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Worksheetsll उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म ll
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म किसे कहते हैं?
शुद्ध आचरण करना
समस्त संसार को छोड़कर प्राप्त पर्याय में प्रवृत्ति करना
समस्त विषयों में अनुराग छोड़कर निज स्वभाव में प्रवृत्ति करना
कुशील का त्याग
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म कब प्रकट होता हैं?
पंच इंद्रियों के विषयों के प्रति आसक्ति के अभाव में
त्रिवेद संबंधी विभावों के अभाव में
विवाह के अभाव में
उपर्युक्त सभी
ब्रह्मचर्य शब्द का क्या अर्थ है?
ब्रह्म = परम शुध्द, चर्य = आचरण
ब्रह्म = आत्मा , चर्य = रमणता
ब्रह्म = अस्पर्श , चर्य = चर्या
ब्रह्म = शुभ मूहूर्त , चर्य = चलना
त्तम आकिंचन्य धर्म और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म में क्या अंतर है?
उत्तम आकिंचन्य धर्म में परिगृह और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म में काम-भोग की प्रधानता है
उत्तम आकिंचन्य धर्म में ममत्व बुद्धि और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म में भोगतत्व बुद्धि के त्याग की प्रधानता है
उत्तम आकिंचन्य धर्म में एकत्व और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म में कर्तुत्व की प्रधानता है
दोनों धर्मों में मूलतः कोई अंतर नहीं है
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के सद्भाव में जीव की कैसी प्रवृत्ति नहीं होती है?
नाना प्रकार के भोग-विलास में तल्लीनता
इंद्रिय सुख के प्रति अरूचि
भोगों की मग्नता में सही-गलत , त्रस- स्थावर हिंसा का विवेक का न होना
भोगों में मग्नता
स्पर्शन इंद्रिय के प्रति तीव्र आसक्ति में कौन प्रसिद्ध है
हिरण
मेंढ़क
हाथी
मछली
रसना इंद्रिय के प्रति तीव्र आसक्ति में कौन प्रसिद्ध है?
पतंगा
मेंढ़क
हाथी
मछली
घ्राण इंद्रिय के प्रति तीव्र आसक्ति में कौन प्रसिद्ध है?
हिरण
पतंगा
भवरा
मछली
चक्षु इंद्रिय के प्रति तीव्र आसक्ति में कौन प्रसिद्ध है?
मेंढ़क
पतंगा
हाथी
मछली
कर्ण इंद्रिय के प्रति तीव्र आसक्ति में कौन प्रसिद्ध है?
हिरण
भवरा
हाथी
मछली
ब्रह्मचारी का विपरित करता कहलाता है?
विषयासक्त
भ्रष्टाचारी
व्यभिचारी
छद्मस्त
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का पालन किस गुणस्थान से प्रारंभ होता है?
प्रथम
चतुर्थ
पंचम
छठवां
ब्रह्मचर्य प्रतिमा का पालन किस गुणस्थान से प्रारंभ होता है ❓
प्रथम
चतुर्थ
पंचम
छठवां
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म किसके अभाव में प्रकट होता 8Iहै?
मोह
लोभ
कुशील
परिगृह
ब्रह्मचर्य बिना__समस्त निस्सार है।
प्रतिमा
व्रत-तप
ज्ञान
सम्यक्त्व
कंदर्प किसे कहते हैं?
कं = परिणाम , दर्प = दुष्कर्म
कं = कुशील, दर्प = मद
कं = कु, दर्प = दर्पण
कं = खोटा, दर्प = गर्व
काम को किसकी उपमा दी है?
बंधारि
संवरारि
निर्जरारि
मोक्षारि
ब्रह्यसू का करता अर्थ बताया है?
ब्रह्म = तप-संयम, सू = सुवति चलायमान करता है
ब्रह्म = ब्रह्मचर्य, सू =भला
ब्रह्म = ब्रह्मचर्य, सू = सुमति
ब्रह्म = ब्रह्मचर्य, सू = सुमति
ब्रह्मचर्य अणुव्रत और महाव्रत में क्या अंतर हैं ❓
कोई अंतर नही है।
अणुव्रत में विवाहिता स्त्री को छोड़ अन्य सभी से राग भाव का त्याग है और महाव्रत में सम्पूर्ण स्त्री सम्बन्धी राग भाव का त्याग हैं।
गुणस्थान भेद हो जाता हैं।।
दोनों सही है।
भाव कुशील किसे कहते है❓
शरीर संस्कार करना
अपनी ही देह की मग्नता , ।
इत्र ,फुलेल आदि से देह को सजाना
उपरोक्त सभी
मुनिराज शील के कितने दोषों से रहित होते हैं❓
9,000
18,000
18,0000
9,0000
ब्रह्मचर्य व्रत धारी कितनी बाढ़ को रोकते है ❓
9
11
19
सैकड़ों
ब्रह्मचारी कितने प्रकार की स्त्रियों के राग भाव के त्यागी होते हैं ❓❓
चौबीस
चौदह
चालीस
चार ं
इनमें से कौन मुनिराज की संगिनी बनती हैं ❓
पाषाण की स्त्री
चित्र की स्त्री
कष्ट (लकड़ी)की स्त्री
मुक्ति सुंदरी
ब्रह्मचर्य प्रतिमा , ब्रमचर्य अणुव्रत ,ब्रह्मचर्य महाव्रत में अंतर है ,क्या ❓
कोई ज्यादा अंतर नही हैं।
उत्तरोत्तर भावों की विशुद्धि बढ़ती जाती है।
अणुव्रत में एक देश त्याग , प्रतिमा में स्त्री का ही त्याग , महाव्रत में सभी प्रकार से स्त्री जाति के राग भाव का पूर्ण त्याग
भाव अपेक्षा से बहुत अंतर हैं।
