बाबू ने सिर घुमा कर क्या देखा ?
एक भीमकाय शेर को देखा
एक चीते को देखा
हिरण को देखा
एक जंगली बाघ को देखा
शेर के माथे पर चोट कैसे लगी ?
जब वह कमरे में घुसा
जब उसने पलंग के नीचे घुसने की कोशिश की
जब उसने अलमारी के नीचे घुसने की कोशिश की
जब वह भागना चाह रहा था
घोष बाबू ने शेर को कैसे मारा ?
बंदूक से
तलवार से
चाकू से
कैंची से
जंगल का पर्याय है -
वन
खुशबू
पेड़
पौधे
शेर का पर्याय है-
सिंह
बकरी
चीता
घोड़ा
पीड़ा का पर्याय है-
खुशी
हँसी
दर्द
रोना
शरीर का पर्याय है-
काया
भय
नेत्र
हाथ
रात का पर्याय है-
सायं
प्रातः
रात्रि
दिन
अस्वाशन का शुद्ध रूप है-
अस्वासन
आश्वाशन
आश्वासन
आसवासन
साछात का शुद्ध शब्द है-
साक्षात
सआछात
साच्छात
स्च्छत
वरामदा का शुद्ध शब्द है-
वरांडाह
बरामदा
वर्मदा
वरदा
आकृमण का शुद्ध शब्द है -
आक्रमण
आक्रामण
आक्रमन
अकर्मण
आक्रति का शुद्ध रूप है -
आकृति
आक्रीति
आकर्ति
अकारती
