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Worksheetsउत्तम मार्दव
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
आत्मा और मान कषाय के भेद को अनुभव करके मान को छोड़ना क्या है ❓
उत्तम मार्दव गुण हैं
सरलता हैं
पवित्रता
निर्लोभ
मान कषाय के अभाव में आत्मा के धर्म का कौन से लक्षण प्रगट होता है।❓
अहिंसा धर्म
कोमलता , दया
जियो ओर जीने दो
सरलता
उत्तम मार्दव धर्म के प्रगट होने पर किस तरह के परिणाम जीव के नही होते है ❓
चोरी करने के
झुटन बोलने के
कठोर , निर्दय परिणामी
षाय के परिणाम
मान कषाय की मुख्यता किस गति में अधिक होती है ❓
नरक गति
देव गति
मनुष्य गति
तिर्यंच गति
मानी जीव किस गति में जाते है ❓
पंचम गति
तिर्यंच (मुख्यतः)
नरक गति
कोई नही
मान कषाय का क्या अर्थ हैं ❓
माननीय, सम्मानजनक
अहंकार , मद ,घमंड ,अभिमान
स्वयं को बड़ा समझना
स्व प्रशंसा करना
सबसे ज्यादा घातक कौन सी कषाय हैं ❓
संज्वलन मान
अप्रत्याख्यान मान
अनंतानुबन्धी मान
प्रत्याख्यान मान
कोमल परिणाम से कौन सी दशा होती है ❓
नरक व तिर्यंच
स्वर्ग व मोक्ष
देव व मनुष्य
आचार्य व साधु
अंतरंग व बहिरंग तप कब शोभित होते हैं
मार्दव गुण से
सम्यग्दर्शन से
आर्जव गुण से
मुनिपना से
इनमें से कौन मान कषाय में प्रसिद्ध हुए है।
श्रीधर
द्विपायन मुनिराज
दशानंद (रावण )
राजा वसु
शलखा पुरुषों में से किसमें मान कषाय मुख्यता से होती है ❓
बलभद्र
नारायण
प्रतिनारायण
नारद
मान महा विषरूप...करही नीच गति जगत में.... यह पंक्ति किसने लिखी
योगीन्दु देव जी
पवैया जी
द्यानत राय जी
कोई नही
इनमें से कोमल परिणाम से किसने उत्तम गति पाई ❓
तिनारायण नरक में
राजा विष्टा में कीड़ा
चांडाल ने देव गति
राजा त्रिलोक मंडन हाथी
मान के वशीभूत महा ऋद्धिधारी देव मरकर किस गति में जाते है ❓
नरक
शूकरा
एकेन्द्रिय में
चांडाल
बिना अपराध किये लोग बैरी क्यो हो जाते है ❓
क्रोध के कारण
अभिमान के कारण
स्वार्थ से
ईर्ष्या से
मार्दव गुण के धारक जीव में कौन सा गुण होता है ❓
निरभिमानी
विनम्र
विनयावंत
सभी
मैं स्वयं मार्दव स्वभावी आत्मा ही हूँ - किसका कथन हैं❓
व्यवहार नय
नैगम नय
निश्चय नय
असद्भूत व्यवहार नय
मान कषाय जीव का कौन सा भाव हैं ❓
पारिणामिक भाव
औदायिक भाव
क्षायिक भाव
सभी
मानादिक के विकारी भाव मेरे नहीं है , तो किस लिए मेरे कहे है ❓ यह किस अपेक्षा से कहा ❓
व्यवहार से जीव के कहने में आते हैं
निश्चय नय से जीव के नही
उभय नय से दोनों के हैं
दोनों के नही हैं
क्या मार्दव धर्म बिना सम्यकदर्शन के हो सकता है ❓
हाँ
नही
पता नही
कभी कभी
एक अति अभिमानी व्यक्ति जो जिनवानी , जिनधर्म का सेवक है , उसमे मार्दव धर्म को कैसे घटाएंगे ❓
जो सच्चे धर्मी हैं तो उनकी कषाय क्षमा
जीव अस्ति से मान कषाय रहित ही है ,कर्म के उदय रूपकदाचित ये क्षणिक औदायिक भाव झलक जाते है
आत्मा के द्रव्य में सभी कषाय भाव की नास्ति हैं। पर्याय में अस्ति है लेकिन पर्याय क्षणभंगुर हैं।
अनन्तानुबन्धी मान को किसकी उपमा दी गई हैं
करेले की बेल
लकड़ी का खम्बा
लोहे के खंभे
थर्माकोल का खम्बा
जरासंघ के सामने नारायण श्री कृष्ण की पराक्रमी सेना के विजय होने के बाद भी जरासंघ ने ..क्या नहीं छोड़ा ❓
सुदर्शन चक्र
राज्य पदा
युद्ध क्षेत्र
अहंकार
अर्धचक्री नारायण -प्रतिनारायण के नरक जाने का मुख्य कारण क्या हैं ❓❓
राज्य के प्रति आसक्ति का भाव
मान कषाय की अधिकता
तीव्र भोगाकांक्षा
सभी
दसलक्षण पर्व का आज कौन सा दिवस है ❓
प्रथम
द्वितीय
कोई नही
तृतीय
