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WorksheetsBhag 1 revision gk
Total questions: 25
Worksheet time: 4mins
जैन धर्म किसे कहते हैं
राग द्वेष को जीतने वाले को जैन कहते हैं
जो जिन अरिहंत द्वारा चलाया गया वह जैन धर्म है
भगवान महावीर जैन धर्म के अंतिम प्रवर्तक थे
जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए हैं
जिन किसे कहते हैं
भगवान महावीर जैन धर्म के अंतिम प्रवर्तक थे
जैन धर्म के प्रथम प्रवर्तक भगवान ऋषभदेव थे
राग द्वेष को जीतने वाले को जिन कहते हैं
जो जिन अरिहंत द्वारा चलाया गया वह जैन धर्म है
जैन धर्म को किसने चलाया
जो जिन अरिहंत द्वारा चलाया गया वह जैन धर्म है
भगवान महावीर जैन धर्म के अंतिम प्रवर्तक थे
आचार्य भिक्षु तेरापंथ के संस्थापक थे
जैन धर्म के प्रथम प्रवर्तक भगवान ऋषभदेव थे
जैन धर्म के अंतिम प्रवर्तक कौन थे
भगवान महावीर जैन धर्म के अंतिम प्रवर्तक थे
आचार्य श्री महाश्रमण जी हमारे गुरु है
जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए हैं
साध्वी प्रमुखा कनक प्रभा जी
जैन धर्म में कितने तीर्थंकर हुए हैं
जैन धर्म 24 तीर्थंकर हुए हैं
भगवान महावीर जैन धर्म के अंतिम प्रवर्तक थे
जैन धर्म के मुख्य ग्रंथ को आगम कहते हैं
आचार्य भिक्षु तेरापंथ के संस्थापक थे
तेरापंथ के संस्थापक कौन थे
भगवान महावीर जैन धर्म के अंतिम प्रवर्तक थे
आचार्य भिक्षु तेरापंथ के संस्थापक थे
साध्वी प्रमुखा कनक प्रभा जी
जैन श्वेतांबर तेरापंथ
जैन धर्म के मुख्य ग्रंथ को क्या कहते हैं
जैन धर्म के मुख्य ग्रंथ को आगम कहते हैं
प्रेक्षा ध्यान
अणुव्रत आंदोलन
जैन श्वेतांबर तेरापंथ
हमारे देव कौन हैं
राग द्वेष को जीतने वाले को जैन कहते हैं
आचार्य भिक्षु तेरापंथ के संस्थापक थे
अरहंत भगवान महावीर स्वामी हमारे देव है
साध्वी प्रमुखा कनक प्रभा जी
हमारे गुरु कौन हैं
आचार्य श्री महाश्रमण जी हमारे गुरु है
आचार्य भिक्षु तेरापंथ के संस्थापक थे
अरहंत भगवान महावीर स्वामी हमारे देव है
साध्वी प्रमुखा कनक प्रभा जी
हमारा धर्म कौन सा है
प्रेक्षा ध्यान
अनुव्रत आंदोलन
जैन श्वेतांबर तेरापंथ
साध्वी प्रमुखा कनक प्रभा जी
हमारी महाश्रमणी कौन हैं
आचार्य श्री महाश्रमण जी हमारे गुरु है
आचार्य भिक्षु तेरापंथ के संस्थापक थे
अरहंत भगवान महावीर स्वामी हमारे देव है
साध्वी प्रमुखा कनक प्रभा जी
आचार्य श्री तुलसी ने कौन सा नैतिक आंदोलन चलाया
प्रेक्षा ध्यान
जैन श्वेतांबर तेरापंथ
अणुव्रत आंदोलन
जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए हैं
आचार्य महाप्रज्ञ ने किस ध्यान प्रणाली को शुरू किया
प्रेक्षा ध्यान
जैन श्वेतांबर तेरापंथ
अणुव्रत आंदोलन
जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए हैं
श्वास कहां से लेना चाहिए
नाक से
रीढ़ एवं गर्दन सीधी रखते हुए बैठना चाहिए
शक्ति बढ़ती है
स्फूर्ती आती है
पूरा आराम मिलता है
कैसे बैठना चाहिए
नाक से
रीढ़ एवं गर्दन सीधी रखते हुए बैठना चाहिए
शक्ति बढ़ती है
स्फूर्ती आती है
पूरा आराम मिलता है
सही तरीके से चलने से क्या लाभ है
नाक से
रीढ़ एवं गर्दन सीधी रखते हुए बैठना चाहिए
शक्ति बढ़ती है
स्फूर्ती आती है
पूरा आराम मिलता है
सही तरीके से खड़ा रहने से क्या लाभ है
नाक से
रीढ़ एवं गर्दन सीधी रखते हुए बैठना चाहिए
शक्ति बढ़ती है
स्फूर्ती आती है
पूरा आराम मिलता है
सही तरीके से सोने से क्या लाभ है
नाक से
रीढ़ एवं गर्दन सीधी रखते हुए बैठना चाहिए
शक्ति बढ़ती है
स्फूर्ती आती है
पूरा आराम मिलता है
तेरापंथ के साधु साध्वियों को नमस्कार करने के लिए क्या कहना चाहिए
वंदामि.नमंसामि
जय जिनेंद्र या ॐ अर्हम
मत्थएण वंदामि
समण समणियों को नमस्कार करने के लिए क्या कहना चाहिए
वंदामि.नमंसामि
जय जिनेंद्र या ॐ अर्हम
मत्थएण वंदामि
जैन पद्धति में अभिवादन के लिए क्या शब्द प्रयुक्त किया जाता है
वंदामि.नमंसामि
जय जिनेंद्र या ॐ अर्हम
मत्थएण वंदामि
क्या तेरापंथ मूर्ति पूजा में विश्वास करता है
विश्वास नहीं करता है
विश्वास करता है
दोनों उत्तर सही है
दोनों उत्तर गलत है
साधु लोग अपने मुंह पर क्या बांधते हैं
मुखवस्त्रिका
रजोहरण (ओघा )
काष्ठ से निर्मित पात्र में
साधु के साथ हमेशा साथ रहने वाली वस्तु क्या है
काष्ठ. से निर्मित पात्र में
रजोहरण (ओघा )
मुखवस्त्रिका
साधु आहार भोजन किस में करते हैं
काष्ठ. से निर्मित पात्र में
रजोहरण (ओघा )
मुखवस्त्रिका
